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Noida News: इलाज के दौरान दम तोड़ने वालों में पुरुषों की संख्या अधिक
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इलाज के दौरान दम तोड़ने वालों में पुरुषों की संख्या अधिक
-स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में तीन साल के आंकड़े सामने आए
-मृतकों के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग में बनवाया मृत्यु प्रमाणपत्र
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इलाज के दौरान दम तोड़ने वालों में महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की संख्या बहुत अधिक है। स्वास्थ्य विभाग के जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग की ओर से जारी पिछले तीन साल 2023, 2024 और 2025 के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। तीन साल में जिले में कुल 21,355 मृतकों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इसमें 13,195 पुरुष और 8,160 महिलाएं शामिल थीं, यानी पुरुषों की संख्या महिलाओं से लगभग 5,000 अधिक रही।
खास बात यह है कि इन तीन साल के कुल 36 महीनों में एक भी महीना ऐसा नहीं था, जब महिलाओं की मौत पुरुषों से ज्यादा हुई हो। हर महीने पुरुषों का आंकड़ा आगे रहा है। इसके अलावा नोएडा के अस्पतालों में बाहर के लोग भी इलाज के लिए आते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इन तीन साल में दिल्ली, हरियाणा या यूपी के दूसरे जिलों से आए 8,000 से ज्यादा बाहरी लोगों की मौत भी यहीं दर्ज हुई, क्योंकि वह यहां के अस्पतालों में भर्ती थे। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप कुमार शैलत ने बताया कि पुरुषों को अपनी सेहत को लेकर लापरवाही छोड़नी होगी और समय पर जांच व इलाज करवाना बेहद जरूरी है।
इसलिए है पुरुषों की संख्या इतनी ज्यादा क्यों है...
पुरुष अक्सर बीमारी के शुरुआती लक्षणों को हल्के में लेते हैं। वह अस्पताल तब भागते हैं जब हालत बहुत ज्यादा बिगड़ जाती है।
पुरुषों में हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और लिवर की बीमारियां महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा होती हैं।
बाहर काम करने और सफर करने की वजह से पुरुष सड़क या फैक्ट्रियों में होने वाले हादसों का शिकार ज्यादा होते हैं।
तंबाकू, सिगरेट और शराब का ज्यादा सेवन भी पुरुषों में गंभीर बीमारियों और मौत की एक बड़ी वजह है।
तीन साल के आंकड़े
साल 2023 - कुल 7,069 मौतों में 4,356 पुरुष और 2,713 महिलाएं थीं। इस साल सबसे ज्यादा मौतें फरवरी (730) के महीने में हुईं।
साल 2024 - कुल 7,018 मौतों में से 4,318 पुरुष और 2,700 महिलाएं थीं। इस साल जनवरी (780) के महीने में रिकॉर्ड मौतें दर्ज की गईं।
साल 2025 - कुल 7,268 मौतों में से 4,521 पुरुष और 2,747 महिलाएं थीं। इस साल पुरुषों की मौत का आंकड़ा सबसे ऊपर पहुंच गया।
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-स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में तीन साल के आंकड़े सामने आए
-मृतकों के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग में बनवाया मृत्यु प्रमाणपत्र
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इलाज के दौरान दम तोड़ने वालों में महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की संख्या बहुत अधिक है। स्वास्थ्य विभाग के जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग की ओर से जारी पिछले तीन साल 2023, 2024 और 2025 के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। तीन साल में जिले में कुल 21,355 मृतकों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इसमें 13,195 पुरुष और 8,160 महिलाएं शामिल थीं, यानी पुरुषों की संख्या महिलाओं से लगभग 5,000 अधिक रही।
खास बात यह है कि इन तीन साल के कुल 36 महीनों में एक भी महीना ऐसा नहीं था, जब महिलाओं की मौत पुरुषों से ज्यादा हुई हो। हर महीने पुरुषों का आंकड़ा आगे रहा है। इसके अलावा नोएडा के अस्पतालों में बाहर के लोग भी इलाज के लिए आते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इन तीन साल में दिल्ली, हरियाणा या यूपी के दूसरे जिलों से आए 8,000 से ज्यादा बाहरी लोगों की मौत भी यहीं दर्ज हुई, क्योंकि वह यहां के अस्पतालों में भर्ती थे। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप कुमार शैलत ने बताया कि पुरुषों को अपनी सेहत को लेकर लापरवाही छोड़नी होगी और समय पर जांच व इलाज करवाना बेहद जरूरी है।
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इसलिए है पुरुषों की संख्या इतनी ज्यादा क्यों है...
पुरुष अक्सर बीमारी के शुरुआती लक्षणों को हल्के में लेते हैं। वह अस्पताल तब भागते हैं जब हालत बहुत ज्यादा बिगड़ जाती है।
पुरुषों में हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और लिवर की बीमारियां महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा होती हैं।
बाहर काम करने और सफर करने की वजह से पुरुष सड़क या फैक्ट्रियों में होने वाले हादसों का शिकार ज्यादा होते हैं।
तंबाकू, सिगरेट और शराब का ज्यादा सेवन भी पुरुषों में गंभीर बीमारियों और मौत की एक बड़ी वजह है।
तीन साल के आंकड़े
साल 2023 - कुल 7,069 मौतों में 4,356 पुरुष और 2,713 महिलाएं थीं। इस साल सबसे ज्यादा मौतें फरवरी (730) के महीने में हुईं।
साल 2024 - कुल 7,018 मौतों में से 4,318 पुरुष और 2,700 महिलाएं थीं। इस साल जनवरी (780) के महीने में रिकॉर्ड मौतें दर्ज की गईं।
साल 2025 - कुल 7,268 मौतों में से 4,521 पुरुष और 2,747 महिलाएं थीं। इस साल पुरुषों की मौत का आंकड़ा सबसे ऊपर पहुंच गया।