Noida Protest: उपद्रव मामले में 18 और गिरफ्तार, 70 फीसदी उद्योगों में फिर काम शुरू; प्रकरण पर सीएम योगी सक्रिय
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि हिंसा फैलाने के लिए तीन समूहों ने 80 से ज्यादा व्हाट्सएप ग्रुप बनाए, जिनमें से 17 का सत्यापन कर लिया गया है। इनके बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स से जानकारी मांगी गई है।
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पुलिस ने नोएडा में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन और आगजनी के मामले में मजदूर बिगुल दस्ता संगठन के प्रमुख रूपेश राय समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, उपद्रव के लिए यही संगठन जिम्मेदार है। इस बीच, वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद बेपटरी हुई व्यवस्था अब पटरी पर लौटने लगी है। वेतन बढ़ने के बाद जहां हंगामा थमा है, वहीं, श्रमिक भी काम पर लौटने लगे हैं। लगभग 70 फीसदी उद्योगों में फिर से काम शुरू हो गया है।
पुलिस जांच में पता चला कि मजदूर बिगुल दस्ता से जुड़े लोग फैक्टरी एरिया में घूम-घूम कर श्रमिकों को भड़का रहे थे। बताया जा रहा है कि मानेसर में भी इसी संगठन के लोगों ने फैक्टरी में हिंसा करवाई थी। संवेदनशील क्षेत्रों फेज-2 में सेक्टर-84, नयागांव, मदरसन कंपनी, सेक्टर-80, 85, 63, 62, 64 और 67 समेत सेक्टर-15 में पुलिस की टुकड़ियां तैनात रहीं। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने कहा कि पुलिस की टीम लगातार चौकसी बरत रही है। कंपनियों में काम शुरू हो गया है। हिंसा में 300 से अधिक कंपनियों में तोड़फोड़ व आगजनी की गई थी।
मजदूरों के प्रदर्शन को देखते हुए फेज-1, 2 और 3 में कंपनियों के गेट के बाहर नोटिस चस्पा कर बढ़ाए गए वेतन की जानकारी दी गई। कुछ कंपनियों में वेतन वृद्धि के पोस्टर नहीं लगने से श्रमिकों ने हंगामा किया, लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें हटा दिया।
राजद प्रवक्ता प्रियंका व कंचना पर एफआईआर
श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर गलत वीडियो डालने के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती और कंचना यादव के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
- आरोप है कि दोनों ने पुराना व दूसरे स्थान का वीडियो नोएडा का बताकर पोस्ट किया था
80 से ज्यादा व्हॉट्सएप ग्रुप बनाए...
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि हिंसा फैलाने के लिए तीन समूहों ने 80 से ज्यादा व्हाट्सएप ग्रुप बनाए, जिनमें से 17 का सत्यापन कर लिया गया है। इनके बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स से जानकारी मांगी गई है।
श्रमिक अधिकारों से समझौता नहीं...श्रमिकों के अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सम्मान, समय पर पूरा वेतन और वैधानिक सुविधाएं मिलना हर श्रमिक का अधिकार है। इसके हनन पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अफवाह फैलाने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा।
-योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
