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Noida News: भूटानी अल्फाथम प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर कारोबारी से 1.68 करोड़ की ठगी
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-पीड़ित के विरोध करने पर दी गई चेक हुई बाउंस और धमकी देने का भी आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-90 भूटानी अल्फाथम प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर कारोबारी से 1.68 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई। कारोबारी ने आरोप लगाया है कि परियोजना में यूनिट दिलाने का झांसा देकर रुपये लिए गए। बाद में रकम लौटाने के बजाय टालमटोल तथा धमकियां देना शुरू कर दिया। पीड़ित की तहरीर पर सेक्टर-142 कोतवाली पुलिस ने शनिवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
दिल्ली के मंडोली निवासी अंकुश तिवारी का आरोप है कि नवंबर 2023 में उनकी मुलाकात महमूद हसन नामक व्यक्ति से हुई थी। महमूद हसन ने खुद को इंस्पायरटेक रियल्टी और इनप्रो एलएलपी से जुड़ा बताते हुए उन्हें नोएडा सेक्टर-90 स्थित अल्फाथम परियोजना में निवेश का प्रस्ताव दिया। आरोपी ने दावा किया कि यह प्रोजेक्ट भूटानी इन्फ्रा व परमेश कंस्ट्रक्शन बिल्डर के सहयोग से विकसित हो रहा है। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि उसका करीब दो करोड़ रुपये का ब्रोकरेज संबंधित बिल्डर कंपनी के पास लंबित है और निवेश की राशि उसी में समायोजित कर दी जाएगी। भरोसा कर ऑनलाइन माध्यम से कुल 1 करोड़ 54 लाख 22 हजार 400 रुपये आरोपी के खातों में ट्रांसफर कर दिए थे। 19 अप्रैल 2024 को आरोपी ने लिखित रूप से यह आश्वासन दिया कि यदि अगले दिन संपत्ति का ट्रांसफर या एंडोर्समेंट नहीं होता है तो वह पूरी रकम तुरंत वापस कर देगा। इस भरोसे के आधार पर पीड़ित ने उसे 12 लाख रुपये और नकद दे दिए। इसके बावजूद न तो कोई यूनिट ट्रांसफर हुई और न ही कोई बीबीए जारी हुआ। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने समय-समय पर कई चेक भी दिए। इनमें 12 लाख रुपये और 1.56 करोड़ रुपये के चेक शामिल थे। हालांकि अधिकांश चेक या तो समय सीमा समाप्त होने के कारण अमान्य हो गए या बैंक द्वारा बाउंस कर दिए गए।आरोपी ने कई ऐसे दस्तावेज भी दिखाए जिन पर संबंधित बिल्डर कंपनियों की मुहर और हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दस्तावेजों की सत्यता और पूरे मनी ट्रेल की जांच कराई जाए। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्र का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-90 भूटानी अल्फाथम प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर कारोबारी से 1.68 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई। कारोबारी ने आरोप लगाया है कि परियोजना में यूनिट दिलाने का झांसा देकर रुपये लिए गए। बाद में रकम लौटाने के बजाय टालमटोल तथा धमकियां देना शुरू कर दिया। पीड़ित की तहरीर पर सेक्टर-142 कोतवाली पुलिस ने शनिवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
दिल्ली के मंडोली निवासी अंकुश तिवारी का आरोप है कि नवंबर 2023 में उनकी मुलाकात महमूद हसन नामक व्यक्ति से हुई थी। महमूद हसन ने खुद को इंस्पायरटेक रियल्टी और इनप्रो एलएलपी से जुड़ा बताते हुए उन्हें नोएडा सेक्टर-90 स्थित अल्फाथम परियोजना में निवेश का प्रस्ताव दिया। आरोपी ने दावा किया कि यह प्रोजेक्ट भूटानी इन्फ्रा व परमेश कंस्ट्रक्शन बिल्डर के सहयोग से विकसित हो रहा है। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि उसका करीब दो करोड़ रुपये का ब्रोकरेज संबंधित बिल्डर कंपनी के पास लंबित है और निवेश की राशि उसी में समायोजित कर दी जाएगी। भरोसा कर ऑनलाइन माध्यम से कुल 1 करोड़ 54 लाख 22 हजार 400 रुपये आरोपी के खातों में ट्रांसफर कर दिए थे। 19 अप्रैल 2024 को आरोपी ने लिखित रूप से यह आश्वासन दिया कि यदि अगले दिन संपत्ति का ट्रांसफर या एंडोर्समेंट नहीं होता है तो वह पूरी रकम तुरंत वापस कर देगा। इस भरोसे के आधार पर पीड़ित ने उसे 12 लाख रुपये और नकद दे दिए। इसके बावजूद न तो कोई यूनिट ट्रांसफर हुई और न ही कोई बीबीए जारी हुआ। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने समय-समय पर कई चेक भी दिए। इनमें 12 लाख रुपये और 1.56 करोड़ रुपये के चेक शामिल थे। हालांकि अधिकांश चेक या तो समय सीमा समाप्त होने के कारण अमान्य हो गए या बैंक द्वारा बाउंस कर दिए गए।आरोपी ने कई ऐसे दस्तावेज भी दिखाए जिन पर संबंधित बिल्डर कंपनियों की मुहर और हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दस्तावेजों की सत्यता और पूरे मनी ट्रेल की जांच कराई जाए। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्र का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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