NDMC Budget: एनडीएमसी का मुनाफे वाला बजट, पेश किया गया भविष्य की राजधानी का रोडमैप; संपत्ति कर में राहत
एनडीएमसी के चेयरमैन केशव चंद्रा ने बजट पेश करते हुए कहा कि नई दिल्ली देश की राजधानी का दिल है और यहां विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना हमारी जिम्मेदारी है।
विस्तार
एनडीएमसी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक बार फिर मुनाफे वाला बजट पेश किया। 2026-27 में कुल प्राप्तियां 5953.07 करोड़ रुपये और कुल खर्च 5810.02 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। एनडीएमसी के चेयरमैन केशव चंद्रा ने बजट पेश करते हुए कहा कि नई दिल्ली देश की राजधानी का दिल है और यहां विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट विकास भी, विरासत भी की सोच पर आधारित है और विजन @2047 के अनुरूप नई दिल्ली को एक सतत, लचीली और भविष्य के लिए तैयार राजधानी बनाने की दिशा में ठोस कदम है।
बजट की बड़ी घोषणा यह रही कि संपत्ति कर की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई। इसके साथ ही एनडीएमसी ने भारत सरकार की तर्ज पर इनोवेशन फंड की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य अत्याधुनिक और नवीनतम तकनीकों को नगर निकाय के कामकाज में लागू करना है। वहीं पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बजट में कई अहम पहलें शामिल की गई हैं। भारती नगर में विकेंद्रीकृत एसटीपी के माध्यम से हाइड्रोजन और बिजली उत्पादन की योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे प्लांट को सेल्फ-सस्टेनेबल बनाया जा सके। इसके अलावा, टेरी के सहयोग से नेट जीरो कार्बन एमिशन बेंचमार्क तय करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिसके तहत एनडीएमसी क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से उत्सर्जन मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
वायु गुणवत्ता सुधार के लिए एनडीएमसी डस्ट फ्री सिटी की दिशा में काम कर रही है। हाथ से झाड़ू लगाने के बजाय वैक्यूम आधारित मैकेनाइज्ड क्लीनिंग, सड़कों और पेड़ों की नियमित धुलाई, मिस्ट स्प्रे सिस्टम और एंटी-स्मॉग गन जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। पानी की बचत और वैकल्पिक स्रोत विकसित करने के लिए स्मार्ट सिंचाई प्रणाली को 11 सड़कों पर लागू किया जा रहा है, जबकि 2026-27 में इसे 13 और सड़कों व तीन प्रमुख बगीचों में विस्तारित करने का प्रस्ताव है। बंद पड़े कुओं, बोरवेल और भूमिगत टैंकों को फिर से सक्रिय किया जा रहा है और 24x7 जल आपूर्ति की पायलट परियोजना विनय मार्ग क्षेत्र में प्रगति पर है।
शहरी हरियाली बढ़ाने के लिए मियावाकी फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा, जिसकी शुरुआत नजफ खान रोड के पास लोधी कॉलोनी क्षेत्र से होगी। वहीं, फोटो-ल्यूमिनसेंट सोलर पेंट को सड़कों, साइनेज और फ्लोर पर प्रयोगात्मक रूप से लागू किया जाएगा, जिससे रात में रोशनी के लिए बिजली पर निर्भरता घटेगी।
स्वच्छता, बाजार और नाइट मार्केट
खान मार्केट, कनॉट प्लेस, सरोजिनी नगर जैसे इलाकों में रात्रिकालीन गहन सफाई अभियान पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया गया है। अनुपम कॉलोनी जीरो-वेस्ट मॉडल को 15 और कॉलोनियों में दोहराने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही एनडीएमसी क्षेत्र में नाइट बाजार शुरू करने की योजना भी बजट का अहम हिस्सा है।
सुरक्षा, सीसीटीवी और सेफ सिटी
दिल्ली पुलिस के सहयोग से निर्भया फंड के तहत सेफ सिटी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस कड़ी में 82 सीसीटीवी कैमरे पहले ही आईसीसीसी से जोड़े जा चुके हैं और 2000 से अधिक नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया जारी है।
बजट की प्रमुख बातें
- एनडीएमसी ने 2026-27 के लिए 143.05 करोड़ रुपये के अनुमानित मुनाफे के साथ लगातार लाभकारी बजट पेश किया, जबकि संपत्ति कर की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई
- बजट में हाइड्रोजन व बिजली उत्पादन, नेट जीरो कार्बन लक्ष्य, डस्ट फ्री स्वच्छता, मियावाकी वानिकी और सौर ऊर्जा संवर्धन जैसी हरित पहलों पर खास जोर दिया गया है
- जल प्रबंधन के तहत स्मार्ट सिंचाई प्रणाली, 24x7 जल आपूर्ति पायलट, नए जल नियंत्रण कक्ष और एआई आधारित बाढ़ पूर्वानुमान की योजना शामिल है
