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Noida News: चित्रों और कहानियों से सजेगी बच्चों की दुनिया
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- जिला पुस्तकालय में पहली बार पहुंचीं 150 विशेष पुस्तकें, पढ़ने की आदत विकसित करने की पहल
नेहा शर्मा
नोएडा। डिजिटल युग में बच्चों को किताबों से जोड़ने और उनमें पढ़ने की संस्कृति विकसित करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। इसके तहत सेक्टर-12 स्थित जिला पुस्तकालय में पहली बार छोटे बच्चों के लिए चित्रयुक्त और कहानी आधारित करीब 150 नई पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। इन पुस्तकों में रंगीन चित्रों वाली कहानियां, नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान और ओलंपियाड की तैयारी से संबंधित सामग्री शामिल है। पुस्तकालय प्रशासन का मानना है कि बचपन में पढ़ने की आदत विकसित होने से बच्चों के बौद्धिक और रचनात्मक विकास को नई दिशा मिलती है। रंग-बिरंगे चित्रों और सरल भाषा में तैयार की गई ये पुस्तकें बच्चों को आकर्षित करेंगी और उन्हें मोबाइल व अन्य डिजिटल उपकरणों से हटाकर पुस्तकों की दुनिया की ओर प्रेरित करेंगी। नियमित अध्ययन से बच्चों की भाषा, संवाद कौशल, कल्पनाशक्ति और समझने की क्षमता भी बेहतर होगी।
रोचक पुस्तकों का संग्रह बढ़ाने की योजना-
अब तक जिला पुस्तकालय में मुख्य रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी आते रहे हैं, लेकिन बच्चों के लिए विशेष पुस्तकें आने के बाद माहौल बदलने लगा है। पुस्तकालय की सदस्यता दो छोटे बच्चों ने भी ली है। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले समय में अधिक संख्या में बच्चे पुस्तकालय से जुड़ेंगे और नियमित रूप से अध्ययन के लिए यहां पहुंचेंगे। जिला पुस्तकालय में वर्तमान में सात हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए अलग से पुस्तकों का संग्रह जुड़ने से यह सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए और अधिक उपयोगी बन गया है। पुस्तकालय प्रशासन भविष्य में भी बच्चों की रुचि के अनुरूप नई और रोचक पुस्तकों का संग्रह बढ़ाने की योजना बना रहा है।
कोट-
पहली बार बच्चों के लिए करीब 150 पुस्तकें प्राप्त हुई हैं। इनमें विभिन्न विषयों की उपयोगी और रोचक किताबें शामिल हैं। दो बच्चों ने सदस्यता भी ली है और आगे संख्या बढ़ने की उम्मीद है। -सीमा गुप्ता, लाइब्रेरी इंचार्ज
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नेहा शर्मा
नोएडा। डिजिटल युग में बच्चों को किताबों से जोड़ने और उनमें पढ़ने की संस्कृति विकसित करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। इसके तहत सेक्टर-12 स्थित जिला पुस्तकालय में पहली बार छोटे बच्चों के लिए चित्रयुक्त और कहानी आधारित करीब 150 नई पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। इन पुस्तकों में रंगीन चित्रों वाली कहानियां, नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान और ओलंपियाड की तैयारी से संबंधित सामग्री शामिल है। पुस्तकालय प्रशासन का मानना है कि बचपन में पढ़ने की आदत विकसित होने से बच्चों के बौद्धिक और रचनात्मक विकास को नई दिशा मिलती है। रंग-बिरंगे चित्रों और सरल भाषा में तैयार की गई ये पुस्तकें बच्चों को आकर्षित करेंगी और उन्हें मोबाइल व अन्य डिजिटल उपकरणों से हटाकर पुस्तकों की दुनिया की ओर प्रेरित करेंगी। नियमित अध्ययन से बच्चों की भाषा, संवाद कौशल, कल्पनाशक्ति और समझने की क्षमता भी बेहतर होगी।
रोचक पुस्तकों का संग्रह बढ़ाने की योजना-
अब तक जिला पुस्तकालय में मुख्य रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी आते रहे हैं, लेकिन बच्चों के लिए विशेष पुस्तकें आने के बाद माहौल बदलने लगा है। पुस्तकालय की सदस्यता दो छोटे बच्चों ने भी ली है। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले समय में अधिक संख्या में बच्चे पुस्तकालय से जुड़ेंगे और नियमित रूप से अध्ययन के लिए यहां पहुंचेंगे। जिला पुस्तकालय में वर्तमान में सात हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए अलग से पुस्तकों का संग्रह जुड़ने से यह सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए और अधिक उपयोगी बन गया है। पुस्तकालय प्रशासन भविष्य में भी बच्चों की रुचि के अनुरूप नई और रोचक पुस्तकों का संग्रह बढ़ाने की योजना बना रहा है।
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पहली बार बच्चों के लिए करीब 150 पुस्तकें प्राप्त हुई हैं। इनमें विभिन्न विषयों की उपयोगी और रोचक किताबें शामिल हैं। दो बच्चों ने सदस्यता भी ली है और आगे संख्या बढ़ने की उम्मीद है। -सीमा गुप्ता, लाइब्रेरी इंचार्ज