डेढ़ करोड़ की चोरी: निवेश के लिए ली रकम कर ली चोरी, छह गिरफ्तार; 400 से ज्यादा कैमरों की फुटेज से खुला राज
सीए फर्म से जुड़े निवेश के करीब डेढ़ करोड़ रुपये गैराज से चोरी हुए। मुख्य आरोपी अवनीश कुमार सहित छह लोग गिरफ्तार हुए, 1.48 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं।
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सीए फर्म से जुड़े काम के नाम पर निवेश के लिए जुटाई गई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की रकम फर्म संचालक के साथियों ने चोरी कर ली। सेक्टर-25 स्थित गैराज में रखी नकदी की चोरी का कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने मंगलवार को पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1.48 करोड़ रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद हुई है। चोरी के बाद आरोपी रकम को आपस में बांटने की तैयारी में थे। हालांकि इससे पहले पुलिस को इसकी भनक लग गई।
डीसीपी नोएडा साद मियां खान ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में अवनीश कुमार, पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा, जितेंद्र कुमार, सुमित कुमार, अनिल कुमार और नीशू चौहान शामिल हैं। अवनीश इस मामले का मुख्य आरोपी है। वह आशीष, आदर्श और भरत के साथ सीए फर्म से जुड़े काम में शामिल था। आशीष इस फर्म का मुख्य संचालक है। सभी निवेश के नाम पर लोगों से रकम लेकर उसे बाजार में लगाने और मुनाफा देने का दावा करते थे। पुलिस जांच में सामने आया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने आशीष को करीब डेढ़ करोड़ रुपये निवेश के लिए दिए थे। आशीष ने रकम को अपने घर के गैराज में सुरक्षित रख दिया। निवेश के बदले एक साल में रकम को डेढ़ से दो गुना करने और हर महीने अच्छा मुनाफा देने की बात कही गई थी।
गैराज में इतनी बड़ी रकम रखे होने की जानकारी आशीष के साथ काम करने वाले अवनीश, आदर्श और भरत को भी थी। अवनीश ने भी आशीष को करीब 46 लाख रुपये निवेश के लिए दिए थे। उसे अपेक्षित मुनाफा नहीं मिल रहा था। इसके चलते वह परेशान था। गैराज में डेढ़ करोड़ रुपये रखे होने की जानकारी मिलने के बाद उसने रकम हड़पने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार अवनीश ने अपने पांच साथियों और रिश्तेदारों को साजिश में शामिल किया। आरोपियों ने 11 अगस्त को मौका देखकर सेक्टर-25 स्थित गैराज से पूरी रकम चोरी कर ली। वारदात के बाद सभी अलग-अलग हो गए और नकदी अपने पास रख ली।
वारदात की जानकारी मिलने पर सेक्टर-20 थाना पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए तीन टीमें गठित की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आरोपियों के संभावित रास्तों तक लगे 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में करीब 20 ऐसी कारें सामने आईं, जिनके नंबर संदिग्ध या गलत दिखाई दिए। पुलिस ने इन वाहनों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद ली गई। पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपी जल्द ही चोरी की रकम का आपस में बंटवारा करने वाले हैं। मंगलवार को सभी आरोपी रजनीगंधा चौराहे से फिल्मसिटी की ओर जाने वाले रास्ते पर एकत्र हुए। तभी सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से 1.48 करोड़ रुपये बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने गैराज से रकम चोरी करने की बात स्वीकार की।
एक साल से टीपीएफ में काम कर रहा था मुख्य आरोपी
गिरोह का मुख्य आरोपी अलीगढ़ निवासी अवनीश कुमार (33) बीएससी पास है। वह करीब एक साल से ट्रेडिंग प्रॉफिट फंड (टीपीएफ) में काम कर रहा था। वहीं मथुरा निवासी पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा (28) वह दिल्ली-एनसीआर और मथुरा में ओला-उबर टैक्सी चलाता है। हाथरस निवासी जितेंद्र कुमार (24) शराब की दुकान पर सेल्समैन है। एटा निवासी सुमित कुमार (22) वर्तमान में फेज-2 क्षेत्र में रहकर निजी नौकरी करता है। अलीगढ़ निवासी अनिल कुमार (22)भी शराब की दुकान पर सेल्समैन है। अलीगढ़ निवासी नीशू चौहान (29) खेती करता है।
तीन आरोपियों का आपराधिक इतिहास
एसीपी प्रवीण सिंह ने बताया कि पवन उर्फ शिवम के खिलाफ मथुरा और नोएडा के विभिन्न थानों में नौ एफआईआर दर्ज हैं। अनिल कुमार के खिलाफ हाथरस और नोएडा में छह मामले जबकि जितेंद्र के खिलाफ बुलंदशहर और नोएडा में तीन प्राथमिकी दर्ज हैं। पुलिस अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है।
भरोसे से शुरू हुआ कारोबार, लालच पर टूटा
अवनीश और आशीष के बीच कारोबारी संबंध थे। दोनों एक-दूसरे के काम और पैसों से जुड़ी जानकारी रखते थे। अवनीश ने आशीष को करीब 46 लाख रुपये निवेश के लिए दिए थे। दोनों में अच्छी दोस्ती भी थी। अवनीश का जब गैराज में करीब डेढ़ करोड़ रुपये रखे होने की जानकारी मिली तो लालच आ गया। पुलिस के अनुसार यहीं से उसके मन में रकम हड़पने की योजना बनी। उसने अपने साथियों को शामिल किया और मौका देखकर वारदात को अंजाम दे दिया।
50 करोड़ से अधिक के निवेश कारोबार की भी जांच शुरू
डेढ़ करोड़ रुपये चोरी होने के बाद पुलिस अब उस पूरे कारोबार की भी पड़ताल कर रही है, जिसके नाम पर रकम जुटाई गई थी। पुलिस यह पता कर रही है कि आशीष और उसके साथी निवेश के नाम पर अब तक कितने लोगों से रकम ले चुके हैं। रकम किन कारोबार या बाजारों में लगाई गई और निवेशकों को कितना मुनाफा दिया गया, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को यह भी पता लगाना है कि निवेश से जुड़े इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। डीसीपी साद मियां खान ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम को सम्मानित करने की बात कही है।