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Noida News: आत्मरक्षा के गुर सीखे तो बढ़ा आत्मविश्वास
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सेक्टर-39 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्रों में नजर आया जोश, ऊर्जा और आत्मविश्वास
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-39 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का परिसर उस समय जोश, ऊर्जा और आत्मविश्वास से भर उठा जब अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता कार्यक्रम हुआ। बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करने की एक सशक्त पहल की गई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को किसी भी आपात स्थिति में खुद की सुरक्षा के लिए सक्षम बनाना था। कराटे प्रशिक्षक भारत प्रजापति ने छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी खतरे की स्थिति में सबसे पहले डर को काबू करना जरूरी है। अपने मन से तेज आवाज निकालें, पूरे आत्मविश्वास के साथ वार करें और सामने वाले को असंतुलित कर दें। विशेष रूप से घुटनों पर सटीक प्रहार करने और हमलावर को घुटनों के बल लाने की तकनीक पर जोर दिया गया।
स्पोर्ट्स टीचर रितु तोमर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत बेसिक तकनीकी से हुई। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का पहला कदम मानसिक रूप से मजबूत होना है। डरने की नहीं, तैयार रहने की जरूरत है।जब महिलाएं अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठाती हैं तो वे सचमुच अपराजिता बन जाती हैं।
दुपट्टे या बैग को ऐसे बनाएं हथियार
प्रशिक्षण के दौरान हाथ, कोहनी और घुटनों के सही उपयोग की तकनीक विस्तार से सिखाई गईं। छात्राओं को यह भी बताया गया कि सामने वाले के कमजोर हिस्सों पर किस तरह वार कर खुद को सुरक्षित निकाला जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान मिशन शक्ति की प्रभारी मनीष कुमारी और प्राचार्य प्रो. डॉ. दिनेश चंद, खेल प्रशिक्षक रितु तोमर, कराटे प्रशिक्षक भारत प्रजापति भी मौजूद रहे। प्राचार्य ने अपील की कि वे सीखी गई तकनीकों का नियमित अभ्यास करें और अन्य छात्राओं को भी इसके लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं की भागीदारी रही। कई छात्राओं ने बताया कि इस प्रशिक्षण के बाद उनमें खुद को सुरक्षित रखने का नया विश्वास जगा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-39 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का परिसर उस समय जोश, ऊर्जा और आत्मविश्वास से भर उठा जब अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता कार्यक्रम हुआ। बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करने की एक सशक्त पहल की गई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को किसी भी आपात स्थिति में खुद की सुरक्षा के लिए सक्षम बनाना था। कराटे प्रशिक्षक भारत प्रजापति ने छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी खतरे की स्थिति में सबसे पहले डर को काबू करना जरूरी है। अपने मन से तेज आवाज निकालें, पूरे आत्मविश्वास के साथ वार करें और सामने वाले को असंतुलित कर दें। विशेष रूप से घुटनों पर सटीक प्रहार करने और हमलावर को घुटनों के बल लाने की तकनीक पर जोर दिया गया।
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स्पोर्ट्स टीचर रितु तोमर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत बेसिक तकनीकी से हुई। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का पहला कदम मानसिक रूप से मजबूत होना है। डरने की नहीं, तैयार रहने की जरूरत है।जब महिलाएं अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठाती हैं तो वे सचमुच अपराजिता बन जाती हैं।
दुपट्टे या बैग को ऐसे बनाएं हथियार
प्रशिक्षण के दौरान हाथ, कोहनी और घुटनों के सही उपयोग की तकनीक विस्तार से सिखाई गईं। छात्राओं को यह भी बताया गया कि सामने वाले के कमजोर हिस्सों पर किस तरह वार कर खुद को सुरक्षित निकाला जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान मिशन शक्ति की प्रभारी मनीष कुमारी और प्राचार्य प्रो. डॉ. दिनेश चंद, खेल प्रशिक्षक रितु तोमर, कराटे प्रशिक्षक भारत प्रजापति भी मौजूद रहे। प्राचार्य ने अपील की कि वे सीखी गई तकनीकों का नियमित अभ्यास करें और अन्य छात्राओं को भी इसके लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं की भागीदारी रही। कई छात्राओं ने बताया कि इस प्रशिक्षण के बाद उनमें खुद को सुरक्षित रखने का नया विश्वास जगा है।