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बंगाल में सियासी सरगर्मियां: बाबरी पर रार के बीच हुमायूं कबीर अड़े, सुर्खियों में मस्जिद निर्माण और पदयात्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 12 Feb 2026 01:42 PM IST
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सार
हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद का निर्माण शुरू किया है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। 55 करोड़ की लागत वाली इस मस्जिद में 12,000 लोग नमाज पढ़ सकेंगे। टीएमसी से अलग होकर नई पार्टी बनाने वाले कबीर ने चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया है।
निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर (फाइल)
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक बड़ी राजनीतिक और धार्मिक हलचल देखने को मिली है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से सस्पेंड किए गए विधायक हुमायूं कबीर ने बुधवार को अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक नई मस्जिद का निर्माण शुरू कर दिया है। यह मस्जिद बेलडांगा के रेजीनगर में बनाई जा रही है। कबीर ने हाल ही में टीएमसी से निकाले जाने के बाद अपनी नई पार्टी 'जनता उन्नयन पार्टी' (जेयूपी) बनाई है।
क्या बोले हुमायूं कबीर?
हुमायूं कबीर ने घोषणा की कि यह मस्जिद अगले दो साल में बनकर तैयार हो जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 50 से 55 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह मस्जिद 11 एकड़ के बड़े प्लॉट पर बन रही है। इसमें एक साथ करीब 12,000 लोग नमाज पढ़ सकेंगे। निर्माण कार्य शुरू होने के समय वहां हजारों लोग और धार्मिक नेता मौजूद थे। कबीर ने कहा कि कई जगहों से विरोध होने के बावजूद मस्जिद का निर्माण जारी है। उनके समर्थकों ने निर्माण में हिस्सा लेने के लिए अपने सिर पर ईंटें भी उठाए।
विरोध करने वालों को पीछे हटने की सलाह
कबीर ने विरोध करने वालों को हट जाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपना धर्म मानने और मंदिर या चर्च बनाने के लिए आजाद है। उन्होंने साफ किया कि वह इस्लाम के नाम पर किसी का विरोध नहीं करेंगे। उनका मकसद अल्लाह को खुश करना है, किसी पर कुछ थोपना नहीं। उन्होंने दावा किया कि दुनिया की कोई भी ताकत इस मस्जिद को बनने से नहीं रोक सकती। कबीर ने पिछले साल छह दिसंबर को इस मस्जिद की नींव रखी थी। यह कदम, दिसंबर 1992 में एक राइट-विंग भीड़ द्वारा 16वीं सदी के ढांचे को गिराए जाने की बरसी के साथ हुआ, जिससे पूरे पश्चिम बंगाल में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं हुईं। खबर है कि उन्होंने शुरुआती दो दिनों में ही 2.85 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा इकट्ठा कर लिया था।
ये भी पढ़ें: बंगाल में बाबरी मस्जिद पर रार: 'विरोध कर रहे लोग पीछे हट जाएं'; निर्माण शुरू होने पर बोले हुमायूं कबीर
राजनीतिक मोर्चे पर किया बड़ा एलान
राजनीतिक मोर्चे पर कबीर ने बड़ा एलान किया है। उनकी पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों में 294 में से 135 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वह टीएमसी और बीजेपी दोनों का मुकाबला करने की तैयारी में हैं। उन्होंने सीपीएम और ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम से भी शुरुआती बातचीत की है। बीजेपी ने कबीर की पार्टी को टीएमसी की बी-टीम बताया है। बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा कि यह सब मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ममता बनर्जी मंदिर बनवा रही हैं, वैसे ही कबीर मस्जिद बनवा रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल ही में कहा था कि बाबरी मस्जिद दोबारा कभी नहीं बनेगी।
हुमायूं कबीर ने अपनी बाबरी यात्रा को फिलहाल टाल दिया है। यह 235 किलोमीटर लंबी रैली थी। पुलिस ने उन्हें बताया कि इससे बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को परेशानी हो सकती है। अब वह इसकी जगह गुरुवार को पलाशी से बेलडांगा तक 22 किलोमीटर का पैदल मार्च करेंगे। इसमें करीब 50,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
नए विवाद में फंसे हुमायूं कबीर
इस बीच, कबीर एक नए विवाद में भी घिर गए हैं। राज्य पुलिस ने उनके कुछ रिश्तेदारों की करीब 11 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई ड्रग तस्करी के एक पुराने मामले में की गई है। पुलिस ने 14 संपत्तियां, 15 बैंक खाते और गाड़ियां जब्त की हैं। इसमें कबीर की बेटी के ससुर शरीफुल इस्लाम की संपत्ति भी शामिल है। कबीर ने इसे टीएमसी सरकार की बदले की कार्रवाई बताया है। उन्होंने इसके विरोध में 14 फरवरी को मुर्शिदाबाद एसपी ऑफिस का घेराव करने का ऐलान किया है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास रिश्तेदारों को फंसाए जाने के पक्के सबूत हैं।
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क्या बोले हुमायूं कबीर?
