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Noida News: चौराहों पर खड़े शराबी आती-जाती महिलाओं और युवतियों पर कसते हैं फब्तियां
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फोटो.....
-बिलासपुर में हुए अमर उजाला के महिला शक्ति संवाद में महिलाओं ने बताई परेशानियां
-बेटियों के लिए क्षेत्र में अच्छे स्कूल-कालेज नहीं, आने-जाने के लिए नहीं मिलते हैं साधन
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी/बिलासपुर
सरकार महिलाओं को सशक्त करने के लिए लगातार काम कर रही है। लेकिन गांव कस्बों का हाल बहुत खराब है। शाम होते ही आवारा युवक शराब पीकर चौराहों पर खड़े हो जाते हैं और आने-जाने वाली महिलाओं व युवतियों पर फब्तियां कसते हैं। सुरक्षा का दावा करने वाली पुलिस भी नजर नहीं आती है, जिसके कारण महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ती है।
यह बात बृहस्पतिवार को बिलासपुर के एसडी कन्या इंटर कालेज में हुए अमर उजाला के महिला शक्ति संवाद के दौरान महिलाओं ने कही। उन्होंने बताया कि बिलासपुर क्षेत्र में पुलिस चौकी तो है, लेकिन पुलिस दिखाई नहीं देती। पुलिस की गश्त बहुत कम रहती है, जिसके कारण मनचले युवकों के हौसले बढ रहे हैं। चौराहों पर वह महिलाओं पर छींटाकशी करते हैं। महिलाएं लोकलाज और परिवार की इज्जत के कारण कुछ बोल नहीं पाती। अगर कोई महिला विरोध करती है तो दबंग उनसे लड़ने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। इसलिए महिलाएं हर दिन खुद को बचाते हुए चौराहों से गुजरती हैं। महिलाओं ने पुलिस कमिश्नर से ऐसे लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
चुनावों में नेता खुद बंटवाते हैं शराब : महिलाओं ने कहा कि शराब की बिक्री अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी प्रतिबंधित होनी चाहिए। क्योंकि चुनाव के दौरान जीतने के लिए नेता खुद शराब बंटवाते हैं। ऐसे में इस तरह के युवकों को शराब पीने से नहीं रोका जा सकता। जब सरकार पूरी तरह से शराब की बिक्री पर रोक लगवा देगी तो ही महिलाओं को राहत मिलेगी। पुरुष अपनी कमाई बच्चों पर खर्च करने के बजाय शराब पर खर्च कर देते हैं।
बिलासपुर क्षेत्र में नहीं है शिक्षण संस्थान : महिलाओं ने बताया कि बिलासपुर क्षेत्र में बेटियों की शिक्षा के लिए कोई अच्छे इंटर और डिग्री कालेज नहीं हैं। बेटियों को प्रोफेशनल कोर्स कराने के लिए नोएडा दिल्ली भेजना पड़ता है। घर से दूरी ज्यादा होने के कारण कई बार बेटियों की पढ़ाई भी बंद करानी पड़ती है। कई बेटियों की इंटर के बाद शिक्षा सिर्फ इस कारण से रुक गई है, क्योंकि क्षेत्र में अच्छे शिक्षण संस्थान नहीं हैं।
नहीं मिलते हैं साधन, बाहर निकलने में लगता है डर : संवाद में मौजूद युवतियों ने बताया कि क्षेत्र में आने-जाने के लिए साधनों की सबसे ज्यादा कमी है। दिन में तो साधन मिल भी जाते हैं, लेकिन शाम होने के बाद आने जाने के लिए कोई साधन नहीं मिलता है। सुनसान रास्ते होने के कारण बाहर निकलने में भी डर लगता है।
बिलासपुर में उच्च शिक्षा के लिए संस्थान नहीं हैं। बेटे तो पढ़ाई के लिए शहर के बाहर चले जाते हैं, लेकिन बेटियों को परिवार नहीं भेजता है। बेटियों की अच्छी शिक्षा के लिए क्षेत्र में शिक्षण संस्थान होने चाहिए। -प्रतीक्षा शर्मा
क्षेत्र में यातायात सुविधा की सबसे ज्यादा समस्या है। यहां से नोएडा-ग्रेटर नोएडा आने जाने के लिए भी संसाधन नहीं मिलते हैं। लोकल में भी संसाधन नहीं हैं। मेरी बेटी को स्कूल आने जाने में काफी परेशानी होती है।
-बीना कंसल
सरकार महिलाओं को सारी सुविधाएं देने की बात कहती है। लगभग दो साल हो गए, मेरी विधवा पेंशन नहीं आई है। अधिकारियों के पास चक्कर लगाते हैं तो वह कहते हैं आ जाएगी। -सुनीता
