ईरान में तनाव, दिल्ली पड़ रही 'कमजोर': राजधानी के बाजारों में दिख रहा असर, रमजान से पहले लोगों में बढ़ी चिंता
व्यापारियों के मुताबिक, ईरान से आने वाले पिस्ता की कीमत में करीब 20 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। अखरोट और किशमिश भी पहले के मुकाबले महंगे हो गए हैं।
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ईरान में बढ़ते राजनीतिक और सुरक्षा तनाव का असर राजधानी के बाजारों में साफ दिखने लगा है। दिल्ली के थोक और खुदरा बाजारों में सूखे मेवे और खजूर के दाम तेजी से बढ़े हैं। व्यापारियों के मुताबिक, सप्लाई चैन में आई दिक्कतों की वजह से माल समय पर नहीं पहुंच पा रहा है। रमजान से पहले बढ़ी कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
10 से 25 फीसदी तक बढ़े सूखे मेवे के दाम
दिल्ली के खारी बावली, सदर बाजार और चांदनी चौक जैसे प्रमुख थोक बाजारों में बादाम, पिस्ता, अखरोट, काजू और खजूर के दामों में पिछले कुछ हफ्तों में 10 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासतौर पर ईरान से आने वाले खजूर और पिस्ता सबसे ज्यादा महंगे हुए हैं। सूखे मेवों की बात करें तो बादाम और पिस्ता के दाम सबसे ज्यादा बढ़े हैं। खारी बावली के थोक व्यापारी सलीम ने बताया कि ईरान से आने वाला माल पहले तय समय पर पहुंच जाता था, लेकिन अब जहाजों की आवाजाही में परेशानी हो रही है। बीमा और परिवहन लागत भी बढ़ गई है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है।
पिस्ता और खजूर के दाम 10 से 25 फीसदी बढ़े
व्यापारियों के मुताबिक, ईरान से आने वाले पिस्ता की कीमत में करीब 20 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। अखरोट और किशमिश भी पहले के मुकाबले महंगे हो गए हैं। काजू पर भी असर पड़ा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता का असर दूसरे देशों से आने वाली सप्लाई पर भी दिख रहा है। आम उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी परेशानी का कारण बन गई है।
ईरान दुनिया के प्रमुख खजूर उत्पादक देशों में
सदर बाजार व्यापारी करण ने बताया कि ईरान दुनिया के प्रमुख खजूर उत्पादक देशों में शामिल है। हर साल रमजान से पहले लोग खजूर खरीदना शुरू कर देते हैं, लेकिन इस बार ग्राहक दाम सुनकर हैरान हो रहे हैं। कई लोग कम मात्रा में ही खरीद रहे हैं। वहीं, आयातकों के मुताबिक, कुछ शिप मेंट्स अटकी हुई हैं और नई खेप आने में समय लग सकता है। साथ ही, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय परिवहन खर्च भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि कुछ दुकानदारों को उम्मीद है कि फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में हालात थोड़े सुधर सकते हैं।
रमजान तक दाम नीचे आना मुश्किल
एक आयातक ने बताया कि अगर हालात सामान्य हुए तो सप्लाई धीरे-धीरे बेहतर हो सकती है, लेकिन रमजान तक दाम पूरी तरह नीचे आना मुश्किल है। फिलहाल दिल्ली के बाजारों में ग्राहक जरूरत के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं। दुकानदार भी ग्राहकों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि बढ़े हुए दाम उनकी मजबूरी हैं। ईरान में जारी तनाव कब खत्म होगा, यह कहना मुश्किल है, लेकिन उसका असर दिल्ली के आम लोगों की रसोई और त्योहारों की तैयारियों पर साफ नजर आने लगा है।