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Noida News: डायरिया और फूड पॉइजनिंग के मरीज बढ़े
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिम्स में डायरिया और फूड पॉइजनिंग के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 600 मरीज पेट दर्द व अन्य बीमारियों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मेडिसन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि कुछ दिनों में मौसम में बदलाव के कारण संक्रामक बीमारियों के मामले भी बढ़े हैं। खासतौर पर बाहर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, बासी भोजन और दूषित पानी के सेवन से लोग बीमार हो रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में इसका प्रभाव अधिक देखा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि तेज गर्मी में भोजन जल्दी खराब हो जाता है। ऐसे में लंबे समय तक रखा गया भोजन खाने से फूड पॉइजनिंग की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिससे मरीजों की हालत गंभीर भी हो सकती है। ओपीडी में आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन्हें उल्टी-दस्त के साथ कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत है। कई मरीजों को डिहाइड्रेशन के कारण भर्ती भी करना पड़ा है।
खुले में रखे खाद्य पदार्थों को खाने से बचें
जिम्स के निदेशक ब्रिग्रेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि गर्मी के मौसम में सड़क किनारे खुले में रखे खाद्य पदार्थों और कटे हुए फलों से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को लगातार दस्त, उल्टी, तेज बुखार या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिम्स में डायरिया और फूड पॉइजनिंग के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 600 मरीज पेट दर्द व अन्य बीमारियों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मेडिसन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि कुछ दिनों में मौसम में बदलाव के कारण संक्रामक बीमारियों के मामले भी बढ़े हैं। खासतौर पर बाहर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, बासी भोजन और दूषित पानी के सेवन से लोग बीमार हो रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में इसका प्रभाव अधिक देखा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि तेज गर्मी में भोजन जल्दी खराब हो जाता है। ऐसे में लंबे समय तक रखा गया भोजन खाने से फूड पॉइजनिंग की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिससे मरीजों की हालत गंभीर भी हो सकती है। ओपीडी में आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन्हें उल्टी-दस्त के साथ कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत है। कई मरीजों को डिहाइड्रेशन के कारण भर्ती भी करना पड़ा है।
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खुले में रखे खाद्य पदार्थों को खाने से बचें
जिम्स के निदेशक ब्रिग्रेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि गर्मी के मौसम में सड़क किनारे खुले में रखे खाद्य पदार्थों और कटे हुए फलों से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को लगातार दस्त, उल्टी, तेज बुखार या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।