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Delhi: जेएनयू की सुरक्षा में 35 फीसदी महिला सुरक्षाकर्मी रखना अनिवार्य, आधुनिक उपकरणों से लैस एजेंसी की तलाश
ललित कौशिक, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 19 Jan 2026 04:57 AM IST
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सार
परिसर में पेट्रोलिंग के लिए क्यूआरटी वैन से लेकर महिला सुरक्षाकर्मियों की तादाद को 35 फीसदी किया जाएगा। परिसर में 24 घंटे उच्च स्तर की सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा एजेंसी की तलाश है।
JNU
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विस्तार
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी और सुरक्षाकर्मी आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। परिसर में पेट्रोलिंग के लिए क्यूआरटी वैन से लेकर महिला सुरक्षाकर्मियों की तादाद को 35 फीसदी किया जाएगा। परिसर में 24 घंटे उच्च स्तर की सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा एजेंसी की तलाश है। एजेंसी को 126 महिलाओं समेत 359 सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने होंगे।
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विश्वविद्यालय में तैनात सुरक्षा कर्मियों की संख्या के आधार पर पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा एक पद फायर सुरपवाइजर के लिए भी होगा। सुरक्षा एजेंसी को परिसर में विश्वविद्यालय की संपत्ति, संकाय, कर्मचारियों, छात्र, आधिकारिक आंगुतक और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित, लावारिस/अवैध वाहनों को टो करके ले जाने, प्रवेश द्वार पर नियंत्रण को नियमित करने, अनधिकृत निर्माण, परिसर में अतिक्रमण, तोड़फोड़, टहनियों/पेड़ों को तोड़ने रोकने जैसे कार्या के बारे में अधिकृत अधिकारियों को रिपोर्ट करना होगा। साथ ही जेएनयू में सामाजिक, धार्मिक और कार्यालय संबंधी कार्यक्रमों में सुरक्षा उपलब्ध करानी होगी।
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पेट्रोलिंग के लिए होगी क्यूआरटी
जेएनयू परिसर में पेट्रोलिंग के लिए चौबीसों घंटे (24x7)सुरक्षा वैन (क्यूआरटी) या एसयूवी उपलब्ध करानी होगी जो आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगी। वैन की चारों दिशा में रिकॉर्डिंग के लिए सीसीटीवी कैमरों का होना अनिवार्य है। चयनित एजेंसी फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी प्रदान करेगी। प्रत्येक सुरक्षा पर्यवेक्षक के पास दोपहिया वाहन का होना भी जरूरी है।
सुरक्षाकर्मी जीपीएस यूएचएफ से होंगे लैस
सुरक्षाकर्मी जीपीएस लैस अल्ट्रा हाई फ्रीक्वेंसी (यूएचएफ) कम्युनिकेशन डिवाइस की सुविधा से सुसज्जित होंगे। साथ ही केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से सुरक्षाकर्मी की स्थिति का पता लगाने के लिए कोई उसके पास जीपीएस जैसे अन्य उपकरण होने चाहिए। सुरक्षा एजेंसी के पास चोरी या आग आदि के कारण होने वाले किसी भी नुकसान की जांच करने के लिए विशेषज्ञ होने चाहिए।