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Noida News: करोड़ों खर्च के बाद भी अधूरी तैयारी? 300 मीटर ट्रैक पर उठे सवाल
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- अंतरराष्ट्रीय मानकों से अलग ट्रैक निर्माण पर खिलाड़ियों और कोचों ने जताई चिंता
- विशेषज्ञों की सलाह के बावजूद 400 मीटर की जगह बनाया गया 300 मीटर ट्रैक
फोटो
आदित्य प्रताप सिंह
नोएडा। सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम में लंबे इंतजार के बाद सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बनकर तैयार हो गया है, लेकिन इसकी लंबाई को लेकर खिलाड़ियों, कोचों और खेल विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं। एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के लिए 400 मीटर ट्रैक को अंतरराष्ट्रीय मानक माना जाता है, जबकि नोएडा स्टेडियम में 300 मीटर का ट्रैक तैयार किया गया है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय अधिकांश प्रतियोगिताएं 400 मीटर ट्रैक पर आयोजित होती हैं। ऐसे में 300 मीटर ट्रैक पर अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के दौरान तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। लंबी दूरी की दौड़, स्पीड एंड्योरेंस और रेस रणनीति जैसी तैयारियों पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
मांग के बावजूद कोई बदलाव नहीं किया गया-
जानकारों के अनुसार ट्रैक निर्माण शुरू होने से पहले जिला ओलंपिक संघ, एथलेटिक्स कोच और खिलाड़ियों ने 400 मीटर ट्रैक बनाने की मांग की थी। इसके बावजूद परियोजना में कोई बदलाव नहीं किया गया। उनका मानना है कि नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में खेल अवसंरचना तैयार करते समय भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। नोएडा स्टेडियम के जीएम एस.पी. सिंह ने बताया कि परियोजना उनके कार्यकाल से पहले स्वीकृत हुई थी। उन्होंने मामले की समीक्षा कराने और आवश्यक पहल पर विचार करने की बात कही।
कोट्स-
बड़ी प्रतियोगिताओं से पहले हमें 400 मीटर ट्रैक पर अभ्यास के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ेगा। -चंचल, राष्ट्रीय एथलीट
300 मीटर ट्रैक खिलाड़ियों की तकनीकी तैयारी को प्रभावित कर सकता है। -सोनू भाटी, कोच
400 मीटर ट्रैक की मांग पहले ही प्रशासन के सामने रखी गई थी। -जफर खान, कार्यकारी सचिव, जिला ओलंपिक संघ
मानक ट्रैक होता तो नोएडा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी भी कर सकता था। -दिव्यांशी, राष्ट्रीय एथलीट
- विशेषज्ञों की सलाह के बावजूद 400 मीटर की जगह बनाया गया 300 मीटर ट्रैक
फोटो
आदित्य प्रताप सिंह
नोएडा। सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम में लंबे इंतजार के बाद सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बनकर तैयार हो गया है, लेकिन इसकी लंबाई को लेकर खिलाड़ियों, कोचों और खेल विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं। एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के लिए 400 मीटर ट्रैक को अंतरराष्ट्रीय मानक माना जाता है, जबकि नोएडा स्टेडियम में 300 मीटर का ट्रैक तैयार किया गया है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय अधिकांश प्रतियोगिताएं 400 मीटर ट्रैक पर आयोजित होती हैं। ऐसे में 300 मीटर ट्रैक पर अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के दौरान तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। लंबी दूरी की दौड़, स्पीड एंड्योरेंस और रेस रणनीति जैसी तैयारियों पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
मांग के बावजूद कोई बदलाव नहीं किया गया-
जानकारों के अनुसार ट्रैक निर्माण शुरू होने से पहले जिला ओलंपिक संघ, एथलेटिक्स कोच और खिलाड़ियों ने 400 मीटर ट्रैक बनाने की मांग की थी। इसके बावजूद परियोजना में कोई बदलाव नहीं किया गया। उनका मानना है कि नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में खेल अवसंरचना तैयार करते समय भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। नोएडा स्टेडियम के जीएम एस.पी. सिंह ने बताया कि परियोजना उनके कार्यकाल से पहले स्वीकृत हुई थी। उन्होंने मामले की समीक्षा कराने और आवश्यक पहल पर विचार करने की बात कही।
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कोट्स-
बड़ी प्रतियोगिताओं से पहले हमें 400 मीटर ट्रैक पर अभ्यास के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ेगा। -चंचल, राष्ट्रीय एथलीट
300 मीटर ट्रैक खिलाड़ियों की तकनीकी तैयारी को प्रभावित कर सकता है। -सोनू भाटी, कोच
400 मीटर ट्रैक की मांग पहले ही प्रशासन के सामने रखी गई थी। -जफर खान, कार्यकारी सचिव, जिला ओलंपिक संघ
मानक ट्रैक होता तो नोएडा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी भी कर सकता था। -दिव्यांशी, राष्ट्रीय एथलीट