क्षेत्र में कोई अच्छा अस्पताल नहीं है। अगर रात में किसी के साथ कोई अनहोनी होती है या किसी गर्भवती महिला को दिक्कत होती है तो यहां उसे कोई अस्पताल नहीं मिलता। उसे ग्रेटर नोएडा ही जाना पड़ता है। - ममता देवी
क्षेत्र में अच्छे शिक्षण संस्थान और अस्पतालों की काफी कमी है। सरकार को बिलासपुर में बेटियों के लिए शिक्षण संस्थान खोलने चाहिए, जिससे बेटियां अपने मनचाहे क्षेत्र में पढ़ लिखकर आगे बढ़ सकें। -मनीषा
मुस्लिम परिवारों में बेटियों की शिक्षा के लिए जागरूकता नहीं है। बेटियों को पढ़ने के लिए क्षेत्र के बाहर भेजने के लिए तो परिवार के लोग बिल्कुल तैयार नहीं होते हैं। -शबनम
अवारा युवक शाम को शराब पीकर चौराहों पर जमावड़ा लगाए रहते हैं। आते जाते हुए महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं होती है। -नीतू सिंह
बेटियों को पढ़ाई के लिए बाहर जाना पड़ता है। ज्यादातर माता-पिता बेटियों को बाहर नहीं भेजते हैं। क्षेत्र में कोई अच्छा पार्क तक नहीं है, जहां पर जाकर बच्चे खेल सकें। -तरुणा
क्षेत्र में कोई अच्छा कोचिंग सेंटर तक नहीं है। मेरी बेटी स्कूल जाती है, उसके आने-जाने के लिए साधन भी नहीं मिलते हैं। हमें ही काफी दूर तक जाना पड़ता है। -स्वाति नागर
सरकार को शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा देना चाहिए। शराब के कारण क्षेत्र में कई घर बिगड़ गए हैं। दिन भर की सारी कमाई पुरुष शराब में उड़ा देते हैं, जिसके कारण घर में विवाद होता है। -सुखदा शर्मा
क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को आने-जाने के लिए साधन नहीं मिलते हैं। कासना तक जाने में भी महिलाओं को घंटों लग जाते हैं। घर चलाने के लिए महिलाओं को बाहर निकलना पड़ता है और इस तरह की समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। -मीनू
शराब की बिक्री पर सरकार को रोक लगानी चाहिए। क्षेत्र में पुलिस की गश्त भी बढ़ानी चाहिए, जिससे महिलाओं को रात में आने जाने में परेशानी न हो। -अर्चना
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-बिलासपुर में हुए अमर उजाला के महिला शक्ति संवाद में महिलाओं ने बताई परेशानियां
-बेटियों के लिए क्षेत्र में अच्छे स्कूल-कालेज नहीं, आने-जाने के लिए नहीं मिलते हैं साधन
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी/बिलासपुर
सरकार महिलाओं को सशक्त करने के लिए लगातार काम कर रही है। लेकिन गांव कस्बों का हाल बहुत खराब है। शाम होते ही आवारा युवक शराब पीकर चौराहों पर खड़े हो जाते हैं और आने-जाने वाली महिलाओं व युवतियों पर फब्तियां कसते हैं। सुरक्षा का दावा करने वाली पुलिस भी नजर नहीं आती है, जिसके कारण महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ती है।
यह बात बृहस्पतिवार को बिलासपुर के एसडी कन्या इंटर कालेज में हुए अमर उजाला के महिला शक्ति संवाद के दौरान महिलाओं ने कही। उन्होंने बताया कि बिलासपुर क्षेत्र में पुलिस चौकी तो है, लेकिन पुलिस दिखाई नहीं देती। पुलिस की गश्त बहुत कम रहती है, जिसके कारण मनचले युवकों के हौसले बढ रहे हैं। चौराहों पर वह महिलाओं पर छींटाकशी करते हैं। महिलाएं लोकलाज और परिवार की इज्जत के कारण कुछ बोल नहीं पाती। अगर कोई महिला विरोध करती है तो दबंग उनसे लड़ने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। इसलिए महिलाएं हर दिन खुद को बचाते हुए चौराहों से गुजरती हैं। महिलाओं ने पुलिस कमिश्नर से ऐसे लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
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चुनावों में नेता खुद बंटवाते हैं शराब : महिलाओं ने कहा कि शराब की बिक्री अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी प्रतिबंधित होनी चाहिए। क्योंकि चुनाव के दौरान जीतने के लिए नेता खुद शराब बंटवाते हैं। ऐसे में इस तरह के युवकों को शराब पीने से नहीं रोका जा सकता। जब सरकार पूरी तरह से शराब की बिक्री पर रोक लगवा देगी तो ही महिलाओं को राहत मिलेगी। पुरुष अपनी कमाई बच्चों पर खर्च करने के बजाय शराब पर खर्च कर देते हैं।
