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Noida News: कॉमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने से उत्पादन लागत 5 से 10 प्रतिशत इजाफा
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पीएनजी चुन रहे उद्यमी, बोले- कच्चे माल की कीमतें पहले से ही दोगुना बढ़ चुकी हैं
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कॉमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने से उद्यमी परेशान हैं। उनका कहना है कि इससे उत्पादन लागत 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है। ऐसे में कारोबार करना मुश्किल हो गया है। अब गैस की जगह पीएनजी या बिजली इस्तेमाल करने का फैसला किया जा रहा है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार राहत देने की जगह खर्च बढ़ा रही है। लगातार उन पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
सरकारी तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में 993 रुपये की वृद्धि की है। अब कॉमर्शियल गैस सिलिंडर 3071 रुपये में मिल रहा है। इस पर उद्यमियों का कहना है कि अमेरिका-ईरान में तनाव के कारण देश में गैस की किल्लत है। पहले सरकार ने उद्योगों को गैस देना बंद किया। किसी तरह गैस की आपूर्ति शुरू हुई तो अब दाम बढ़ा दिए गए। पहले से ही कच्चे माल की कीमतें दोगुना बढ़ चुकी हैं। ऐसे में उद्योगों को चलाना मुश्किल हो गया है। उत्पादन की लागत 5 से 10 प्रतिशत बढ़ गई है।
कॉमर्शियल सिलिंडर महंगा होने से रेस्तरां व ढाबों पर खाना भी महंगा हो गया है। इससे श्रमिकों पर असर पड़ रहा है। छोटे सिलिंडर से काम चला रहे श्रमिकों को अब अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ रही है। आईबीए के अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने बताया कि सरकार को एमएसएमई सेक्टर को राहत पैकेज देना चाहिए, लेकिन यहां पर उल्टा एमएसएमई सेक्टरों की कमर तोड़ी जा रही है। गैस की कीमत बढ़ने के कारण अब उद्यमी पीएनजी कनेक्शन चुन रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलिंडर का उपयोग कम करने के मकसद से ही कीमतों में इजाफा किया है। गैस की कीमत बढ़ने के कारण गत्ता, पैकेजिंग व अन्य उद्योगों को नुकसान हुआ है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कॉमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने से उद्यमी परेशान हैं। उनका कहना है कि इससे उत्पादन लागत 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है। ऐसे में कारोबार करना मुश्किल हो गया है। अब गैस की जगह पीएनजी या बिजली इस्तेमाल करने का फैसला किया जा रहा है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार राहत देने की जगह खर्च बढ़ा रही है। लगातार उन पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
सरकारी तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में 993 रुपये की वृद्धि की है। अब कॉमर्शियल गैस सिलिंडर 3071 रुपये में मिल रहा है। इस पर उद्यमियों का कहना है कि अमेरिका-ईरान में तनाव के कारण देश में गैस की किल्लत है। पहले सरकार ने उद्योगों को गैस देना बंद किया। किसी तरह गैस की आपूर्ति शुरू हुई तो अब दाम बढ़ा दिए गए। पहले से ही कच्चे माल की कीमतें दोगुना बढ़ चुकी हैं। ऐसे में उद्योगों को चलाना मुश्किल हो गया है। उत्पादन की लागत 5 से 10 प्रतिशत बढ़ गई है।
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कॉमर्शियल सिलिंडर महंगा होने से रेस्तरां व ढाबों पर खाना भी महंगा हो गया है। इससे श्रमिकों पर असर पड़ रहा है। छोटे सिलिंडर से काम चला रहे श्रमिकों को अब अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ रही है। आईबीए के अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने बताया कि सरकार को एमएसएमई सेक्टर को राहत पैकेज देना चाहिए, लेकिन यहां पर उल्टा एमएसएमई सेक्टरों की कमर तोड़ी जा रही है। गैस की कीमत बढ़ने के कारण अब उद्यमी पीएनजी कनेक्शन चुन रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलिंडर का उपयोग कम करने के मकसद से ही कीमतों में इजाफा किया है। गैस की कीमत बढ़ने के कारण गत्ता, पैकेजिंग व अन्य उद्योगों को नुकसान हुआ है।
