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Noida News: 12 वीं के टॉपर्स
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12 वीं के टॉपर्स
हिंदी भाषा पर भी अच्छी पकड़
ह्यूमैनिटीज की छात्रा ऐश्वर्या अरोरा ने 12वीं में 98.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। अब उनका लक्ष्य दिल्ली विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स करना है। हालांकि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के अलावा अन्य विकल्प भी खुले रखे हैं। आनंद में रहने वाली ऐश्वर्या की छोटी बहन भी द श्रीराम मिलेनियम स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ती है, जबकि 10 वर्षीय भाई 6वीं का छात्र है। उनके पिता कपिल अरोरा और माता दोनों ही चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं।
ऐश्वर्या बताती हैं कि उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ जीवन को भी संतुलित रखा। वह कहती हैं कि उन्होंने सोशल लाइफ और स्टडीज के बीच अच्छा बैलेंस बनाए रखा। स्कूल में वह मैगजीन की एडिटर रह चुकी हैं, जहां उन्होंने 15 लोगों की टीम के साथ काम किया और ऑनलाइन मैगजीन को खुद डिजाइन भी किया। उनकी हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ है, जिसका श्रेय वह अपनी बुआ को देती हैं, जो एक एक्टर हैं।
मोबाइल का किया सही उपयोग
नमन सोनपर ने 98.3 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने मोबाइल का सही तरीके से उपयोग किया। पढ़ाई के लिए उन्होंने डिजिटल लाइब्रेरी का भी सहारा लिया, लेकिन उनके अनुसार सबसे जरूरी है तकनीक का सही इस्तेमाल करना। उन्होंने बताया कि उन्होंने घंटों गिनकर पढ़ाई नहीं की, बल्कि नियमित रूप से पढ़ाई करते हुए गुणवत्ता पर ध्यान दिया। हालांकि बोर्ड परीक्षा के दौरान उन्होंने मोबाइल फोन पूरी तरह बंद कर दिया था। उनका मानना है कि 12वीं की पढ़ाई हमेशा योजना बनाकर करनी चाहिए।
इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में बनाएंगे करियर
कृषिव राज गुप्ता ने 12वीं में 98.3 प्रतिशत अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उनकी रुचि शुरू से ही इकोनॉमिक्स में रही है और वह आगे चलकर एसआरसीसी कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर्स करना चाहते हैं। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में रहने वाले कृषिव का कहना है कि उन्होंने ह्यूमैनिटीज के साथ गणित विषय लेकर पढ़ाई की, जिससे उनकी विश्लेषण क्षमता और मजबूत हुई। कभी-कभी उन्होंने इकोनॉमिक्स और मैथ्स के कठिन टॉपिक्स के लिए यूट्यूब की भी मदद ली, लेकिन अधिकतर पढ़ाई उन्होंने स्वयं अनुशासन के साथ की। उनके पिता मनीष गुप्ता एक ईएनटी सर्जन हैं, जबकि उनकी मां भी डॉक्टर हैं और अपनी प्रैक्टिस करती हैं। कृषिव का लक्ष्य आगे चलकर इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के क्षेत्र में करियर बनाना है।
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हिंदी भाषा पर भी अच्छी पकड़
ह्यूमैनिटीज की छात्रा ऐश्वर्या अरोरा ने 12वीं में 98.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। अब उनका लक्ष्य दिल्ली विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स करना है। हालांकि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के अलावा अन्य विकल्प भी खुले रखे हैं। आनंद में रहने वाली ऐश्वर्या की छोटी बहन भी द श्रीराम मिलेनियम स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ती है, जबकि 10 वर्षीय भाई 6वीं का छात्र है। उनके पिता कपिल अरोरा और माता दोनों ही चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं।
ऐश्वर्या बताती हैं कि उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ जीवन को भी संतुलित रखा। वह कहती हैं कि उन्होंने सोशल लाइफ और स्टडीज के बीच अच्छा बैलेंस बनाए रखा। स्कूल में वह मैगजीन की एडिटर रह चुकी हैं, जहां उन्होंने 15 लोगों की टीम के साथ काम किया और ऑनलाइन मैगजीन को खुद डिजाइन भी किया। उनकी हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ है, जिसका श्रेय वह अपनी बुआ को देती हैं, जो एक एक्टर हैं।
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मोबाइल का किया सही उपयोग
नमन सोनपर ने 98.3 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने मोबाइल का सही तरीके से उपयोग किया। पढ़ाई के लिए उन्होंने डिजिटल लाइब्रेरी का भी सहारा लिया, लेकिन उनके अनुसार सबसे जरूरी है तकनीक का सही इस्तेमाल करना। उन्होंने बताया कि उन्होंने घंटों गिनकर पढ़ाई नहीं की, बल्कि नियमित रूप से पढ़ाई करते हुए गुणवत्ता पर ध्यान दिया। हालांकि बोर्ड परीक्षा के दौरान उन्होंने मोबाइल फोन पूरी तरह बंद कर दिया था। उनका मानना है कि 12वीं की पढ़ाई हमेशा योजना बनाकर करनी चाहिए।
इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में बनाएंगे करियर
कृषिव राज गुप्ता ने 12वीं में 98.3 प्रतिशत अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उनकी रुचि शुरू से ही इकोनॉमिक्स में रही है और वह आगे चलकर एसआरसीसी कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर्स करना चाहते हैं। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में रहने वाले कृषिव का कहना है कि उन्होंने ह्यूमैनिटीज के साथ गणित विषय लेकर पढ़ाई की, जिससे उनकी विश्लेषण क्षमता और मजबूत हुई। कभी-कभी उन्होंने इकोनॉमिक्स और मैथ्स के कठिन टॉपिक्स के लिए यूट्यूब की भी मदद ली, लेकिन अधिकतर पढ़ाई उन्होंने स्वयं अनुशासन के साथ की। उनके पिता मनीष गुप्ता एक ईएनटी सर्जन हैं, जबकि उनकी मां भी डॉक्टर हैं और अपनी प्रैक्टिस करती हैं। कृषिव का लक्ष्य आगे चलकर इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के क्षेत्र में करियर बनाना है।
