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Noida News: बैंक मैनेजर और निवेश सलाहकार बनकर तीन लोगों से ठग लिए 20 लाख
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बैंक मैनेजर और निवेश सलाहकार बनकर तीन लोगों से 20 लाख की ठगी
- केवाईसी अपडेट और निवेश में मुनाफे का झांसा देकर जाल में फंसाया, क्रेडिट कार्ड से भी 5.19 लाख की खरीदारी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने बैंक मैनेजर और निवेश सलाहकार बनकर तीन लोगों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाया। जालसाजों ने केवाईसी अपडेट कराने, निवेश पर बेहतर मुनाफा दिलाने और क्रेडिट कार्ड की जानकारी का फायदा उठाकर करीब 20 लाख रुपये की ठगी की। पीड़ितों की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है।
सेक्टर-137 निवासी राजीव चंद्र शुक्ला ने पुलिस से बताया कि वह सेक्टर-142 स्थित एसबीआई बैंक में ऑनलाइन केवाईसी अपडेट करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अमरनाथ नाम के व्यक्ति ने उन्हें वॉट्सऐप पर कॉल की। उसने खुद को बैंक मैनेजर बताया और ऑनलाइन केवाईसी पूरी कराने का भरोसा दिया। आरोपी ने राजीव के मोबाइल पर एक लिंक भेजा और उसमें दूसरे बैंक खाते से जुड़ी जानकारी अपलोड करने को कहा। पीड़ित के मुताबिक, प्रक्रिया पूरी करने के दौरान करीब आधे घंटे के भीतर उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से दो बार में 7.3 लाख रुपये निकल गए।
अच्छा मुनाफा कमाने का भरोसा देकर की ठगी : वहीं सेक्टर-49 के बरौला निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले साल 29 अक्तूबर को वॉट्सऐप पर एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को निवेश सलाहकार बताया और कम समय में अच्छा मुनाफा कमाने का भरोसा दिया। पीड़ित उसकी बातों में आ गए। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी के जरिये रकम ट्रांसफर करनी शुरू कर दी। पीड़ित ने अपने खाते के अलावा दोस्त और पत्नी के खाते से भी रकम भेजी। इस तरह कुल 7.24, लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।
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क्रेडिट कार्ड से निकाले पैसे : दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन निवासी सजी वर्गीज सेक्टर-100 स्थित निजी स्कूल में नौकरी करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि मार्च में उनके क्रेडिट कार्ड से बिना अनुमति के 5.19 लाख रुपये की खरीदारी और ट्रांजैक्शन कर दी गई। 11 मार्च को बैंक से मिले नोटिफिकेशन के बाद उन्हें जानकारी हुई। उन्होंने तत्काल क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराया और संबंधित बैंक में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आईसीआईसीआई और कोटक बैंक के सर्विस रिक्वेस्ट नंबर भी दिए गए हैं। पीड़ित के मुताबिक, कोटक बैंक की ओर से 92,250 और 75 हजार रुपये वापस किए जा चुके हैं, जबकि बाकी रकम अभी वापस नहीं मिली है। डीसीपी साइबर सेल शैव्या गोयल ने बताया कि इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ऐसे बचें साइबर ठगी से
- बैंक कर्मचारी बनकर फोन करने वाले व्यक्ति को ओटीपी, पिन, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी न दें।
- केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर भेजे गए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- निवेश से पहले कंपनी, ऐप और सलाहकार की पूरी जानकारी जांच लें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर यूपीआई के जरिये पैसे ट्रांसफर न करें।
- क्रेडिट कार्ड और बैंक खातों पर ट्रांजैक्शन अलर्ट जरूर सक्रिय रखें।
- ठगी होने पर देरी किए बिना 1930 पर कॉल करें।
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- केवाईसी अपडेट और निवेश में मुनाफे का झांसा देकर जाल में फंसाया, क्रेडिट कार्ड से भी 5.19 लाख की खरीदारी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने बैंक मैनेजर और निवेश सलाहकार बनकर तीन लोगों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाया। जालसाजों ने केवाईसी अपडेट कराने, निवेश पर बेहतर मुनाफा दिलाने और क्रेडिट कार्ड की जानकारी का फायदा उठाकर करीब 20 लाख रुपये की ठगी की। पीड़ितों की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है।
सेक्टर-137 निवासी राजीव चंद्र शुक्ला ने पुलिस से बताया कि वह सेक्टर-142 स्थित एसबीआई बैंक में ऑनलाइन केवाईसी अपडेट करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अमरनाथ नाम के व्यक्ति ने उन्हें वॉट्सऐप पर कॉल की। उसने खुद को बैंक मैनेजर बताया और ऑनलाइन केवाईसी पूरी कराने का भरोसा दिया। आरोपी ने राजीव के मोबाइल पर एक लिंक भेजा और उसमें दूसरे बैंक खाते से जुड़ी जानकारी अपलोड करने को कहा। पीड़ित के मुताबिक, प्रक्रिया पूरी करने के दौरान करीब आधे घंटे के भीतर उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से दो बार में 7.3 लाख रुपये निकल गए।
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अच्छा मुनाफा कमाने का भरोसा देकर की ठगी : वहीं सेक्टर-49 के बरौला निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले साल 29 अक्तूबर को वॉट्सऐप पर एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को निवेश सलाहकार बताया और कम समय में अच्छा मुनाफा कमाने का भरोसा दिया। पीड़ित उसकी बातों में आ गए। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी के जरिये रकम ट्रांसफर करनी शुरू कर दी। पीड़ित ने अपने खाते के अलावा दोस्त और पत्नी के खाते से भी रकम भेजी। इस तरह कुल 7.24, लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।
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क्रेडिट कार्ड से निकाले पैसे : दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन निवासी सजी वर्गीज सेक्टर-100 स्थित निजी स्कूल में नौकरी करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि मार्च में उनके क्रेडिट कार्ड से बिना अनुमति के 5.19 लाख रुपये की खरीदारी और ट्रांजैक्शन कर दी गई। 11 मार्च को बैंक से मिले नोटिफिकेशन के बाद उन्हें जानकारी हुई। उन्होंने तत्काल क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराया और संबंधित बैंक में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आईसीआईसीआई और कोटक बैंक के सर्विस रिक्वेस्ट नंबर भी दिए गए हैं। पीड़ित के मुताबिक, कोटक बैंक की ओर से 92,250 और 75 हजार रुपये वापस किए जा चुके हैं, जबकि बाकी रकम अभी वापस नहीं मिली है। डीसीपी साइबर सेल शैव्या गोयल ने बताया कि इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ऐसे बचें साइबर ठगी से
- बैंक कर्मचारी बनकर फोन करने वाले व्यक्ति को ओटीपी, पिन, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी न दें।
- केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर भेजे गए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- निवेश से पहले कंपनी, ऐप और सलाहकार की पूरी जानकारी जांच लें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर यूपीआई के जरिये पैसे ट्रांसफर न करें।
- क्रेडिट कार्ड और बैंक खातों पर ट्रांजैक्शन अलर्ट जरूर सक्रिय रखें।
- ठगी होने पर देरी किए बिना 1930 पर कॉल करें।