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West Asia Crisis: क्या होर्मुज में समुद्री सेवाओं पर शुल्क लेगा ईरान? इस्माइल बघाई ने साफ किया रुख; कही ये बात

Mon, 10 Aug 2026 07:06 PM IST
Devesh Tripathi आईएएनएस, तेहरान
आईएएनएस, तेहरान Published by: Devesh Tripathi Updated Mon, 10 Aug 2026 07:06 PM IST
सार

होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को सामान्य बनाने की कोशिशों के बीच ईरान ने सेवाओं के बदले शुल्क लेने की संभावना जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि समुद्री सेवाएं उपलब्ध कराने पर भुगतान किया जाना सामान्य बात है। ईरान और ओमान जलमार्ग में एक अस्थायी मध्यवर्ती मार्ग बनाने पर बातचीत कर रहे हैं। 

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Iran Esmaeil Baghaei says service fees should be charged for passage through Hormuz Strait-maritime-oman
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI

विस्तार

पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के बीच ईरान किसी भी हाल में झुकने के तैयार नहीं है। ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में दी जाने वाली समुद्री सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाना चाहिए। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को यह बात कही। 
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उन्होंने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान और ओमान के बीच जलमार्ग में एक नए रास्ते के निर्धारण को लेकर चल रही बातचीत के दौरान समुद्री सेवाओं के शुल्क पर चर्चा से जुड़े सवाल के जवाब में यह बयान दिया। बघाई ने कहा, "आम तौर पर, जब आप समुद्री सेवाएं प्रदान करते हैं, तो आपको उनके लिए भुगतान किया जाना चाहिए।"
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ईरान और ओमान ने कर दिया क्या खेला?
इस्माइल बघाई ने कहा, "इस स्तर पर हम इस तरह के विवरण पर चर्चा नहीं कर रहे हैं।" उन्होंने बताया कि बातचीत जारी है और कुछ तकनीकी बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। बघाई ने कहा कि ईरान और ओमान के बीच बातचीत सुचारू और रचनात्मक तरीके से हो रही है। उन्होंने बताया कि सुरक्षित शिपिंग सुनिश्चित करने, पर्यावरण से जुड़े मुद्दों से निपटने, समुद्री सेवाएं उपलब्ध कराने और जलडमरूमध्य में अपराधों से मुकाबला करने के लिए व्यवस्था तैयार की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संभावित समझौते के तहत जलडमरूमध्य में मौजूदा उत्तरी और दक्षिणी मार्गों की जगह एक मध्यवर्ती मार्ग बनाया जाएगा। ईरान और ओमान के नए ट्रैफिक सेपरेशन सिस्टम पर सहमत होने तक इस नए मार्ग का अस्थायी रूप से इस्तेमाल किया जाएगा।

ईरान ने क्यों बंद किया होर्मुज जलडमरूमध्य?
बघाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने के लिए अमेरिका और इस्राइल की ईरान के खिलाफ "सैन्य आक्रामकता" को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जलमार्ग को फिर से खोलना ईरान पर लगाई गई शर्तों को खत्म किए जाने पर निर्भर करेगा। उन्होंने फिर दोहराया कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत नहीं कर रहा है। हालांकि, दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते पर दिए क्या संकेत?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान के साथ "हम केवल आधे-अधूरे तरीके से बातचीत कर रहे हैं।" उन्होंने संकेत दिया कि वह नए सैन्य हमले का आदेश देने के बजाय ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ने देने के लिए तैयार हैं। एक्सियोस से संक्षिप्त फोन बातचीत में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान आर्थिक रूप से "बहुत खराब स्थिति" में है।

रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर एक समझौता ईरान, ओमान और अमेरिका के बीच हुआ था और यह "कुछ दिनों से लंबित" है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को कहा था कि ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात के लिए अस्थायी मार्ग तय करने को लेकर समझौते के "बहुत करीब" हैं।


सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के रक्षा समझौते को ईरान ने माना अमेरिका विरोधी
ईरान के मुताबिक हाल ही में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुआ रक्षा समझौता 'अमेरिका विरोधी' है। सोमवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा ये 'सोच में बदलाव का संकेत' है। बघाई ने कहा कि जैसे हालात पिछले दो तीन साल में बने हैं उन्हें देखते हुए इस क्षेत्र के देशों ने समझ लिया है कि सुरक्षा कोई ऐसी चीज नहीं है जो किसी फर्जी मध्यस्थ के जरिए हासिल की जा सकती है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ईरान को इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने इसकी वजह इन देशों के साथ उसके धार्मिक, ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों को बताया।
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