हुमायूं कबीर ने घोषणा की कि यह मस्जिद अगले दो साल में बनकर तैयार हो जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 50 से 55 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह मस्जिद 11 एकड़ के बड़े प्लॉट पर बन रही है। इसमें एक साथ करीब 12,000 लोग नमाज पढ़ सकेंगे। निर्माण कार्य शुरू होने के समय वहां हजारों लोग और धार्मिक नेता मौजूद थे। कबीर ने कहा कि कई जगहों से विरोध होने के बावजूद मस्जिद का निर्माण जारी है। उनके समर्थकों ने निर्माण में हिस्सा लेने के लिए अपने सिर पर ईंटें भी उठाए।
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विरोध करने वालों को पीछे हटने की सलाह
कबीर ने विरोध करने वालों को हट जाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपना धर्म मानने और मंदिर या चर्च बनाने के लिए आजाद है। उन्होंने साफ किया कि वह इस्लाम के नाम पर किसी का विरोध नहीं करेंगे। उनका मकसद अल्लाह को खुश करना है, किसी पर कुछ थोपना नहीं। उन्होंने दावा किया कि दुनिया की कोई भी ताकत इस मस्जिद को बनने से नहीं रोक सकती। कबीर ने पिछले साल छह दिसंबर को इस मस्जिद की नींव रखी थी। यह कदम, दिसंबर 1992 में एक राइट-विंग भीड़ द्वारा 16वीं सदी के ढांचे को गिराए जाने की बरसी के साथ हुआ, जिससे पूरे पश्चिम बंगाल में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं हुईं। खबर है कि उन्होंने शुरुआती दो दिनों में ही 2.85 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा इकट्ठा कर लिया था।
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राजनीतिक मोर्चे पर किया बड़ा एलान
राजनीतिक मोर्चे पर कबीर ने बड़ा एलान किया है। उनकी पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों में 294 में से 135 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वह टीएमसी और बीजेपी दोनों का मुकाबला करने की तैयारी में हैं। उन्होंने सीपीएम और ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम से भी शुरुआती बातचीत की है। बीजेपी ने कबीर की पार्टी को टीएमसी की बी-टीम बताया है। बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा कि यह सब मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ममता बनर्जी मंदिर बनवा रही हैं, वैसे ही कबीर मस्जिद बनवा रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल ही में कहा था कि बाबरी मस्जिद दोबारा कभी नहीं बनेगी।
हुमायूं कबीर ने अपनी बाबरी यात्रा को फिलहाल टाल दिया है। यह 235 किलोमीटर लंबी रैली थी। पुलिस ने उन्हें बताया कि इससे बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को परेशानी हो सकती है। अब वह इसकी जगह गुरुवार को पलाशी से बेलडांगा तक 22 किलोमीटर का पैदल मार्च करेंगे। इसमें करीब 50,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
नए विवाद में फंसे हुमायूं कबीर
इस बीच, कबीर एक नए विवाद में भी घिर गए हैं। राज्य पुलिस ने उनके कुछ रिश्तेदारों की करीब 11 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई ड्रग तस्करी के एक पुराने मामले में की गई है। पुलिस ने 14 संपत्तियां, 15 बैंक खाते और गाड़ियां जब्त की हैं। इसमें कबीर की बेटी के ससुर शरीफुल इस्लाम की संपत्ति भी शामिल है। कबीर ने इसे टीएमसी सरकार की बदले की कार्रवाई बताया है। उन्होंने इसके विरोध में 14 फरवरी को मुर्शिदाबाद एसपी ऑफिस का घेराव करने का ऐलान किया है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास रिश्तेदारों को फंसाए जाने के पक्के सबूत हैं।
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