बिलासपुर क्षेत्र में नहीं है शिक्षण संस्थान : महिलाओं ने बताया कि बिलासपुर क्षेत्र में बेटियों की शिक्षा के लिए कोई अच्छे इंटर और डिग्री कालेज नहीं हैं। बेटियों को प्रोफेशनल कोर्स कराने के लिए नोएडा दिल्ली भेजना पड़ता है। घर से दूरी ज्यादा होने के कारण कई बार बेटियों की पढ़ाई भी बंद करानी पड़ती है। कई बेटियों की इंटर के बाद शिक्षा सिर्फ इस कारण से रुक गई है, क्योंकि क्षेत्र में अच्छे शिक्षण संस्थान नहीं हैं।
नहीं मिलते हैं साधन, बाहर निकलने में लगता है डर : संवाद में मौजूद युवतियों ने बताया कि क्षेत्र में आने-जाने के लिए साधनों की सबसे ज्यादा कमी है। दिन में तो साधन मिल भी जाते हैं, लेकिन शाम होने के बाद आने जाने के लिए कोई साधन नहीं मिलता है। सुनसान रास्ते होने के कारण बाहर निकलने में भी डर लगता है।
बिलासपुर में उच्च शिक्षा के लिए संस्थान नहीं हैं। बेटे तो पढ़ाई के लिए शहर के बाहर चले जाते हैं, लेकिन बेटियों को परिवार नहीं भेजता है। बेटियों की अच्छी शिक्षा के लिए क्षेत्र में शिक्षण संस्थान होने चाहिए। -प्रतीक्षा शर्मा
क्षेत्र में यातायात सुविधा की सबसे ज्यादा समस्या है। यहां से नोएडा-ग्रेटर नोएडा आने जाने के लिए भी संसाधन नहीं मिलते हैं। लोकल में भी संसाधन नहीं हैं। मेरी बेटी को स्कूल आने जाने में काफी परेशानी होती है।
-बीना कंसल
सरकार महिलाओं को सारी सुविधाएं देने की बात कहती है। लगभग दो साल हो गए, मेरी विधवा पेंशन नहीं आई है। अधिकारियों के पास चक्कर लगाते हैं तो वह कहते हैं आ जाएगी। -सुनीता
क्षेत्र में कोई अच्छा अस्पताल नहीं है। अगर रात में किसी के साथ कोई अनहोनी होती है या किसी गर्भवती महिला को दिक्कत होती है तो यहां उसे कोई अस्पताल नहीं मिलता। उसे ग्रेटर नोएडा ही जाना पड़ता है। - ममता देवी
क्षेत्र में अच्छे शिक्षण संस्थान और अस्पतालों की काफी कमी है। सरकार को बिलासपुर में बेटियों के लिए शिक्षण संस्थान खोलने चाहिए, जिससे बेटियां अपने मनचाहे क्षेत्र में पढ़ लिखकर आगे बढ़ सकें। -मनीषा
मुस्लिम परिवारों में बेटियों की शिक्षा के लिए जागरूकता नहीं है। बेटियों को पढ़ने के लिए क्षेत्र के बाहर भेजने के लिए तो परिवार के लोग बिल्कुल तैयार नहीं होते हैं। -शबनम
अवारा युवक शाम को शराब पीकर चौराहों पर जमावड़ा लगाए रहते हैं। आते जाते हुए महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं होती है। -नीतू सिंह
बेटियों को पढ़ाई के लिए बाहर जाना पड़ता है। ज्यादातर माता-पिता बेटियों को बाहर नहीं भेजते हैं। क्षेत्र में कोई अच्छा पार्क तक नहीं है, जहां पर जाकर बच्चे खेल सकें। -तरुणा
क्षेत्र में कोई अच्छा कोचिंग सेंटर तक नहीं है। मेरी बेटी स्कूल जाती है, उसके आने-जाने के लिए साधन भी नहीं मिलते हैं। हमें ही काफी दूर तक जाना पड़ता है। -स्वाति नागर
सरकार को शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा देना चाहिए। शराब के कारण क्षेत्र में कई घर बिगड़ गए हैं। दिन भर की सारी कमाई पुरुष शराब में उड़ा देते हैं, जिसके कारण घर में विवाद होता है। -सुखदा शर्मा
क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को आने-जाने के लिए साधन नहीं मिलते हैं। कासना तक जाने में भी महिलाओं को घंटों लग जाते हैं। घर चलाने के लिए महिलाओं को बाहर निकलना पड़ता है और इस तरह की समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। -मीनू
शराब की बिक्री पर सरकार को रोक लगानी चाहिए। क्षेत्र में पुलिस की गश्त भी बढ़ानी चाहिए, जिससे महिलाओं को रात में आने जाने में परेशानी न हो। -अर्चना
