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Noida: महिलाएं चला रही थीं ठगी का सेंटर, 250 युवाओं से जालसाजी, गिरोह की सरगना समेत कई शातिर गिरफ्तार
Wed, 29 Jul 2026 06:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 29 Jul 2026 06:35 AM IST
सार
इस सेंटर को महिलाएं चला रही थीं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक 250 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नोएडा कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस और साइबर टीम ने सोमवार रात अट्टा मार्केट में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को नौकरी का सपना दिखाकर ठगने वाले गिरोह और उसके अवैध कॉल सेंटर का खुलासा किया है। इस सेंटर को महिलाएं चला रही थीं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक 250 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
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पुलिस ने गिरोह की सरगना श्वेता सिंह उर्फ प्रिया, नीजू यादव, कीर्ति सिंह उर्फ मीरा, पूजा, रूपेश कुमार और आमीर राणा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों पर विभिन्न कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पंजीकरण, प्रोसेसिंग और अन्य शुल्क के नाम पर रुपये वसूलने का आरोप है।
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पुलिस के अनुसार गिरोह का संचालन सेक्टर-27 स्थित एक कार्यालय से किया जा रहा था। आरोपी सबसे पहले जस्ट डायल जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नौकरी उपलब्ध कराने के विज्ञापन डालते थे। इसके अलावा नोएडा के मेट्रो स्टेशनों, बाजारों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्चे चिपकाकर और बांटकर बेरोजगार युवाओं तक पहुंच बनाते थे।
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विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले अभ्यर्थियों को कॉल सेंटर बुलाया जाता था जहां उन्हें नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया जाता था। आरोपी उम्मीदवारों से रजिस्ट्रेशन फीस, इंटरव्यू शुल्क, फाइल चार्ज, यूनिफॉर्म और मेडिकल जांच के नाम पर अलग-अलग रकम जमा कराते थे। भुगतान के बाद उन्हें आश्वासन दिया जाता कि कुछ ही दिनों में नियुक्ति पत्र मिल जाएगा, लेकिन न नौकरी मिलती थी और न ही जमा की गई रकम वापस की जाती थी।
डेढ़ साल से चल रहा था सेंटर
पुलिस ने मौके से तीन मोबाइल फोन, 11 फीस बुक, चार रसीद बुक, 22 प्रचार-प्रसार के पंपलेट और 20 अभ्यर्थियों के भरे हुए आवेदन पत्र बरामद किए हैं। बरामद दस्तावेजों और मोबाइल फोन के आधार पर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था और ठगी की रकम किन खातों में भेजी जाती थी। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपी करीब डेढ़ साल से यहां अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे।