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Delhi NCR News: जलभराव से निपटने के लिए एमसीजी ने टीमें 24 घंटे करेंगी निगरानी
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम ने मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। इसके तहत अभियांत्रिकी और स्वच्छता शाखा के अधिकारियों-कर्मचारियों की टीमें तैनात की गई हैं। यह टीमें शहर के सभी चिह्नित जलभराव संभावित स्थलों पर 24 घंटे निगरानी रखेंगी और त्वरित कार्रवाई करेंगी।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया के आदेशों के अनुसार, प्रत्येक जलभराव संभावित स्थल के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की नामवार ड्यूटी तय की गई है। इसके लिए कार्य रोस्टर भी जारी किया गया है। तैनात अधिकारी अपने क्षेत्र में नालों, ड्रेनों, गलियों और जल निकासी तंत्र की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करेंगे। जलभराव की स्थिति में पंप, सुपर सकर मशीन, जेसीबी और टैंकर जैसी मशीनरी तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों को मानसून प्रबंधन सेल और नियंत्रण कक्ष से लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें लोगों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान करना होगा। वर्षा के दौरान चिह्नित जलभराव संभावित स्थलों की निगरानी करते हुए जलभराव रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे।
जिम्मेदारियां और जवाबदेही
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना सक्षम अनुमति कोई भी अधिकारी या कर्मचारी आपातकालीन स्थिति में अपना निर्धारित स्थल नहीं छोड़ेगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारियों को नियमित फील्ड रिपोर्ट और भू-टैग की फोटो-वीडियो भी उपलब्ध कराने होंगे।
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आठ जोनों में चिह्नित स्थल
नगर निगम द्वारा जारी सूची में सभी आठ जोनों के प्रमुख जलभराव संभावित स्थलों को शामिल किया गया है। प्रत्येक स्थल पर कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, वरिष्ठ सफाई निरीक्षक और स्वच्छता सुपरवाइजर जैसे अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। प्रदीप दहिया ने कहा कि नागरिकों को जलभराव से राहत देना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम ने मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। इसके तहत अभियांत्रिकी और स्वच्छता शाखा के अधिकारियों-कर्मचारियों की टीमें तैनात की गई हैं। यह टीमें शहर के सभी चिह्नित जलभराव संभावित स्थलों पर 24 घंटे निगरानी रखेंगी और त्वरित कार्रवाई करेंगी।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया के आदेशों के अनुसार, प्रत्येक जलभराव संभावित स्थल के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की नामवार ड्यूटी तय की गई है। इसके लिए कार्य रोस्टर भी जारी किया गया है। तैनात अधिकारी अपने क्षेत्र में नालों, ड्रेनों, गलियों और जल निकासी तंत्र की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करेंगे। जलभराव की स्थिति में पंप, सुपर सकर मशीन, जेसीबी और टैंकर जैसी मशीनरी तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों को मानसून प्रबंधन सेल और नियंत्रण कक्ष से लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें लोगों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान करना होगा। वर्षा के दौरान चिह्नित जलभराव संभावित स्थलों की निगरानी करते हुए जलभराव रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे।
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जिम्मेदारियां और जवाबदेही
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना सक्षम अनुमति कोई भी अधिकारी या कर्मचारी आपातकालीन स्थिति में अपना निर्धारित स्थल नहीं छोड़ेगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारियों को नियमित फील्ड रिपोर्ट और भू-टैग की फोटो-वीडियो भी उपलब्ध कराने होंगे।
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आठ जोनों में चिह्नित स्थल
नगर निगम द्वारा जारी सूची में सभी आठ जोनों के प्रमुख जलभराव संभावित स्थलों को शामिल किया गया है। प्रत्येक स्थल पर कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, वरिष्ठ सफाई निरीक्षक और स्वच्छता सुपरवाइजर जैसे अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। प्रदीप दहिया ने कहा कि नागरिकों को जलभराव से राहत देना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।