Engineer Death: नोएडा प्राधिकरण ने SIT को सौंपी 450 पेज की रिपोर्ट, डिलीवरी बॉय को समन, आज भी पूछताछ
सेक्टर-150 हादसे की जांच में एसआईटी की टीम आज फिर से नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर पहुंची है। जहां एडीजी भानु भास्कर पहुंचे हैं। प्रशासन ने 450 पेज की रिपोर्ट सौंपी है।
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नोएडा प्राधिकरण दफ्तर में इंजीनियर युवराज के हादसे की जांच कर रही एसआईटी लोगों से पूछताछ कर रही है। एसआईटी प्रमुख एडीजी भानु भास्कर के नेतृत्व में टीम ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के डीसीपी के साथ प्राधिकरण दफ्तर पहुंचकर जांच की। इस दौरान, एसआईटी ने घटना से जुड़े महत्वपूर्ण गवाह, डिलीवरी ब्वॉय मुनेंद्र सिंह को पूछताछ के लिए तलब किया है। मुनेंद्र सिंह को दोपहर दो बजे पूछताछ के लिए बुलाया गया है, जिससे घटना के कारणों और परिस्थितियों पर और प्रकाश पड़ने की उम्मीद है। वहीं दूसरी तरफ नोएडा प्राधिकरण के सीईओ का प्रभार एसीईओ कृष्णा करुणेश को दिया गया है।
पुलिस और प्रशासन ने एसआईटी को सौंपी अपनी रिपोर्ट
सेक्टर-150 हादसे की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासन विभागों ने अपनी-अपनी विस्तृत रिपोर्टें एसआईटी को सौंप दी हैं। इन रिपोर्टों की कुल लंबाई करीब 450 पेज बताई जा रही है, जिसमें घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं का विवरण शामिल है।
एसआईटी ने इन रिपोर्टों के अलावा भी कई विभागों से अतिरिक्त जानकारी और स्पष्टीकरण मांगे हैं। एडीजी भानु भास्कर ने संबंधित विभागों को आज ही इन सवालों के जवाब देने के निर्देश दिए हैं, ताकि जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
बीते दिन भी सेक्टर-150 स्थित घटनास्थल के बाद गुरुवार शाम एसआईटी नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित दफ्तर पहुंची थी। इस दौरान नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन की तरफ से एसआईटी के सामने सवालों के जवाब रखे गए। नोएडा प्राधिकरण ने अपने जवाब की एक रिपोर्ट तैयार की थी। वहीं जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन को लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। करीब डेढ़ घंटे तक रही एसआईटी ने सवालों के जवाब को लेकर जानकारी ली। देर शाम तक रिपोर्ट सौंपे जाने की पुष्टि नहीं हुई।
मुख्यमंत्री ने ली जांच पर जानकारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम में मेरठ आए थे। इसी दौरान एसआईटी में शामिल जांच अधिकारियों से उन्होंने नोएडा प्रकरण के बारे में जानकारी ली। बताया जाता है कि एसआईटी ने प्राथमिक जांच रिपोर्ट मौखिक रूप से मुख्यमंत्री को बताई है। मुख्यमंत्री ने एसआईटी से हर बिंदु पर गहनता से जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।
जिलाधिकारी मेधा रूपम भी नोएडा प्राधिकरण दफ्तर पहुंचीं
एसआईटी ने आपदा प्रबंधन को लेकर कई सवाल पूछे थे। इनका जवाब जिला प्रशासन की ओर तैयार किया गया। जिलाधिकारी मेधा रूपम भी नोएडा प्राधिकरण दफ्तर पहुंची थीं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन की ओर से भी जवाबों से संबंधित रिपोर्ट एसआईटी को सौंप दी गई है। घटना के समय कंट्रोल रूम, फील्ड स्टाफ और संबंधित विभागों के बीच किस स्तर पर समन्वय था। इसका पूरा ब्यौरा दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया गया है है। इसमें रिस्पॉन्स टाइम, मौके पर पहुंची टीमों की तैनाती, वार रूम की भूमिका और आपात स्थिति में अपनाई गई प्रक्रिया को बिंदुवार रखा गया है।
अब शुरू हुई सड़क सुरक्षा पर तैयारी
इंजीनियर मौत मामले को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-150 में सड़क सुरक्षा को लेकर तैयारी शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि सेक्टरों में सेफ्टी के लिए सड़क के दोनों ओर सीमेंट ब्लाक की बैरिकेड लगाई जाएंगी। ये काम जल्द टेंडर से शुरू करवाए जाएंगे। इसके अलावा घटना स्थल को छोड़कर बाकी पूरे सेक्टर और नोएडा के अन्य भूखंड में हो रहे गढ्ढों से पानी की निकासी की जाएगी। इसको लेकर निर्देश जारी हुए हैं। अलग-अलग वर्क सर्कल में यह काम टुकड़ों में करवाए जाएंगे।
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