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Noida News: कैंटीन से बैंकों तक सखियों का राज, कमाई 50 हजार के पार
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फोटो
- ग्रेनो में करीब 422 सखियां विभिन्न क्षेत्रों में काम कर लिख रहीं आर्थिक आजादी की इबारत
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा।
ग्रेटर नोएडा में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत शिक्षित ग्रामीण महिलाएं अपनी योग्यता के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में सखी के रूप में काम कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। जिले में वर्तमान में करीब 422 सखियां सक्रिय हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हुए परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। इनमें 79 विद्युत सखी, 20 बैंक सखी, 71 कृषि सखी, 26 उद्योग सखी, 122 समूह सखी, 19 अन्य उद्योग सखी, 27 प्रेरणा दीदी कैंटीन संचालक के रूप में कार्यरत हैं। ये सखियां कौशल के बल पर हर महीने एक अच्छी आय अर्जित कर पाती हैं, जिससे वह आर्थिक तौर पर सशक्त हो रहीं हैं।
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- सखी के रूप में काम करके अच्छा लगता है। वर्तमान में चिटहेरा स्थित कैनरा बैंक में बैंक सखी के रूप में काम कर रहीं हूं। - सोनिया, बैंक सखी
- राष्ट्रीय आजीविका मिशन से सहयोग मिलने पर ब्यूटी पार्लर शुरू किया। फिलहाल व्यवसाय सुचारू रूप से चल रहा है। - अंजू, ब्यूटी पार्लर संचालक
- पढ़ाई के दौरान सीखी सिलाई को रोजगार का जरिया बनाया। अब अपने गांव कोट में सिलाई सेंटर चला रही हूं। - मिथलेश, सिलाई केंद्र संचालक
- बीते तीन वर्षों से कैंटीन चला रहीं हूं। शुरुआत में दिक्कतें आईं, लेकिन धीरे-धीरे काम पटरी पर आ गया। - सीमा देवी, प्रेरणा दीदी कैंटीन
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-सखी के रूप में विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं कार्यरत हैं। इनमें से कई हर महीने पचास हजार से एक लाख रुपये तक कमा रहीं हैं। - शिवकुमार परमेश, जिला विकास अधिकारी, गौतमबुद्धनगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा।
ग्रेटर नोएडा में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत शिक्षित ग्रामीण महिलाएं अपनी योग्यता के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में सखी के रूप में काम कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। जिले में वर्तमान में करीब 422 सखियां सक्रिय हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हुए परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। इनमें 79 विद्युत सखी, 20 बैंक सखी, 71 कृषि सखी, 26 उद्योग सखी, 122 समूह सखी, 19 अन्य उद्योग सखी, 27 प्रेरणा दीदी कैंटीन संचालक के रूप में कार्यरत हैं। ये सखियां कौशल के बल पर हर महीने एक अच्छी आय अर्जित कर पाती हैं, जिससे वह आर्थिक तौर पर सशक्त हो रहीं हैं।
- सखी के रूप में काम करके अच्छा लगता है। वर्तमान में चिटहेरा स्थित कैनरा बैंक में बैंक सखी के रूप में काम कर रहीं हूं। - सोनिया, बैंक सखी
- राष्ट्रीय आजीविका मिशन से सहयोग मिलने पर ब्यूटी पार्लर शुरू किया। फिलहाल व्यवसाय सुचारू रूप से चल रहा है। - अंजू, ब्यूटी पार्लर संचालक
- पढ़ाई के दौरान सीखी सिलाई को रोजगार का जरिया बनाया। अब अपने गांव कोट में सिलाई सेंटर चला रही हूं। - मिथलेश, सिलाई केंद्र संचालक
- बीते तीन वर्षों से कैंटीन चला रहीं हूं। शुरुआत में दिक्कतें आईं, लेकिन धीरे-धीरे काम पटरी पर आ गया। - सीमा देवी, प्रेरणा दीदी कैंटीन
-सखी के रूप में विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं कार्यरत हैं। इनमें से कई हर महीने पचास हजार से एक लाख रुपये तक कमा रहीं हैं। - शिवकुमार परमेश, जिला विकास अधिकारी, गौतमबुद्धनगर
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