{"_id":"69a9b9f3ab51c3f62305adcc","slug":"important-milestone-crossed-noida-airport-security-arrangements-get-approval-from-bcas-noida-news-c-23-1-lko1064-89324-2026-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: अहम पड़ाव पार... नोएडा एयरपोर्ट के सुरक्षा बंदोबस्त को बीसीएएस से मिली मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: अहम पड़ाव पार... नोएडा एयरपोर्ट के सुरक्षा बंदोबस्त को बीसीएएस से मिली मंजूरी
विज्ञापन
विज्ञापन
अगले हफ्ते डीजीसीए जारी कर सकता है एयरोड्रम लाइसेंस, इसके बाद ही शुरू होंगी उड़ानें
फोटो - नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट।
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जल्द उड़ानें शुरू हो सकती हैं। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने एयरपोर्ट के सुरक्षा बंदोबस्त को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों का कहना है कि अगले हफ्ते तक अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) भी कॉमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर सकता है। इसके 45 दिन के भीतर उड़ान भी शुरू करनी होगी।
यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि बीसीएएस ने सिक्योरिटी वैटिंग अप्रूवल दे दिया है। यह एयरपोर्ट पर यात्रियों और अन्य सेवाओं के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय के परीक्षण के बाद की महत्वपूर्ण अनुमति है। इससे सीधे तौर पर एयरोड्रम लाइसेंस मिलने का रास्ता खुल गया है। सितंबर में एयरपोर्ट का काम पूरा होने के बाद से ही एयरोड्रम लाइसेंस के लिए यापल और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) के अधिकारी जुटे हैं।
बुधवार को ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगे एंटी हाइजैकिंग उपकरण के लिए बनी योजना को बीसीएएस ने मंजूरी दी थी। नायल के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए एंटी हाइजैक कंटिजेंसी प्लान बेहद महत्वपूर्ण होता है। विमान के हाइजैक होने या उसमें बम होने की जानकारी मिलने के तुरंत बाद यह प्लान लागू हो जाता है। इसके बाद प्लान में तय हुए प्रोटोकॉल के मुताबिक कार्रवाई करनी होती है। इस एंटी हाइजैकिंग कंटिंजेंसी प्लान में विमान कंपनी, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, सुरक्षा एजेंसियां, स्थानीय आपदा प्रबंधन समिति और शासन की अन्य एजेंसियां काम करती हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
इनसेट- क्यों महत्वपूर्ण यह अप्रूवल
एयरपोर्ट पर सभी जरूरी उपकरण लगने के बाद बीसीएएस खुद सुरक्षा उपायों का परीक्षण करता है। इसमें सभी जरूरी प्रोटोकॉल मिलने के बाद मंजूरी मिलती है। करीब पांच महीने से जांच चल रही थी। पिछले दिनों वॉच टावर, बाउंड्रीवॉल, उपकरणों के सर्टिफिकेट आदि को लेकर बीसीएएस ने आपत्ति दर्ज कराई थी। इन्हें दूर करने के बाद दोबारा से रिपाेर्ट सौंपी गई। सिक्योरिटी वैटिंग अप्रूवल में यात्रियों की जांच से लेकर सामान, एंटी हाइजैकिंग, तस्करी निरोधक गतिविधियां आदि तैयारियां परखी जाती हैं। उड़ान शुरू होने के बाद भी नियमित अंतराल पर बीसीएएस इसकी जांच करता है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
अगले महीने शुरू हो सकतीं हैं उड़ानें
अधिकारियों के मुताबिक, अगर अगले हफ्ते तक एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया तो अगले 45 दिनों में उड़ान शुरू करनी होंगीं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च के अंत तक उद्धाटन कर सकते हैं। यह भी संभावना है कि उड़ान भी उद्घाटन के दिन ही शुरू हो जाएं। इसके लिए दो एयरलाइंस डीजीसीए में पहले ही आवेदन कर चुकी हैं। अनुमति के लिए केवल एयरोड्रम लाइसेंस मिलने की आवश्यकता है।
Trending Videos
फोटो - नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट।
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जल्द उड़ानें शुरू हो सकती हैं। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने एयरपोर्ट के सुरक्षा बंदोबस्त को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों का कहना है कि अगले हफ्ते तक अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) भी कॉमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर सकता है। इसके 45 दिन के भीतर उड़ान भी शुरू करनी होगी।
यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि बीसीएएस ने सिक्योरिटी वैटिंग अप्रूवल दे दिया है। यह एयरपोर्ट पर यात्रियों और अन्य सेवाओं के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय के परीक्षण के बाद की महत्वपूर्ण अनुमति है। इससे सीधे तौर पर एयरोड्रम लाइसेंस मिलने का रास्ता खुल गया है। सितंबर में एयरपोर्ट का काम पूरा होने के बाद से ही एयरोड्रम लाइसेंस के लिए यापल और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) के अधिकारी जुटे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगे एंटी हाइजैकिंग उपकरण के लिए बनी योजना को बीसीएएस ने मंजूरी दी थी। नायल के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए एंटी हाइजैक कंटिजेंसी प्लान बेहद महत्वपूर्ण होता है। विमान के हाइजैक होने या उसमें बम होने की जानकारी मिलने के तुरंत बाद यह प्लान लागू हो जाता है। इसके बाद प्लान में तय हुए प्रोटोकॉल के मुताबिक कार्रवाई करनी होती है। इस एंटी हाइजैकिंग कंटिंजेंसी प्लान में विमान कंपनी, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, सुरक्षा एजेंसियां, स्थानीय आपदा प्रबंधन समिति और शासन की अन्य एजेंसियां काम करती हैं।
इनसेट- क्यों महत्वपूर्ण यह अप्रूवल
एयरपोर्ट पर सभी जरूरी उपकरण लगने के बाद बीसीएएस खुद सुरक्षा उपायों का परीक्षण करता है। इसमें सभी जरूरी प्रोटोकॉल मिलने के बाद मंजूरी मिलती है। करीब पांच महीने से जांच चल रही थी। पिछले दिनों वॉच टावर, बाउंड्रीवॉल, उपकरणों के सर्टिफिकेट आदि को लेकर बीसीएएस ने आपत्ति दर्ज कराई थी। इन्हें दूर करने के बाद दोबारा से रिपाेर्ट सौंपी गई। सिक्योरिटी वैटिंग अप्रूवल में यात्रियों की जांच से लेकर सामान, एंटी हाइजैकिंग, तस्करी निरोधक गतिविधियां आदि तैयारियां परखी जाती हैं। उड़ान शुरू होने के बाद भी नियमित अंतराल पर बीसीएएस इसकी जांच करता है।
अगले महीने शुरू हो सकतीं हैं उड़ानें
अधिकारियों के मुताबिक, अगर अगले हफ्ते तक एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया तो अगले 45 दिनों में उड़ान शुरू करनी होंगीं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च के अंत तक उद्धाटन कर सकते हैं। यह भी संभावना है कि उड़ान भी उद्घाटन के दिन ही शुरू हो जाएं। इसके लिए दो एयरलाइंस डीजीसीए में पहले ही आवेदन कर चुकी हैं। अनुमति के लिए केवल एयरोड्रम लाइसेंस मिलने की आवश्यकता है।