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Transport Strike: बेनतीजा रही सरकार के साथ ट्रांसपोर्टरों की बैठक, अब पूरे देश में चक्का जाम की चेतावनी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Thu, 21 May 2026 10:26 PM IST
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सार

ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक दिल्ली सरकार के खाद्य, आपूर्ति एवं पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने स्वीकार किया कि उनकी मांगें और समस्याएं जायज हैं, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि कुछ तकनीकी और कानूनी पहलुओं के कारण राहत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना होगा। 

Meeting between Delhi Government and Transporters Ends Inconclusively Warning Issued of Nationwide Transport S
हड़ताल के कारण खड़े ट्रक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

चक्का जाम के पहले दिन सरकार और ट्रांसपोर्टरों के बीच हुई बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के नेतृत्व में हुई इस बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद ट्रांसपोर्ट संगठनों ने कहा है कि 23 मई तक चलने वाली ये हड़ताल जारी रहेगी। यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे पूरे देश में अनिश्चितकालीन चक्का जाम करने के लिए मजबूर होंगे।

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ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के मुताबिक पहले दिन दिल्ली की सीमाओं पर ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही। सामान्य दिनों में दिल्ली के विभिन्न प्रवेश द्वारों से रोजाना करीब 70,000 ट्रक गुजरते हैं, लेकिन हड़ताल के कारण ये संख्या सिमट कर केवल 100 से 200 के बीच रह गई। ये वो ट्रक थे जो या तो पहले से रास्ते में थे या हड़ताल शुरू होने से ठीक पहले दिल्ली में घुस चुके थे। ट्रांसपोर्टरों का दावा है कि इस आंदोलन को ड्राइवरों और छोटे ऑपरेटर्स का भारी समर्थन मिल रहा है, जिससे दिल्ली की रसद आपूर्ति (सप्लाई चेन) पर गहरा असर पड़ा है।

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मंत्री ने मानी मांगें, लेकिन नहीं निकला समाधान
ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक दिल्ली सरकार के खाद्य, आपूर्ति एवं पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने स्वीकार किया कि उनकी मांगें और समस्याएं जायज हैं, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि कुछ तकनीकी और कानूनी पहलुओं के कारण राहत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना होगा। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही सीएक्यूएम के अधिकारियों के साथ एक और बैठक कर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे।

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