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विश्व टीबी दिवस कार्यक्रम: गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में 100 दिवसीय अभियान शुरू, टीबी मुक्त भारत पर जोर
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Tue, 24 Mar 2026 06:53 PM IST
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सार
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में विश्व टीबी दिवस पर 100 दिवसीय अभियान शुरू हुआ। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और अनुप्रिया पटेल ने टीबी उन्मूलन पर जोर देते हुए कहा कि जांच और इलाज की बेहतर व्यवस्था से देश टीबी मुक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में 100 दिवसीय अभियान शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में विश्व टीबी दिवस पर 100 दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक मंच पर उपस्थित रहे। देश के सभी राज्यों की टीमें ऑनलाइन इस कार्यक्रम से जुड़ीं।
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केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत सरकार लंबे समय से देश को टीबी मुक्त बनाने का प्रयास कर रही है। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम सफलता की ओर बढ़ रहा है। टीबी ने हमारे देश को लंबे समय से अपनी चपेट में ले रखा है, लेकिन इसका इलाज संभव है। दुनिया में टीबी से मरने वालों का आंकड़ा बड़ा है, जिसे कम करने के लिए भारत सरकार जांच से लेकर उपचार तक का प्रबंध कर रही है।
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उन्होंने बताया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति सबसे मजबूत है और सरकार को एक दशक हो चुका है। पिछले 10 साल में टीबी का बजट 10 गुना बढ़ा दिया गया है। टीबी का पता लगाने के लिए नई तकनीकी, स्वदेशी मशीनें और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग किया जा रहा है। सभी दवाएं निशुल्क दी जा रही हैं और टीबी के उपचार की अवधि भी कम हो गई है। टीबी मरीजों को प्रति माह एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं, जिससे सुखद परिणाम मिल रहे हैं। दुनिया में सबसे अधिक टीबी का बोझ भारत में है।
उत्तर प्रदेश की पहल
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश टीबी को खत्म करने के लिए कदम से कदम मिलाकर काम करेगा। प्रदेश स्वास्थ्य के विभिन्न मानकों पर काम कर रहा है। टीबी के 100 दिन के अभियान में पूरे प्रदेश में मरीजों की जांच और उपचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने टीबी मरीज को गोद लेने की पहल की है, जो देश में केवल यूपी में हुई है। पहले 500 रुपये मिलते थे, अब एक हजार रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं।
टीबी उन्मूलन में प्रगति
बृजेश पाठक ने आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि 2017 में प्रदेश में 2.54 लाख टीबी मरीज थे। तब दवा लेकर ठीक होने वालों का प्रतिशत 59 था, जो 2025 में बढ़कर 92 फीसदी हो गया है। अब 7.09 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं। 2017 में 241 मशीनें थीं, जो अब बढ़कर एक हजार चार मशीनें हो गई हैं। प्रदेश में 1.28 करोड़ लोगों का पता लगाया गया है।