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Delhi: सुप्रीम कोर्ट में गाली-गलौज करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दो विधि छात्रों को कोर्ट ने दी जमानत
Wed, 29 Jul 2026 11:48 AM IST
Vijay Singh Pundir
डिजिटल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:48 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
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दिल्ली की एक अदालत ने दो विधि छात्रों को जमानत दे दी है। इन स्टूडेंट्स को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान गाली-गलौज करने, सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट करने और कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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यह मामला उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले और लखनऊ यूनिवर्सिटी में लॉ के थर्ड ईयर के छात्र प्रबल प्रताप सिंह (24), रायबरेली जिले के लॉ के सेकंड ईयर के छात्र चंद्र भान (23) से संबंधित था। अदालत उनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
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अदालत ने उन्हें 25,000 रुपये का जमानत बॉन्ड और श्योरिटी बॉन्ड भरने पर जमानत दे दी। इसके साथ ही कुछ शर्तें भी रखी गईं, जैसे कि जरूरत पड़ने पर आरोपियों को जांच या ट्रायल में शामिल होना होगा और भविष्य की सभी अदालती कार्यवाही के दौरान सख्त मर्यादा बनाए रखनी होगी।
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जानें क्या है मामला
डुप्लेक्स टेक्नोलॉजीज सर्विसेज प्रा. लि. के खिलाफ धोखाधड़ी और अनियमितता के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच कराने की मांग को लेकर प्रबल ने स्पेशल सीजेएम कस्टम की अदालत में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने याचिका को परिवाद के रूप में दर्ज कर लिया था, जबकि प्रबल केस दर्ज कराना चाहता था।
कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ वह इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ पहुंचा। हाईकोर्ट ने भी उसकी याचिका खारिज कर दी थी। प्रबल ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश देने की मांग की थी कि कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। मांग पूरी नहीं होने पर वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जहां उसने अपशब्द भाषा बोले थे।
पुलिस ने बताया कि प्रबल प्रताप सिंह ने 'अपमानजनक और असंसदीय भाषा' का प्रयोग करते हुए, अदालत कक्ष में कागज फेंककर और हंगामा खड़ा करके कार्यवाही को बाधित किया था।