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Delhi NCR News: न सड़कें बनीं न सीवर...निवासियों को सता रहा डेंगू का डर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 08:59 PM IST
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- बदहाल राम नगर विस्तार, न सड़कें बनीं न सीवर बदले, डेंगू का बढ़ा खतरा
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- गंदगी, मच्छरों और असुरक्षा से जूझ रहे लोग, जिम्मेदार एजेंसियों पर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। राम नगर विस्तार में बुनियादी सुविधाओं की कमी से स्थानीय लोग परेशान हैं। आरोप है कि दिल्ली नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड और लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते इलाके में न तो सड़कों का निर्माण हुआ और न ही वर्षों से सीवर पाइपलाइन बदली गई। इससे लोगों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार को क्षेत्र में अमर उजाला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान लोकेश पांचाल, शान शर्मा, रवि कुमार गोयल, रूपेश कटारिया, योगेश पांचाल, राजीव शर्मा, सीताराम निम्मी, दीपक अग्रवाल, नीतू कागरा, अनिल कुमार शर्मा, अरविंद कुमार, प्रकाश चंद, मुकेश पांचाल, यश कुमार और प्रदीप कुमार समेत बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं हुआ है, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि नाला नंबर-52 के पास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है और पुलिस गश्त न होने से महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। निवासियों ने प्रशासन से जल्द समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
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लोगों की जुबानी -
हनुमान मंदिर से भगवानपुर खेड़ा तक कीटनाशक छिड़काव जरूरी है। तभी मच्छर जनित बीमारियों से राहत मिल पाएगी। - लोकेश पांचाल (अध्यक्ष)

सीवर पाइपलाइन जगह-जगह से टूटी हुई है। गंदा पानी सड़कों पर बहता है, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। - राजीव शर्मा

दिन में भी मच्छरों का आतंक बना रहता है। लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं, खतरा बढ़ रहा है। - मुकेश पांचाल

नाला नंबर-52 के पास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। महिलाओं पर फब्तियां कसना आम हो गया है। - सीताराम निम्मी
डॉक्टर वीरसेन वाली गली में कुत्तों का आतंक है। रोजाना लोग शिकार हो रहे हैं और गंदगी भी बढ़ रही है। - रूपेश कटारिया

सड़क किनारे पेड़ों की टहनियां झुकी हुई हैं। इनकी छंटाई न होने से हादसे का खतरा बना रहता है। - दीपक अग्रवाल
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