इंजीनियर मौत मामला: खंभे के पास पहुंचते ही झटके से गिरे आर्यन, CCTV ने उठाए बड़े सवाल- मौत का जिम्मेदार कौन?
आर्यन (27) नोएडा के सेक्टर-22 में अपनी मां के साथ रहते थे। वह सेक्टर-58 में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। बृहस्पतिवार सुबह वह पैदल अपनी कंपनी की ओर जा रहे थे। सड़क पर जलभराव था। इससे बचने के लिए आर्यन नाले की पटरी से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में करीब 51 सेकंड की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है।
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विस्तार
नोएडा सेक्टर-58 में बारिश के दौरान इंजीनियर की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जिसमें आर्यन बिजली के खंभे के पास पहुंचते ही अचानक झटका खाकर गिर जाते हैं। उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ा राहगीर भी करंट महसूस करते ही पीछे हट जाता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मूलरूप से फर्रुखाबाद निवासी आर्यन (27) नोएडा के सेक्टर-22 में अपनी मां के साथ रहते थे। वह सेक्टर-58 में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। बृहस्पतिवार सुबह वह पैदल अपनी कंपनी की ओर जा रहे थे। सड़क पर जलभराव था। इससे बचने के लिए आर्यन नाले की पटरी से गुजर रहे थे।
इस मामले में करीब 51 सेकंड की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है जिसमें आर्यन भी सामान्य रूप से आगे बढ़ रहे हैं। जब वह बिजली के पोल के समीप पहुंचते हैं तो झटका खाकर गिर जाते हैं। उसके साथ चल रहा युवक उसे उठाने के लिए दौड़ता है लेकिन करंट का झटका लगने का अहसास होते ही तुरंत पीछे हट जाता है। इसके बाद आसपास मौजूद लोग भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। कोतवाली प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी व अन्य साक्ष्य देखे जा रहे हैं।
आखिरी कैसे हुई आर्यन की मौत? इस हादसे का जिम्मेदार कौन?
पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है जिसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट होगा।
प्राधिकरण-बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
परिजनों ने नोएडा प्राधिकरण और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जलभराव, खुले नाले और बिजली व्यवस्था की अनदेखी ने युवक की जान ले ली। स्थानीय लोगों ने भी बारिश के मौसम में बिजली के खंभों और जलभराव वाले इलाकों की विशेष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बिजली निगम बोला- विद्युत आपूर्ति बंद थी
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता तकनीकी विवेक कुमार का कहना है कि इंजीनियर की मौत करंट लगने से नहीं हुई है। बारिश के दौरान विद्युत आपूर्ति बंद थी।
मौके पर वर्क सर्कल की तरफ से स्लैब ठीक करवा दिया गया है। नाले की गहराई डेढ़-दो फिट के बीच में है। सीसीटीवी फुटेज, अन्य प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, नाले में करंट उतरने की बात सामने आई है। - एस पी सिंह, जीएम, नोएडा प्राधिकरण
जिम्मेदारों को क्यों नहीं दिखते ये खतरे
प्रदेश में जिस शहर की सफलता के गुण गाए जाते हैं वहां के सिस्टम की नाकामी से अक्सर किसी का भाई, किसी का बेटा और किसी का संसार उजड़ रहा है। हर हादसे के बाद जिम्मेदार थोड़ी कार्रवाई तो थोड़ी सतर्कता दिखाकर लीपापोती कर बैठ जाते हैं। ठीक वैसा कि सेक्टर-58 में किया। जिस टूटी स्लैब से नाले में गिरकर इंजीनियर आर्यन की मौत हुई थी वहां नोएडा प्राधिकरण ने शनिवार को नई स्लैब रखकर यह बता दिया कि उसे खतरे का अंदाजा है...
...और भी खुले हैं नाले
अधिकारियों की लापरवाही की बानगी हर सड़क दिख जाएगी। रोड और फुटपाथ किनारे खुले नाल तो कहीं टूटे या गायब मैनहोल हैं। शहर के निवासी इन खतरों से बचकर रोज निकलते हैं लेकिन नोएडा प्राधिकरण के इंजीनियरों शायद यह नहीं दिखता है वर्ना आज ये तस्वीरें नहीं होती है।
- सेक्टर-62 : मॉडल टाउन से सेक्टर-71 की तरफ जाने वाली सड़क पर पेट्रोल पंप के आगे कुछ दूरी पर नाला खुला है।
- सेक्टर-66 : मामूरा के सामने नाले की दीवार कई महीने पहले टूटी थी। तब से यह नाला खुला पड़ा हुआ है।
- सेक्टर-121 : सड़क किनारे का नाला टूटा और खुला पड़ा है।
- सेक्टर-122 : मुख्य सड़क किनारे का नाला टूटा है। यहां तेजी से वाहन गुजरते हैं। स्ट्रीट लाइट न होने से रात में अंधेरा भी रहता है।
- सेक्टर-73 : शौर्य बैंक्वेट हॉल से सेक्टर-71 चौराहे को जाने वाली सड़क पर खतरनाक स्थिति में नाला खुला हुआ है।
- सेक्टर-107 : महर्षि आश्रम से सेक्टर-104 ट्रैफिक सिग्नल की ओर जाने वाली सड़क किनारे का नाला खुला हुआ है। इसकी दीवार भी टूटी है।
- सेक्टर-11 : मदर डेयरी के आगे सेक्टर-56 की तरफ चलने पर नाला खतरनाक तरीके से खुला है।
- सेक्टर-73 : यदु पब्लिक स्कूल के पास सड़क कई वर्षों से अधूरी है। आधी-अधूरी पगदंडी नुमा बनी सड़क के दोनों तरफ खुली नाली हैं।
जलभराव होने पर सड़क और नाले में अंतर कर पाना मुश्किल
बारिश होने पर नालों की सफाई न होने की वजह से जगह-जगह जलभराव होता है। सड़कें लबालब होने और नालों की दीवार टूटी होने से राहगीरों के लिए यह अनुमान लगा पाना मुश्किल होता है कि नाला कहां है और सड़क कहां पर है?
इन हादसों से भी नहीं ली सीख
- 16 जनवरी की रात : सेक्टर-150 में सेक्टर के अंदर बेसमेंट की खोदाई कर छोड़ गए प्लॉट में भरे पानी में कार समेत सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से मौत हो गई थी। यहां पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम नहीं थे।
- 8 अप्रैल 2026 : सेक्टर-94 में नोएडा हैबिटेट सेंटर निर्माण के लिए डबल बेसमेंट की खोदाई वाले स्थल को एक तरफ से खुला छोड़ा गया था। सेक्टर-125 स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी के छात्र यहां पर पिकनिक मनाने पहुंचे। इस पानी में नहाने के दौरान छात्र हर्षित भट्ट (23) की मौत हो गई थी।
- 2 मई 2018 : सेक्टर-85-137 गोलचक्कर पर रात में एफएम रेडियो कंपनी की ग्रुप मैनेजर तान्या खन्ना कार समेत गिरी थीं। करीब 12 फिट गहरे नाले में भरे पानी में दम घुटने से तान्या (28) की जान चली गई थी। हादसा रात करीब 2 बजे हुआ था। हादसे में नाला खुला होना, गोल चक्कर का घुमाव सही न होना समेत कई कारण पर चर्चा हुई थी।
- 17 दिसंबर 2024 : सेक्टर-73 में शौर्य बैंक्वेट हॉल से सेक्टर-71 चौराहे की तरफ जाने वाली सड़क पर बाइक सवार युवक नाले में गिर गया। रात भर नाले में घायल पड़े रहने से युवक की मौत हो गई थी।
- 27 दिसंबर 2021 : सेक्टर-94 के सामने शहदरा नाले में रात करीब एक बजे कार गिरी थी। कार में मानसरोवर कॉलोनी निवासी हार्दिक (25) और उसका सेक्टर-45 आम्रपाली सोसाइटी निवासी दोस्त स्नेहिल सवार थे। पेशे से इंजीनियर हार्दिक की मौत हो गई थी। स्नेहिल गंभीर रूप से घायल हुए था।
जिम्मेदारी सभी वर्क सर्कल प्रभारियों की
शहर में सड़क-सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने की जिम्मेदारी सभी वर्क सर्कल प्रभारियों की है। सड़क सुरक्षा के इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां पर भी खामी सामने आ रही है सुधार भी करवाया जा रहा है। निगरानी और निरीक्षण भी किया जाता है।- एसपी सिंह, जीएम, नोएडा प्राधिकरण।