{"_id":"696d42c909888a976b04bebf","slug":"delhi-encroachment-free-land-in-front-of-turkman-gate-will-be-beautified-2026-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Green Delhi: तुर्कमान गेट के सामने अतिक्रमण मुक्त भूमि का होगा सौंदर्यीकरण, एमसीडी ने बनाई हरियाली की योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Green Delhi: तुर्कमान गेट के सामने अतिक्रमण मुक्त भूमि का होगा सौंदर्यीकरण, एमसीडी ने बनाई हरियाली की योजना
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 19 Jan 2026 02:00 AM IST
विज्ञापन
सार
इस भूमि को रामलीला मैदान का हिस्सा बनाया जाएगा। एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, तुर्कमान गेट के सामने की इस भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण से मुक्ता करा लिया गया और मलबा भी हटा दिया गया है।
file pic
- फोटो : पीटीआई
विज्ञापन
विस्तार
पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट के सामने लंबे समय से अतिक्रमण और अवैध कब्जे की चपेट में रही भूमि को हाल ही में मुक्त कराए जाने के बाद अब उस क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। एमसीडी ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार करनी शुरू कर दी है।
Trending Videos
जिसके तहत पहले भूमि की चहारदीवारी कराई जाएगी, उसके बाद वहां हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इस भूमि को रामलीला मैदान का हिस्सा बनाया जाएगा। एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, तुर्कमान गेट के सामने की इस भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण से मुक्ता करा लिया गया और मलबा भी हटा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसमें छोटा पार्क, पौधरोपण, घास लगाई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल न केवल इलाके की सुंदरता बढ़ाएगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण, तापमान संतुलन और स्थानीय लोगों को खुली जगह उपलब्ध कराने में भी मदद करेगी।
एमसीडी सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र को इस तरह विकसित किया जाएगा कि वह इलाके के विकास को चार चांद लगाएगा। भविष्य में यहां बैठने की व्यवस्था, पैदल पथ और पर्याप्त रोशनी की सुविधा भी विकसित की जा सकती है।
स्थानीय निवासियों ने एमसीडी की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटने से इलाके में आवागमन सुगम हुआ है और अब यदि यहां हरियाली विकसित की जाती है, तो यह लोगों के लिए एक आरामदायक और स्वच्छ स्थान बन सकता है।
कई लोगों ने यह भी मांग की है कि क्षेत्र की नियमित सफाई और निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो सके। एमसीडी अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।