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Noida News: कंपनियां वेतन बढ़ाने को राजी नहीं, कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी
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नोएडा । भंगेल एलिवेटेड रोड से आवागमन पूरी तरह रहा ठप । अमर उजाला
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श्रमायुक्त, डीसीपी ट्रैफिक समेत कई अधिकारियों ने कंपनियों के मालिकों से करीब सात घंटे तक की बात
नोएडा। नोएडा फेज-दो में वेतन बढ़ाने की मांग पर अड़े कर्मचारियों का प्रदर्शन तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। श्रमायुक्त, डीसीपी ट्रैफिक समेत कई अधिकारियों ने कंपनियों के मालिकों से करीब सात घंटे बातचीत की। इसमें कर्मचारियों के सभी मांगों को लिखित रूप में मान लिया गया लेकिन वेतन वृद्धि पर बात अटक गई। इससे नाराज कर्मचारी देर रात तक नोएडा, दादरी सूरजपुर रोड पर जाम लगाए रहे।
बीपीएल मंडी से आगे एनएसईजेड रोड पर भंगेल एलिवेटेड रैंप के पास सुबह 9 बजे से ही करीब 500 से ज्यादा कर्मचारी पहुंच गए। उन्होंने एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के पास चौराहे को जाम कर दिया। ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट और एसएनडी समेत करीब छह होजरी कंपनियों के कर्मचारी पिछले तीन दिनों से वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में शामिल महिलाओं ने कहा कि धूप कितनी भी तेज हो, भूख लगी हो, पैर में छाले पड़े लेकिन मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदर्शन जारी रहेगा। अभी हम पर्स में लंच लेकर आते हैं। आगे पत्थर लेकर आएंगे।
दिनभर बाधित रहा ट्रैफिक
ट्रैफिक पुलिस ने प्रदर्शन के चलते नोएडा-दादरी-सूरजपुर रोड पर डायवर्जन किया। भंगेल एलिवेटेड रोड को भी पूरी तरह से बंद करना पड़ा। एनएसईजेड की तरफ से गुजरने वाले वाहनों को भी डायवर्ट किया गया। सुबह से देर रात तक प्रदर्शनकारियों ने नौकरी कर घर की ओर लौट रहे लोगों पर आक्रामकता के साथ रोका और लौटने को कहा। इस बीच डाक विभाग समेत अन्य सेवाएं बुरी तरह से बाधित रहीं।
ये हैं मांगे
1-कम से कम 20 हजार रुपये मासिक वेतन हो।
2-किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक रूप से सेवा से न निकाला जाए।
3-ओवरटाइम का भुगतान दुगनी दर से किया जाए। कोई कटौती न हो।
4-हर कर्मी को साप्ताहिक अवकाश मिले। रविवार को काम कराया जाए तो उसे दोगुना भुगतान मिले।
5-बैंक खाते में 30 नवंबर तक बोनस दिया जाए।
6-सभी कंपनियों में यौन उत्पीड़न रोकथाम के लिए समिति गठित हो जिसकी अध्यक्ष महिला हो। शिकायत पेटी लगाई जाए और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।
7-वेतन 10 तारीख तक दे दिया जाए। वेतन पर्ची भी दी जाए।
8-आंदोलन में शामिल कर्मचारी को काम से न निकाला जाए।
9-प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद सभी का वेतन बढ़ा दिया जाएगा।
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सेक्टर-65 में भी हंगामा
सेक्टर-65 स्थित निजी कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हंगामा किया। उन्होंने बताया कि अभी उनका वेतन 13 हजार रुपये है। उनकी मांग है कि कम से कम 20 हजार वेतन मिले। यह सभी महिला कर्मचारियों की मांग है। इस बीच मौके पर उन्हें समझाने के लिए पुलिस पहुंची, जहां उन्हें शांत कराया गया। करीना ने बताया कि दोपहर एक बजे से सभी ने काम करना छोड़ दिया।
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दिहाड़ी 250 रुपये मिल रही और गैस 400 रुपये में एक किलो
हमें पहले से कम पैसा मिल रहा है। वेतन बढ़ाने को कहने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। -राजेश कुमार
इस तरह रोड पर बैठने का कोई शौक नहीं है। मांगें मान ली जाएं और फैक्टरी के आगे बोर्ड लगाकर साफ कर दें। -सुनीता राय
जब वेतन नहीं बढ़ाया जाएगा तब तक हम हम प्रदर्शन करते रहेंगे। हमारा पूरा ग्रुप है जो इस मांग पर अड़ा है। -संगीता शर्मा
