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'रात में निकलने से लगता है डर': चश्मदीद डिलीवरी बॉय ने छोड़ी नौकरी, जानें इंजीनियर मौत मामले पर क्या कहा

वान्या दीक्षित, अमर उजाला, नोएडा Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 24 Jan 2026 03:39 PM IST
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सार

इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद उन्हें बचाने की कोशिश करने वाले डिलीवरी बॉय मोनिंदर सिंह ने नौकरी छोड़ दी। बिल्डर पक्ष और कुछ लोगों से लगातार धमकियां मिलने उन्होंने यह फैसला लिया। परिवार की सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं।

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डिलीवरी बॉय मोनिंदर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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युवराज की जान बचाने का प्रयास करने वाले डिलीवरी बॉय मोनिंदर अपनी और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं। मोनिंदर के मुताबिक मामले में उन पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। उनकी और परिवार की जान का खतरे की आशंका देख उन्होंने उन्होंने नौकरी छोड़ दी है। देर रात घर से बाहर निकलने में डर लगता है। फिलहाल वह घर से बाहर रह रहे हैं। उन्होंने जल्द ही युवराज के पिता से भी मिलने की बात कही है।

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अमर उजाला से खास बातचीत में सेक्टर-150 स्थित गढ़ी समस्तीपुर निवासी मोनिंदर ने बताया कि युवराज को बचाने के लिए वह अपनी जान की बाजी लगाकर वह पानी में उतरे थे। अफसोस कि वह जान नहीं बचा सके। वह कहते हैं कि अगर वह पांच मिनट पहले आ गए होते या प्रशासन की मौजूद टीम ने लापरवाही ना बरती होती तो युवराज हम सब के बीच होते। उन्होंने कहा कि प्रयास की सराहना करने की बजाय धमकियां मिल रही हैं। किसी भी तरह का बयान नहीं देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मोनिंदर कहते हैं कि उनके पिताजी ने सच का साथ नहीं छोड़ने की बात कही है। अगर आज हमने सच का साथ छोड़ दिया तो लोगों को इंसानियत से भरोसा उठ जाएगा।

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रात 2 बजे से पहले पहुंचे थे घटना स्थल
16 जनवरी की रात का घटनाक्रम बताते हुए मोनिंदर ने बताया कि वह रात करीब 1:45 पर जब घटनास्थल पर पहुंचे उससे पांच मिनट पहले ही युवराज गाड़ी सहित पानी में जा चुका था। दो मिनट के अंदर ही उन्होंने फैसला कर लिया था कि वह पानी के अंदर जाएंगे। वहां मौजूद टीम से पानी में जाने की बात कही तो पहले तो वह लोग घबरा गए। मोनिंदर बचपन से तैरना जानते हैं। मौके पर मौजूद टीम ने उन्हें सेफ्टी जैकेट दी। जिसे पहनकर वह पानी में उतरे। करीब 40 मिनट तक पानी में रहने के दौरान भी वह युवराज को नहीं खोज सके। जबकि बाहर खड़े लोगों को और युवराज के पिता को उम्मीद थी शायद उनका प्रयास सफल होगा।

बोले- बिल्डर के लोगों ने धमकाया
मोनिंदर ने बताया कि हादसे के बाद 18 जनवरी को हमें पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था और दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक थाने में बैठाकर रखा था। इस दौरान यही बात कही जा रही थी कि कि पुलिस का साथ दो। मोनिंदर ने बताया कि उन्हें बिल्डर के लोगों से भी धमकियां मिल चुकी हैं। मोनिंदर ने बताया कि उन्हें युवा शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम, महासचिव अरविंद गौतम और भारतीय किसान यूनियन की तरफ से सपोर्ट मिल रहा है।

बचपन से ही स्पोर्ट्स में सक्रिय रहे हैं
मोनिंदर ने बताया कि उन्होंने गौतमबुद्ध नगर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू की थी। आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। वह बचपन से ही स्पोर्ट्स एक्टिविटी में सक्रिय रहे हैं। उन्हें तैरना आता है और कुश्ती भी जानते हैं। इसके अलावा उन्हें कुश्ती और गोल्ड मेडल भी मिल चुका है।

हमें सुरक्षा दे सरकार
मोनिंदर ने अमर उजाला के माध्यम से कहा है कि सरकार से हमारी मांग है कि हमें और हमारे परिवार को सुरक्षा दी जाए। हम किसान परिवार से हैं और हमने कोई गलत काम नहीं किया है।

ये भी पढ़ें: इंजीनियर युवराज की मौत: भ्रष्टाचार का दलदल है स्पोर्ट्स सिटी, डूब चुकी हैं कई जांच; हर कदम पर अधिकारी मेहरबान

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