{"_id":"69aaf9bf19c58d1e490c7047","slug":"hotel-room-not-available-after-booking-company-ordered-to-refund-full-amount-noida-news-c-23-1-lko1064-89388-2026-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: बुकिंंग के बाद होटल में नहीं मिला कमरा, कंपनी को पूरा पैसा लौटाने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: बुकिंंग के बाद होटल में नहीं मिला कमरा, कंपनी को पूरा पैसा लौटाने के आदेश
विज्ञापन
विज्ञापन
नैनीताल घूमने गए पति-पत्नी ने मेक माई ट्रिप से कराई थी बुकिंग, पहुंचने पर नहीं मिला था कमरा
जिला उपभोक्ता आयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नैनीताल घूमने गए पति-पत्नी ने मेक माई ट्रिप एप से होटल में कमरा बुक किया था। लेकिन जब वे वहां पहुंचे तो होटल वालों ने उन्हें कमरा देने से मना कर दिया। इस मामले में पीड़ित की तरफ से उपभोक्ता आयोग में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मेक माई ट्रिप कंपनी को ब्याज समेत पूरा पैसा लौटाने के आदेश दिए हैं। कंपनी को बुकिंग राशि, अन्य खर्च, मानसिक परेशानी और वाद व्यय समेत 9914 रुपये 6 फीसदी ब्याज के साथ लौटाने होंगे। इसके साथ ही दो हजार रुपये वाद व्यय और दो हजार रुपये मानसिक संताप के भी देने होंगे। पूरी राशि 30 दिनों के भीतर लौटाने के आदेश दिए गए हैं। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने मामले की सुनवाई की।
दरअसल, नोएडा के सेक्टर-1 में रहने वाले हिमांशु पाठक पत्नी के साथ सात अप्रैल 2023 को नैनीताल घूमने गए थे। आठ अप्रैल को वहां ठहरने के लिए उन्होंने मेक माई ट्रिप एप से होटल शिवा होम स्टे में कमरा बुक कराया। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन 3157 रुपये का भुगतान किया। उक्त दिन शाम को जब वह होटल की मिली लोकेशन पर पहुंचे तो वहां इस नाम का कोई होटल उन्हें नहीं मिला। कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क किया तो उन्हें मेल आईडी पर एक और लोकेशन भेजी गई। कैब बुक कर वह नई लोकेशन पर पहुंचे, जो मुक्तेश्वर की थी। इसके लिए कैब को तीन हजार रुपये का भुगतान किया। नई लोकेशन पर पहुंचने के बाद उन्हें होटल होम स्टे तो मिला लेकिन वहां पूछताछ केंद्र पर उन्हें बताया गया कि उनके नाम से कोई बुकिंग नहीं है। होटल फुल है। इसलिए कमरा नहीं दिया गया।
सुनवाई के दौरान पीड़ित ने बताया कि ऐसी स्थिति में उन्होंने पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने उन्हें एक अन्य स्थान पर कमरा दिलाकर ठहराया। उस होटल को 3757 रुपये का भुगतान किया। बाद में कई बार संपर्क करने के बाद भी उन्हें बुकिंग राशि का पैसा नहीं लौटाया गया। इसके बाद उन्होंने आयोग में शिकायत की।
सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखते हुए कंपनी ने कहा कि वह एक फैसिलिटेटर है। होटल ने बुकिंग कंफर्म की थी। बुकिंग के वाउचर में ही होटल का पता मुक्तेश्वर का ही लिखा है। उनके द्वारा सही लोकेशन भेजी गई थी। बुकिंग कैंसिल करने के संबंध में जिम्मेदारी उक्त होटल की है। हालांकि आयोग ने पूरी जिम्मेदारी मेक माई ट्रिप की ही मानी। आयोग ने अब कंपनी को पूरा पैसा वापस करने के आदेश दिए हैं।
Trending Videos
जिला उपभोक्ता आयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नैनीताल घूमने गए पति-पत्नी ने मेक माई ट्रिप एप से होटल में कमरा बुक किया था। लेकिन जब वे वहां पहुंचे तो होटल वालों ने उन्हें कमरा देने से मना कर दिया। इस मामले में पीड़ित की तरफ से उपभोक्ता आयोग में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मेक माई ट्रिप कंपनी को ब्याज समेत पूरा पैसा लौटाने के आदेश दिए हैं। कंपनी को बुकिंग राशि, अन्य खर्च, मानसिक परेशानी और वाद व्यय समेत 9914 रुपये 6 फीसदी ब्याज के साथ लौटाने होंगे। इसके साथ ही दो हजार रुपये वाद व्यय और दो हजार रुपये मानसिक संताप के भी देने होंगे। पूरी राशि 30 दिनों के भीतर लौटाने के आदेश दिए गए हैं। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने मामले की सुनवाई की।
दरअसल, नोएडा के सेक्टर-1 में रहने वाले हिमांशु पाठक पत्नी के साथ सात अप्रैल 2023 को नैनीताल घूमने गए थे। आठ अप्रैल को वहां ठहरने के लिए उन्होंने मेक माई ट्रिप एप से होटल शिवा होम स्टे में कमरा बुक कराया। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन 3157 रुपये का भुगतान किया। उक्त दिन शाम को जब वह होटल की मिली लोकेशन पर पहुंचे तो वहां इस नाम का कोई होटल उन्हें नहीं मिला। कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क किया तो उन्हें मेल आईडी पर एक और लोकेशन भेजी गई। कैब बुक कर वह नई लोकेशन पर पहुंचे, जो मुक्तेश्वर की थी। इसके लिए कैब को तीन हजार रुपये का भुगतान किया। नई लोकेशन पर पहुंचने के बाद उन्हें होटल होम स्टे तो मिला लेकिन वहां पूछताछ केंद्र पर उन्हें बताया गया कि उनके नाम से कोई बुकिंग नहीं है। होटल फुल है। इसलिए कमरा नहीं दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान पीड़ित ने बताया कि ऐसी स्थिति में उन्होंने पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने उन्हें एक अन्य स्थान पर कमरा दिलाकर ठहराया। उस होटल को 3757 रुपये का भुगतान किया। बाद में कई बार संपर्क करने के बाद भी उन्हें बुकिंग राशि का पैसा नहीं लौटाया गया। इसके बाद उन्होंने आयोग में शिकायत की।
सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखते हुए कंपनी ने कहा कि वह एक फैसिलिटेटर है। होटल ने बुकिंग कंफर्म की थी। बुकिंग के वाउचर में ही होटल का पता मुक्तेश्वर का ही लिखा है। उनके द्वारा सही लोकेशन भेजी गई थी। बुकिंग कैंसिल करने के संबंध में जिम्मेदारी उक्त होटल की है। हालांकि आयोग ने पूरी जिम्मेदारी मेक माई ट्रिप की ही मानी। आयोग ने अब कंपनी को पूरा पैसा वापस करने के आदेश दिए हैं।