- शिक्षा और मानव संसाधन विकास के लिए एआई आधारित लर्निंग, वर्ल्ड-क्लास स्कूल, खेल प्रशिक्षण, कर्मचारियों के प्रमोशन, पेंशन निपटान और कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के लिए मेडिकल स्कीम का प्रावधान किया गया है
- स्वच्छता, बाजार विकास और सुरक्षा के लिए नाइट क्लीनिंग अभियान, नाइट मार्केट की शुरुआत और 2000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव रखा गया है
- 5953.07 करोड़ रुपये की कुल प्राप्तियों और 943.84 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च के साथ यह बजट नई दिल्ली को स्मार्ट, सुरक्षित और टिकाऊ राजधानी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है
एनडीएमसी बजट : कनॉट प्लेस सुपर बाजार का होगा पुनर्विकास
एनडीएमसी बजट 2026-27 में नई दिल्ली को विश्वस्तरीय, हरित और स्मार्ट राजधानी बनाने के लक्ष्य के साथ प्रमुख इलाकों के पुनर्विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बजट में शहरी ढांचे, सड़क, सफाई, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं को आधुनिक रूप देने की स्पष्ट रूपरेखा सामने आई है। एनडीएमसी पर्यटन केंद्र कनॉट प्लेस स्थित सुपर बाजार का यहां स्थित अन्य भवनों की तरह पुनर्विकास करेगी। इसके अलावा खान मार्केट और सरोजिनी नगर में नाइट क्लीनिंग को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है।
इसका उद्देश्य 24x7 सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करना और इन इलाकों को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित व पर्यटक-अनुकूल बनाना है। नई दिल्ली के 11 प्रमुख मार्गों पर स्मार्ट सिंचाई प्रणाली लागू की जा चुकी है, जिससे पार्कों, फुटपाथों और हरित पट्टियों में जल की बर्बादी रुकेगी। बजट 2026-27 में इसे 13 और सड़कों और तीन बड़े पार्कों तक विस्तार दिया जाएगा। वहीं एनडीएमसी को आरडीएसएस योजना के लिए चुना गया है और 2028 तक 100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ने का लक्ष्य रखा गया है। मानसून प्रबंधन, सीवर लाइनों की आधुनिक तकनीक से मरम्मत और सोलर चार्ज पेंट जैसी पहलें भी शहरी पुनरविकास का हिस्सा हैं।
एनडीएमसी बजट : शिक्षा जगत में एआई बनेगा भविष्य की रीढ़
एनडीएमसी बजट 2026-27 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को भविष्य की रीढ़ मानते हुए शिक्षा और नवाचार को केंद्र में रखा गया है। बजट में एआई आधारित योजनाओं को न केवल विस्तार दिया है, बल्कि इसे स्कूली शिक्षा से जोड़कर नई दिल्ली को टेक्नोलॉजी-रेडी सिटी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि वर्तमान में एनडीएमसी के तहत 300 से अधिक छात्र एआई-प्रशिक्षित हैं। ये छात्र होमी लैब के सहयोग से एआई की बुनियादी समझ, 15 से अधिक आधुनिक एआई टूल्स और उनके व्यावहारिक उपयोग पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके हैं। यह पहल एआई में आकांक्षी भारत की उस सोच को आगे बढ़ाती है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को देश के विकास का डबल इंजन बनाया जा रहा है।
बजट 2026-27 में इस कार्यक्रम को और विस्तार देते हुए एआई फॉर ऑल योजना को कक्षा सात से 12 तक लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि एआई समाधान विकसित करने वाला बनाना है। इससे नई दिल्ली के सरकारी स्कूलों के छात्र भी भविष्य की नौकरियों और स्टार्ट-अप संस्कृति के लिए तैयार हो सकेंगे। एनडीएमसी बजट में इननोवेशन फंड की घोषणा भी की गई है, जो नई सोच, नई तकनीक और स्टार्ट-अप आइडिया को बढ़ावा देगा।
यह फंड शहरी समस्याओं के लिए एआई आधारित समाधान, स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं को विकसित करने में मदद करेगा। एनडीएमसी स्कूलों में ऑनलाइन एडमिशन से लेकर छात्रों की पूरी अकादमिक यात्रा को ट्रैक करने के लिए पूरी तरह डिजिटल आईटी सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और डेटा-आधारित निर्णय संभव होंगे, जो एआई आधारित शिक्षा का आधार बनेंगे। नवयुग स्कूल, पंडारा रोड को सिटी मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि नवयुग स्कूल, सरोजिनी नगर को भी मॉडल स्कूल बनाने का निर्णय लिया गया है। इन स्कूलों को भविष्य में एआई-आधारित लर्निंग सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना है।