पहले आवाज उठाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। जब पता चला कि इतने लोग प्रदर्शन कर रहे हैं तब मैं भी आ गया। -जितेंद्र सिंह
एक दिन की दिहाड़ी 250 रुपये मिल रही है और गैस 400 रुपये में एक किलो। ऐसे में परिवार का पेट कैसे भरें। -आकांक्षा सिंह
मैनेजर जो भी कहे, हम मानते हैं। तय से ज्यादा काम करते हैं फिर भी हमें वेतन परिश्रम के हिसाब से नहीं मिल रहा। -रिंकी
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बीपीएल मंडी से आगे एनएसईजेड रोड पर भंगेल एलिवेटेड रैंप के पास सुबह 9 बजे से ही करीब 500 से ज्यादा कर्मचारी पहुंच गए। उन्होंने एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के पास चौराहे को जाम कर दिया। ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट और एसएनडी समेत करीब छह होजरी कंपनियों के कर्मचारी पिछले तीन दिनों से वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में शामिल महिलाओं ने कहा कि धूप कितनी भी तेज हो, भूख लगी हो, पैर में छाले पड़े लेकिन मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदर्शन जारी रहेगा। अभी हम पर्स में लंच लेकर आते हैं। आगे पत्थर लेकर आएंगे।
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दिनभर बाधित रहा ट्रैफिक
ट्रैफिक पुलिस ने प्रदर्शन के चलते नोएडा-दादरी-सूरजपुर रोड पर डायवर्जन किया। भंगेल एलिवेटेड रोड को भी पूरी तरह से बंद करना पड़ा। एनएसईजेड की तरफ से गुजरने वाले वाहनों को भी डायवर्ट किया गया। सुबह से देर रात तक प्रदर्शनकारियों ने नौकरी कर घर की ओर लौट रहे लोगों पर आक्रामकता के साथ रोका और लौटने को कहा। इस बीच डाक विभाग समेत अन्य सेवाएं बुरी तरह से बाधित रहीं।
ये हैं मांगे
1-कम से कम 20 हजार रुपये मासिक वेतन हो।
2-किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक रूप से सेवा से न निकाला जाए।
3-ओवरटाइम का भुगतान दुगनी दर से किया जाए। कोई कटौती न हो।
4-हर कर्मी को साप्ताहिक अवकाश मिले। रविवार को काम कराया जाए तो उसे दोगुना भुगतान मिले।
5-बैंक खाते में 30 नवंबर तक बोनस दिया जाए।
6-सभी कंपनियों में यौन उत्पीड़न रोकथाम के लिए समिति गठित हो जिसकी अध्यक्ष महिला हो। शिकायत पेटी लगाई जाए और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।
7-वेतन 10 तारीख तक दे दिया जाए। वेतन पर्ची भी दी जाए।
8-आंदोलन में शामिल कर्मचारी को काम से न निकाला जाए।
9-प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद सभी का वेतन बढ़ा दिया जाएगा।
सेक्टर-65 में भी हंगामा
सेक्टर-65 स्थित निजी कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हंगामा किया। उन्होंने बताया कि अभी उनका वेतन 13 हजार रुपये है। उनकी मांग है कि कम से कम 20 हजार वेतन मिले। यह सभी महिला कर्मचारियों की मांग है। इस बीच मौके पर उन्हें समझाने के लिए पुलिस पहुंची, जहां उन्हें शांत कराया गया। करीना ने बताया कि दोपहर एक बजे से सभी ने काम करना छोड़ दिया।
दिहाड़ी 250 रुपये मिल रही और गैस 400 रुपये में एक किलो
हमें पहले से कम पैसा मिल रहा है। वेतन बढ़ाने को कहने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। -राजेश कुमार
इस तरह रोड पर बैठने का कोई शौक नहीं है। मांगें मान ली जाएं और फैक्टरी के आगे बोर्ड लगाकर साफ कर दें। -सुनीता राय
जब वेतन नहीं बढ़ाया जाएगा तब तक हम हम प्रदर्शन करते रहेंगे। हमारा पूरा ग्रुप है जो इस मांग पर अड़ा है। -संगीता शर्मा
पहले आवाज उठाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। जब पता चला कि इतने लोग प्रदर्शन कर रहे हैं तब मैं भी आ गया। -जितेंद्र सिंह
एक दिन की दिहाड़ी 250 रुपये मिल रही है और गैस 400 रुपये में एक किलो। ऐसे में परिवार का पेट कैसे भरें। -आकांक्षा सिंह
मैनेजर जो भी कहे, हम मानते हैं। तय से ज्यादा काम करते हैं फिर भी हमें वेतन परिश्रम के हिसाब से नहीं मिल रहा। -रिंकी