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Noida News: साइबर जालसाजों ने अलग अलग तरीके से 19 लाख की साइबर ठगी की
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साइबर जालसाजों ने अलग अलग तरीके से 19 लाख की साइबर ठगी की
- कंपनी के कार्ड से 120 से ज्यादा बार किया ऑनलाइन भुगतान, साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर अपराधी लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। जालसाजों ने शहर में कंपनी के कार्ड का दुरुपयोग कर पैसे का भुगतान कर दिया तो नामी वित्तीय संस्थान का अधिकारी बनकर फर्जी निवेश वेबसाइट के जरिये रकम हड़प ली। वहीं बीमा पॉलिसी में निवेश का झांसा देकर महिला से अलग-अलग खातों में लाखों रुपये जमा करा लिए गए। साइबर क्राइम थाने में तीनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पहले मामले में सोशल मीडिया सर्विस कंपनी डीजीएच की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। कंपनी की प्रतिनिधि आयुषी श्रीवास्तव के मुताबिक, मेटा प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन और अन्य सेवाओं के भुगतान के लिए इस्तेमाल होने वाले कंपनी कार्ड का किसी अज्ञात व्यक्ति ने दुरुपयोग किया। आरोप है कि ठगों ने कार्ड से करीब 120 बार अनधिकृत ऑनलाइन लेनदेन किए। अधिकांश भुगतान पांच हजार रुपये से कम के थे। बैंक स्टेटमेंट की जांच के बाद कंपनी को छह लाख रुपये से अधिक के नुकसान का पता चला।
वहीं ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी रमेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पांच सितंबर 2025 को इंस्टाग्राम के माध्यम से उनकी एक महिला से बातचीत हुई। महिला ने खुद को मॉर्गन स्टेनली से जुड़ा बताया। इसके बाद उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। आरोप है कि ग्रुप के जरिये दिलवा डॉट कॉम नाम की फर्जी वेबसाइट पर निवेश के लिए खाता खुलवाया गया। शुरुआत में दो लाख रुपये जमा कराने के बाद वेबसाइट पर मुनाफा दिखाया गया। अधिक लाभ का लालच देकर उनसे कई बार अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। 16 अक्तूबर से 23 नवंबर 2025 के बीच रकम जमा कराने के बाद वेबसाइट पर उनका खाता फ्रीज हो गया और आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया।
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वहीं सेक्टर-120 निवासी दुर्वा तालुकदार को 7 अक्तूबर 2025 को एक व्यक्ति ने फोन किया और खुद को एचडीएफसी लाइफ से संबंधित बताया। आरोप है कि उसने विभिन्न बीमा योजनाओं में निवेश का झांसा देकर महिला से रकम जमा कराई। 10 अक्तूबर 2025 से 9 मई 2026 के बीच महिला ने अलग-अलग खातों में कुल 7.29 लाख रुपये भेज दिए। बाद में ठगी का पता चलने पर उन्होंने साइबर पोर्टल पर शिकायत की। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और लेनदेन की जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
ठगी से बचने के लिए ये सावधानियां
- निवेश से पहले कंपनी और वेबसाइट की जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट से जांचें।
- सोशल मीडिया पर मिले निवेश प्रस्ताव पर तुरंत भरोसा न करें।
- किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी न दें।
- खाते में छोटी रकम के संदिग्ध लेनदेन भी दिखाई दें तो तुरंत बैंक को सूचना दें।
- ज्यादा मुनाफे या कम समय में पैसा दोगुना करने का दावा करने वालों से सावधान रहें।
- किसी कंपनी का अधिकारी होने का दावा करने वाले व्यक्ति की पहचान आधिकारिक हेल्पलाइन से सत्यापित करें।
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- कंपनी के कार्ड से 120 से ज्यादा बार किया ऑनलाइन भुगतान, साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर अपराधी लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। जालसाजों ने शहर में कंपनी के कार्ड का दुरुपयोग कर पैसे का भुगतान कर दिया तो नामी वित्तीय संस्थान का अधिकारी बनकर फर्जी निवेश वेबसाइट के जरिये रकम हड़प ली। वहीं बीमा पॉलिसी में निवेश का झांसा देकर महिला से अलग-अलग खातों में लाखों रुपये जमा करा लिए गए। साइबर क्राइम थाने में तीनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पहले मामले में सोशल मीडिया सर्विस कंपनी डीजीएच की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। कंपनी की प्रतिनिधि आयुषी श्रीवास्तव के मुताबिक, मेटा प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन और अन्य सेवाओं के भुगतान के लिए इस्तेमाल होने वाले कंपनी कार्ड का किसी अज्ञात व्यक्ति ने दुरुपयोग किया। आरोप है कि ठगों ने कार्ड से करीब 120 बार अनधिकृत ऑनलाइन लेनदेन किए। अधिकांश भुगतान पांच हजार रुपये से कम के थे। बैंक स्टेटमेंट की जांच के बाद कंपनी को छह लाख रुपये से अधिक के नुकसान का पता चला।
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वहीं ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी रमेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पांच सितंबर 2025 को इंस्टाग्राम के माध्यम से उनकी एक महिला से बातचीत हुई। महिला ने खुद को मॉर्गन स्टेनली से जुड़ा बताया। इसके बाद उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। आरोप है कि ग्रुप के जरिये दिलवा डॉट कॉम नाम की फर्जी वेबसाइट पर निवेश के लिए खाता खुलवाया गया। शुरुआत में दो लाख रुपये जमा कराने के बाद वेबसाइट पर मुनाफा दिखाया गया। अधिक लाभ का लालच देकर उनसे कई बार अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। 16 अक्तूबर से 23 नवंबर 2025 के बीच रकम जमा कराने के बाद वेबसाइट पर उनका खाता फ्रीज हो गया और आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया।
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वहीं सेक्टर-120 निवासी दुर्वा तालुकदार को 7 अक्तूबर 2025 को एक व्यक्ति ने फोन किया और खुद को एचडीएफसी लाइफ से संबंधित बताया। आरोप है कि उसने विभिन्न बीमा योजनाओं में निवेश का झांसा देकर महिला से रकम जमा कराई। 10 अक्तूबर 2025 से 9 मई 2026 के बीच महिला ने अलग-अलग खातों में कुल 7.29 लाख रुपये भेज दिए। बाद में ठगी का पता चलने पर उन्होंने साइबर पोर्टल पर शिकायत की। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और लेनदेन की जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
ठगी से बचने के लिए ये सावधानियां
- निवेश से पहले कंपनी और वेबसाइट की जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट से जांचें।
- सोशल मीडिया पर मिले निवेश प्रस्ताव पर तुरंत भरोसा न करें।
- किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी न दें।
- खाते में छोटी रकम के संदिग्ध लेनदेन भी दिखाई दें तो तुरंत बैंक को सूचना दें।
- ज्यादा मुनाफे या कम समय में पैसा दोगुना करने का दावा करने वालों से सावधान रहें।
- किसी कंपनी का अधिकारी होने का दावा करने वाले व्यक्ति की पहचान आधिकारिक हेल्पलाइन से सत्यापित करें।