{"_id":"69a5978dd1bfca8dd8082654","slug":"dates-are-expensive-amid-the-war-basmati-rice-exports-are-also-affected-noida-news-c-1-noi1095-4009664-2026-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: युद्ध के बीच खजूर महंगा, बासमती चावल का निर्यात भी प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: युद्ध के बीच खजूर महंगा, बासमती चावल का निर्यात भी प्रभावित
विज्ञापन
विज्ञापन
अमेरिका-इस्राइल-ईरान युद्ध... वैश्विक संकट का असर स्थानीय बाजार पर पड़ रहा
फोटो-- -
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अमेरिका-इस्राइल-ईरान युद्ध से पैदा हुए वैश्विक संकट का असर स्थानीय बाजारों और निर्यात कारोबार पर भी पड़ने लगा है। माह-ए-रमजान में सबसे ज्यादा बिकने वाले खजूर खाड़ी देशों से आते हैं, जिनकी कीमतें बढ़ गईं हैं। वहीं, नोएडा से निर्यात होने वाले बासमती चावल के ऑर्डर भी अटके हुए हैं।
सेक्टर-45 स्थित अलकश्वा कंपनी के मालिक इफ्तखार आबिदी के अनुसार, शहर में खजूर मुख्य रूप से ईरान, जॉर्डन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों से आयात होता है। युद्ध के चलते समुद्र से होने वाला व्यापार ठप हैं। हाल ही में एक ऑयल टैंकर में आगजनी के बाद से सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। सप्लाई चेन बाधित होने और अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने से सामान आयात में परेशानी हो रही है। अजवा, मेडजूल और सफावी किस्म के खजूर का आयात सीमित देशों से होता है।
वहीं, सेक्टर-18 और आसपास के थोक व्यापारियों ने कहा कि बीते वर्ष की तुलना में खजूर 10 से 20 प्रतिशत महंगे बिक रहे हैं। अब तक इनकी कीमत 150 से लेकर 1000 रुपये किलो थी, अब यह खजूर 200 से 1500 रुपये किलो बिक रहा है। कारोबारियों का कहना है कि अगर आने वाले समय में हालात नहीं सुधरे तो दाम और बढ़ेंगे।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
बासमती चावल का निर्यात भी थमा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नोएडा से साल 2024-25 में 626 करोड़ रुपये के बासमती चावल का निर्यात किया गया था। सितंबर 2025 से ही ईरान में पैदा हुए संकट के बाद से ही निर्यात पर असर दिखने लगा था।वहीं हाल ही में पैदा हुए वैश्विक उथल-पुथल के बीच निर्यात फिर थम सा गया है। निर्यातकों ने कहा कि जब तक मध्य एशिया में हालात स्थिर नहीं होते, तब तक निर्यात प्रभावित रह सकता है।
-- -- --
- इस वक्त समुद्री मार्ग सबसे ज्यादा प्रभावित है। इसका सीधा असर निर्यात पर पड़ रहा है। - राजीव बंसल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आईआईए
- युद्ध का असर कपड़ा, कच्चे तेल, सोने-चांदी के दामों पर पड़ सकता है। निर्यात प्रभावित होगा - ललित ठुकराल, अध्यक्ष, नोएडा अपैरल क्लस्टर
- सिर्फ निर्यात ही नहीं, घरेलू बाजार में भी कई सामान महंगे हो सकते हैं। व्यापारियों को भी सजग रहना होगा। - डॉ. पीयूष द्विवेदी, चेयरमैन, यूपी उद्योग व्यापार मंडल
- ईरान समेत अन्य खाड़ी देशों से खजूर का आयात होता है, युद्ध के बीच इनका आयात बाधित हुआ है। - इफ्तखार आबिदी, खजूर कारोबारी
Trending Videos
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अमेरिका-इस्राइल-ईरान युद्ध से पैदा हुए वैश्विक संकट का असर स्थानीय बाजारों और निर्यात कारोबार पर भी पड़ने लगा है। माह-ए-रमजान में सबसे ज्यादा बिकने वाले खजूर खाड़ी देशों से आते हैं, जिनकी कीमतें बढ़ गईं हैं। वहीं, नोएडा से निर्यात होने वाले बासमती चावल के ऑर्डर भी अटके हुए हैं।
सेक्टर-45 स्थित अलकश्वा कंपनी के मालिक इफ्तखार आबिदी के अनुसार, शहर में खजूर मुख्य रूप से ईरान, जॉर्डन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों से आयात होता है। युद्ध के चलते समुद्र से होने वाला व्यापार ठप हैं। हाल ही में एक ऑयल टैंकर में आगजनी के बाद से सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। सप्लाई चेन बाधित होने और अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने से सामान आयात में परेशानी हो रही है। अजवा, मेडजूल और सफावी किस्म के खजूर का आयात सीमित देशों से होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं, सेक्टर-18 और आसपास के थोक व्यापारियों ने कहा कि बीते वर्ष की तुलना में खजूर 10 से 20 प्रतिशत महंगे बिक रहे हैं। अब तक इनकी कीमत 150 से लेकर 1000 रुपये किलो थी, अब यह खजूर 200 से 1500 रुपये किलो बिक रहा है। कारोबारियों का कहना है कि अगर आने वाले समय में हालात नहीं सुधरे तो दाम और बढ़ेंगे।
बासमती चावल का निर्यात भी थमा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नोएडा से साल 2024-25 में 626 करोड़ रुपये के बासमती चावल का निर्यात किया गया था। सितंबर 2025 से ही ईरान में पैदा हुए संकट के बाद से ही निर्यात पर असर दिखने लगा था।वहीं हाल ही में पैदा हुए वैश्विक उथल-पुथल के बीच निर्यात फिर थम सा गया है। निर्यातकों ने कहा कि जब तक मध्य एशिया में हालात स्थिर नहीं होते, तब तक निर्यात प्रभावित रह सकता है।
- इस वक्त समुद्री मार्ग सबसे ज्यादा प्रभावित है। इसका सीधा असर निर्यात पर पड़ रहा है। - राजीव बंसल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आईआईए
- युद्ध का असर कपड़ा, कच्चे तेल, सोने-चांदी के दामों पर पड़ सकता है। निर्यात प्रभावित होगा - ललित ठुकराल, अध्यक्ष, नोएडा अपैरल क्लस्टर
- सिर्फ निर्यात ही नहीं, घरेलू बाजार में भी कई सामान महंगे हो सकते हैं। व्यापारियों को भी सजग रहना होगा। - डॉ. पीयूष द्विवेदी, चेयरमैन, यूपी उद्योग व्यापार मंडल
- ईरान समेत अन्य खाड़ी देशों से खजूर का आयात होता है, युद्ध के बीच इनका आयात बाधित हुआ है। - इफ्तखार आबिदी, खजूर कारोबारी