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Noida News: घर खरीदा था सुकून का, मिल रहा श्मशान के धुएं का गुबार
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घर खरीदा था सुकून का, मिल रहा श्मशान के धुएं का गुबार
गौड़ यमुना सिटी सोसाइटी के पास स्थित श्मशान घाट से लोगों को परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। गौड़ यमुना सिटी सोसाइटी के पास स्थित श्मशान घाट अब हजारों निवासियों के लिए समस्या बनता जा रहा है। लोगों का कहना है कि श्मशान घाट सोसाइटी की दीवार से लगभग सटा हुआ है, जिसके कारण धुआं सीधे आवासीय क्षेत्र में पहुंचता है। इससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
गौड़ यमुना सिटी में करीब 3200 फ्लैट, 500 से 700 प्लॉट तथा 50 हजार से अधिक लोग रहते हैं। निवासियों ने बताया कि सोसाइटी के 32 पार्कव्यू क्षेत्र की दीवार कई स्थानों से क्षतिग्रस्त है। इसी टूटे हुए हिस्से से गांव रामपुर बांगर के लोग सोसाइटी परिसर में प्रवेश करते हैं और 6 पार्कव्यू के रास्ते से शव यात्रा निकालते हैं। इससे सोसाइटी के अंदर रहने वाले लोगों को आवागमन में परेशानी होती है तथा सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। श्मशान घाट से निकलने वाला धुआं कई बार घरों, बालकनियों और पार्कों तक पहुंच जाता है। निवासियों का कहना है कि दीवार की मरम्मत कर अवैध आवाजाही रोकी जाए और श्मशान घाट से होने वाली समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। लोगों ने प्राधिकरण और संबंधित विभागों से शीघ्र कार्रवाई कर राहत दिलाने की मांग की है।
वर्षों पहले प्राधिकरण ने तैयार कराया था नया श्मशान घाट
निवासियों का कहना है कि गांव रामपुर बांगर से करीब 500 मीटर दूर, खसरा संख्या-16 में यमुना प्राधिकरण द्वारा वर्षों पहले एक श्मशान घाट विकसित कराया जा चुका है, जो रबूपुरा-दनकौर रोड पर स्थित है। इसके बावजूद गांव के लोग गौर यमुना सिटी के समीप स्थित श्मशान घाट का ही उपयोग कर रहे हैं। यदि प्राधिकरण द्वारा निर्मित श्मशान घाट का उपयोग किया जाए तो आवासीय क्षेत्र के पास होने वाले अंतिम संस्कारों से उत्पन्न धुआं, भीड़ और अन्य समस्याओं से बड़ी संख्या में निवासियों को राहत मिल सकती है। सोसाइटी के लोगों ने प्रशासन से इस मामले में उचित व्यवस्था बनाने की मांग की है।
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कोट्स
सोसाइटी के लगभग 6-7 टावरों में धुआं जाता है, जिसके चलते निवासियों का परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -दीपक चोपड़ा, गौड़ यमुना सिटी
कई वर्षों पहले खसरा नंबर 16 में दूसरा श्मशान घाट बनाकर दे दिया गया लेकिन फिर भी लोग सोसाइटी के पास ही अंतिम संस्कार कर रहे हैं। -भुपेंद्र सिंह, गौड़ यमुना सिटी
सोसाइटी परिसर से शव यात्रा निकाली जाती है, जिसके चलते निवासियों का परेशानी का सामना करना पड़ता है। -अभिषेक शर्मा, गौड़ यमुना सिटी
संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। -बीएन ठाकुर, गौड़ यमुना सिटी
लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सोसाइटी में नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -भावना चोपड़ा, गौड़ यमुना सिटी
संबंधित अधिकारियों को इस मामले पर गौर कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि निवासियों को हो रही परेशानी का जल्द से जल्द समाधान हो सके। -रोमी जसरोटिया, गौड़ यमुना सिटी
गौड़ यमुना सिटी सोसाइटी के पास स्थित श्मशान घाट से लोगों को परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। गौड़ यमुना सिटी सोसाइटी के पास स्थित श्मशान घाट अब हजारों निवासियों के लिए समस्या बनता जा रहा है। लोगों का कहना है कि श्मशान घाट सोसाइटी की दीवार से लगभग सटा हुआ है, जिसके कारण धुआं सीधे आवासीय क्षेत्र में पहुंचता है। इससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
गौड़ यमुना सिटी में करीब 3200 फ्लैट, 500 से 700 प्लॉट तथा 50 हजार से अधिक लोग रहते हैं। निवासियों ने बताया कि सोसाइटी के 32 पार्कव्यू क्षेत्र की दीवार कई स्थानों से क्षतिग्रस्त है। इसी टूटे हुए हिस्से से गांव रामपुर बांगर के लोग सोसाइटी परिसर में प्रवेश करते हैं और 6 पार्कव्यू के रास्ते से शव यात्रा निकालते हैं। इससे सोसाइटी के अंदर रहने वाले लोगों को आवागमन में परेशानी होती है तथा सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। श्मशान घाट से निकलने वाला धुआं कई बार घरों, बालकनियों और पार्कों तक पहुंच जाता है। निवासियों का कहना है कि दीवार की मरम्मत कर अवैध आवाजाही रोकी जाए और श्मशान घाट से होने वाली समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। लोगों ने प्राधिकरण और संबंधित विभागों से शीघ्र कार्रवाई कर राहत दिलाने की मांग की है।
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वर्षों पहले प्राधिकरण ने तैयार कराया था नया श्मशान घाट
निवासियों का कहना है कि गांव रामपुर बांगर से करीब 500 मीटर दूर, खसरा संख्या-16 में यमुना प्राधिकरण द्वारा वर्षों पहले एक श्मशान घाट विकसित कराया जा चुका है, जो रबूपुरा-दनकौर रोड पर स्थित है। इसके बावजूद गांव के लोग गौर यमुना सिटी के समीप स्थित श्मशान घाट का ही उपयोग कर रहे हैं। यदि प्राधिकरण द्वारा निर्मित श्मशान घाट का उपयोग किया जाए तो आवासीय क्षेत्र के पास होने वाले अंतिम संस्कारों से उत्पन्न धुआं, भीड़ और अन्य समस्याओं से बड़ी संख्या में निवासियों को राहत मिल सकती है। सोसाइटी के लोगों ने प्रशासन से इस मामले में उचित व्यवस्था बनाने की मांग की है।
कोट्स
सोसाइटी के लगभग 6-7 टावरों में धुआं जाता है, जिसके चलते निवासियों का परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -दीपक चोपड़ा, गौड़ यमुना सिटी
कई वर्षों पहले खसरा नंबर 16 में दूसरा श्मशान घाट बनाकर दे दिया गया लेकिन फिर भी लोग सोसाइटी के पास ही अंतिम संस्कार कर रहे हैं। -भुपेंद्र सिंह, गौड़ यमुना सिटी
सोसाइटी परिसर से शव यात्रा निकाली जाती है, जिसके चलते निवासियों का परेशानी का सामना करना पड़ता है। -अभिषेक शर्मा, गौड़ यमुना सिटी
संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। -बीएन ठाकुर, गौड़ यमुना सिटी
लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सोसाइटी में नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -भावना चोपड़ा, गौड़ यमुना सिटी
संबंधित अधिकारियों को इस मामले पर गौर कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि निवासियों को हो रही परेशानी का जल्द से जल्द समाधान हो सके। -रोमी जसरोटिया, गौड़ यमुना सिटी