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Noida News: सोसाइटी बेसमेंट में कूड़ा, सांस लेने में परेशानी
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फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित विक्ट्री एक सोसाइटी में मूलभूत सुविधा न मिलने से निवासी परेशान हैं। आरोप है कि सोसाइटी के बेसमेंट में कचरे का ढेर इकट्ठा हो रहा है, जिससे संक्रमित बीमारियां फैलने का डर है लेकिन बिल्डर प्रबंधन और प्राधिकरण से शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हो रहा।
सोसाइटी में रहने वाले प्रशांत चौहान ने बताया कि बेसमेंट में कूड़ा जमा होने से सांस लेने में परेशानी हो रही है। लोगों का बेसमेंट से गाड़ियां निकालना भी मुश्किल हो गया है। कचरा पड़ा रहने के कारण आसपास लावारिस कुत्ते इकट्ठा हो जाते हैं, जो कई बार लोगों पर भी हमला कर देते हैं। लोगों ने कहा कि हर महीने रखरखाव शुल्क देने के बावजूद यह हाल है।
टावरों में केवल एक ही लिफ्ट संचालित
सोसाइटी में रहने वाले विशेष ने बताया कि सभी टावरों में केवल एक ही लिफ्ट संचालित है। कई बार वह भी खराब हो जाती है, जिसके बाद लोगों को सीढ़ियों से आना-जाना पड़ता है। सबसे अधिक दिक्कत बच्चों और बुजुर्गों को होती है। वहीं, दूसरी लिफ्टें ेसंचालित करने को लेकर कोई पहल शुरू नहीं हो रही है। लोगों के आरोपों पर मेंटेनेंस प्रबंधन के हेड हरे कृष्णा से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित विक्ट्री एक सोसाइटी में मूलभूत सुविधा न मिलने से निवासी परेशान हैं। आरोप है कि सोसाइटी के बेसमेंट में कचरे का ढेर इकट्ठा हो रहा है, जिससे संक्रमित बीमारियां फैलने का डर है लेकिन बिल्डर प्रबंधन और प्राधिकरण से शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हो रहा।
सोसाइटी में रहने वाले प्रशांत चौहान ने बताया कि बेसमेंट में कूड़ा जमा होने से सांस लेने में परेशानी हो रही है। लोगों का बेसमेंट से गाड़ियां निकालना भी मुश्किल हो गया है। कचरा पड़ा रहने के कारण आसपास लावारिस कुत्ते इकट्ठा हो जाते हैं, जो कई बार लोगों पर भी हमला कर देते हैं। लोगों ने कहा कि हर महीने रखरखाव शुल्क देने के बावजूद यह हाल है।
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टावरों में केवल एक ही लिफ्ट संचालित
सोसाइटी में रहने वाले विशेष ने बताया कि सभी टावरों में केवल एक ही लिफ्ट संचालित है। कई बार वह भी खराब हो जाती है, जिसके बाद लोगों को सीढ़ियों से आना-जाना पड़ता है। सबसे अधिक दिक्कत बच्चों और बुजुर्गों को होती है। वहीं, दूसरी लिफ्टें ेसंचालित करने को लेकर कोई पहल शुरू नहीं हो रही है। लोगों के आरोपों पर मेंटेनेंस प्रबंधन के हेड हरे कृष्णा से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।