फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   dfgsfdg

Noida News: ऑनलाइन गेमिंग से लेकर बैंक खाते तक सेंध, जालसाजों ने तीन लोगों से 19 लाख ठगे

Thu, 13 Aug 2026 09:05 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 09:05 PM IST
विज्ञापन
dfgsfdg
ऑनलाइन गेमिंग से लेकर बैंक खाते तक सेंध, साइबर जालसाजों ने तीन लोगों से करीब 19 लाख ठगे
विज्ञापन

- गेमिंग एप के नाम पर किशोर से 5.32 लाख की ठगी, दूसरे मामले में 8.04 लाख रुपये खाते से निकाले
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाज लोगों को ठगने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऑनलाइन गेमिंग के जरिए बच्चों को निशाना बनाने से लेकर सीधे बैंक खातों से रकम निकालने तक के मामले सामने आ रहे हैं। नोएडा में सामने आए तीन अलग-अलग मामलों में करीब 19 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई। साइबर थाने में तीनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की है।
सेक्टर-39 थाना क्षेत्र की खुजूर कॉलोनी निवासी शबनम खातून ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी है कि उनका 11 वर्षीय बेटा ऑनलाइन गेम खेलता था। अप्रैल में गेमिंग के दौरान वह अज्ञात लोगों के संपर्क में आया। आरोप है कि इन लोगों ने बच्चे को अपने झांसे में लेकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 5.32 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि जिन खातों में रकम भेजी गई, वे साइबर ठगी में शामिल लोगों के थे।
विज्ञापन

दूसरे मामले में सेक्टर-93 के गेझा गांव निवासी 58 वर्षीय राजकुमार के इंडसइंड बैंक खाते से 8.04 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित के अनुसार, अज्ञात लोगों ने साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से उनके खाते से रकम निकाल ली। घटना चार जुलाई 2025 की बताई गई है। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीसरे मामले में आरती तिवारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 17 मार्च 2026 को उनके साथ धोखाधड़ी की घटना शुरू हुई। शिकायत के मुताबिक, अमित मेहता नाम के व्यक्ति ने खुद को जन सुरक्षा कंपनी का व्यक्ति बताकर नौकरी का पैसा दिलवाने का आश्वासन दिया। इस दौरान उनसे अलग-अलग माध्यमों से रकम जमा कराई गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक इस घटना में उन्हें करीब 5.50 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने बैंक स्टेटमेंट, यूपीआई ट्रांजेक्शन और फोन कॉल समेत संबंधित साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही है। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस जिन बैंक खातों में रकम पहुंची है, उनकी जानकारी जुटाने के साथ गेमिंग के दौरान बच्चे के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर रही है।

बचाव के उपाय
- बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के दौरान अनजान लोगों से बातचीत और किसी भी तरह का वित्तीय लेनदेन न करने दें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते या यूपीआई के जरिए रकम ट्रांसफर न करें।
- नौकरी, निवेश या किसी अन्य लाभ का झांसा देने वाले व्यक्ति की पहचान और संस्था की पुष्टि जरूर करें।
- बैंक खाते से अनजान लेनदेन की जानकारी मिलते ही बैंक को सूचित करें और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं।
- ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
- अभिभावक बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और गेमिंग प्लेटफॉर्म पर उनकी बातचीत पर नजर रखें।
- साइबर ठगी होने पर लेनदेन से जुड़े स्क्रीनशॉट, बैंक स्टेटमेंट, फोन नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed