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Noida News: 330 करोड़ के बजट से जिम्स बनेगा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
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- वर्ष के अंत तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद, मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य 50 से 60 फीसदी पूरा
नंबर
56 एकड़ में बन रहा मेडिकल कॉलेज भवन
250 सीटें होंगी एमबीबीएस की
1200 बेड की क्षमता का बनेगा अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में धीमी गति से चल रहे मेडिकल कॉलेज और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्य को प्रदेश बजट से बूस्टर डोज मिली है। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को लखनऊ में पेश किए गए बजट में जिम्स के अधूरे कार्यों को पूरा करने और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल विकसित करने के लिए 330 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को वर्ष के अंत तक पूरा किए जाने की संभावना बढ़ गई है।
लंबे समय से धनराशि की कमी के कारण गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय परिसर में करीब 56 एकड़ जमीन पर बन रहे मेडिकल कॉलेज भवन, अकादमिक ब्लॉक, छात्रावास, आवासीय परिसर, नर्सिंग कॉलेज, क्रिटिकल केयर यूनिट, पैरामेडिकल स्कूल और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा था। अब बजट स्वीकृत होने के बाद निर्माण एजेंसियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे।
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सरकार की योजना जिम्स को एक पूर्ण विकसित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में स्थापित करने की है। इसमें एमबीबीएस सीटें 100 से बढ़ाकर 250 की जाएंगी और अस्पताल की क्षमता 500 बेड से बढ़ाकर 1200 बेड की होगी।
हृदय रोग और कैंसर का होगा उपचार
जिम्स में जल्द ही कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी और कैंसर उपचार की सुविधाएं शुरू की जाएंगी। नए विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्टाफ की नियुक्ति भी होगी। अधिकारियों का कहना है कि इन विभागों के शुरू होने से मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली और अन्य बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
बीते वर्ष से 130 करोड़ का बढ़ा बजट
वर्ष 2025 के बजट में अस्पताल को 200 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था। इसमें 100 करोड़ रुपये मेडिकल कॉलेज के निर्माण और 100 करोड़ रुपये कर्मचारियों पर खर्च करने के लिए दिए गए थे। इस बजट के आधार पर जिम्स का करीब 50 से 60 फीसदी ही निर्माण पूरा हो सका। जबकि अस्पताल प्रशासन के अनुसार उन्हें 500 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। अधिकारियों ने ने कहा कि 300 करोड़ रुपये में से करीब 200 करोड़ रुपये मेडिकल कॉलेज, 60 करोड़ कर्मचारी और 70 करोड़ रुपये जिम्स में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी और कैंसर उपचार जैसे सुविधाओं के लिए खर्च किए जाएंगे।
शासन ने जिम्स को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने के लिए बड़ी सौगात दी हैं। मिली धनराशि से नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण को रफ्तार मिलेगी। साथ अन्य चिकित्सा सुविधाओं को पूरा में मदद मिलेगी। - डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता, निदेशक, जिम्स
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56 एकड़ में बन रहा मेडिकल कॉलेज भवन
250 सीटें होंगी एमबीबीएस की
1200 बेड की क्षमता का बनेगा अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में धीमी गति से चल रहे मेडिकल कॉलेज और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्य को प्रदेश बजट से बूस्टर डोज मिली है। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को लखनऊ में पेश किए गए बजट में जिम्स के अधूरे कार्यों को पूरा करने और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल विकसित करने के लिए 330 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को वर्ष के अंत तक पूरा किए जाने की संभावना बढ़ गई है।
लंबे समय से धनराशि की कमी के कारण गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय परिसर में करीब 56 एकड़ जमीन पर बन रहे मेडिकल कॉलेज भवन, अकादमिक ब्लॉक, छात्रावास, आवासीय परिसर, नर्सिंग कॉलेज, क्रिटिकल केयर यूनिट, पैरामेडिकल स्कूल और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा था। अब बजट स्वीकृत होने के बाद निर्माण एजेंसियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे।
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निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सरकार की योजना जिम्स को एक पूर्ण विकसित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में स्थापित करने की है। इसमें एमबीबीएस सीटें 100 से बढ़ाकर 250 की जाएंगी और अस्पताल की क्षमता 500 बेड से बढ़ाकर 1200 बेड की होगी।
हृदय रोग और कैंसर का होगा उपचार
जिम्स में जल्द ही कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी और कैंसर उपचार की सुविधाएं शुरू की जाएंगी। नए विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्टाफ की नियुक्ति भी होगी। अधिकारियों का कहना है कि इन विभागों के शुरू होने से मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली और अन्य बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
बीते वर्ष से 130 करोड़ का बढ़ा बजट
वर्ष 2025 के बजट में अस्पताल को 200 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था। इसमें 100 करोड़ रुपये मेडिकल कॉलेज के निर्माण और 100 करोड़ रुपये कर्मचारियों पर खर्च करने के लिए दिए गए थे। इस बजट के आधार पर जिम्स का करीब 50 से 60 फीसदी ही निर्माण पूरा हो सका। जबकि अस्पताल प्रशासन के अनुसार उन्हें 500 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। अधिकारियों ने ने कहा कि 300 करोड़ रुपये में से करीब 200 करोड़ रुपये मेडिकल कॉलेज, 60 करोड़ कर्मचारी और 70 करोड़ रुपये जिम्स में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी और कैंसर उपचार जैसे सुविधाओं के लिए खर्च किए जाएंगे।
शासन ने जिम्स को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने के लिए बड़ी सौगात दी हैं। मिली धनराशि से नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण को रफ्तार मिलेगी। साथ अन्य चिकित्सा सुविधाओं को पूरा में मदद मिलेगी। - डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता, निदेशक, जिम्स