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Noida News: औद्यानिक कचरे से बायो-सीएनजी
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औद्यानिक कचरे से बनेगी बाॅयो-सीएनजी
नोएडा। शहर के पार्कों, ग्रीन बेल्ट से निकलने वाले औद्यानिक कचरे से कंप्रेस्ड बायोगैस (बायो-सीएनजी) बनेगी। इस तरह यह कचरा समस्या नहीं रहेगा। प्राधिकरण ने यह रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर एजेंसियों से 7 सितंबर तक आवेदन मांगे हैं। मार्च 2025 को सेक्टर-32 ए स्थित डंपिंग ग्राउंड में आग लगने के बाद से अब तक औद्यानिक कचरा निस्तारण की कोई ठोस व्यवस्था शहर में नहीं है। बीच में कुछ जगहों पर छोटे प्लांट लगाने की योजना प्राधिकरण के उद्यान विभाग ने बनाई तो सेक्टरों से विरोध हुआ। वहीं एजेंसी को निस्तारण की जिम्मेदारी देने की व्यवस्था में कोई एजेंसी आगे नहीं आई थी। उद्यान विभाग के निदेशक आनंद मोहन ने बताया कि शहर के सेक्टरों, पार्क और ग्रीन बेल्ट से निकलने वाले औद्यानिक कचरे का निस्तारण नोएडा प्राधिकरण वैज्ञानिक ढंग से करवाएगा। शहर से करीब 100 टन औद्यानिक कचरा निकलता है। ब्यूरो
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नोएडा। शहर के पार्कों, ग्रीन बेल्ट से निकलने वाले औद्यानिक कचरे से कंप्रेस्ड बायोगैस (बायो-सीएनजी) बनेगी। इस तरह यह कचरा समस्या नहीं रहेगा। प्राधिकरण ने यह रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर एजेंसियों से 7 सितंबर तक आवेदन मांगे हैं। मार्च 2025 को सेक्टर-32 ए स्थित डंपिंग ग्राउंड में आग लगने के बाद से अब तक औद्यानिक कचरा निस्तारण की कोई ठोस व्यवस्था शहर में नहीं है। बीच में कुछ जगहों पर छोटे प्लांट लगाने की योजना प्राधिकरण के उद्यान विभाग ने बनाई तो सेक्टरों से विरोध हुआ। वहीं एजेंसी को निस्तारण की जिम्मेदारी देने की व्यवस्था में कोई एजेंसी आगे नहीं आई थी। उद्यान विभाग के निदेशक आनंद मोहन ने बताया कि शहर के सेक्टरों, पार्क और ग्रीन बेल्ट से निकलने वाले औद्यानिक कचरे का निस्तारण नोएडा प्राधिकरण वैज्ञानिक ढंग से करवाएगा। शहर से करीब 100 टन औद्यानिक कचरा निकलता है। ब्यूरो