{"_id":"69d7ed756bd5db2bad0d57a3","slug":"not-just-surveillance-ais-eye-will-also-provide-information-about-suspects-grnoida-news-c-23-1-lko1064-91898-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: सैकड़ों की भीड़ में भी अपराधियों को पहचान लेगा कैमरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: सैकड़ों की भीड़ में भी अपराधियों को पहचान लेगा कैमरा
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित प्रदर्शनी इलेक्ट्रा
विज्ञापन
फोटो --
इंडिया एक्सपो सेंटर में प्रदर्शनी के दौरान ‘मेड इन इंडिया’ स्मार्ट सीसीटीवी कैमरे ने खींचा ध्यान, कंपनी का दावा-अपराध नियंत्रण के लिए अहम
नितेश कुमार
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रही इलेक्ट्रॉनिका एंड प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया प्रदर्शनी में एआई से लैस अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। दावा है कि ये कैमरे न केवल निगरानी करते हैं बल्कि संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर तुरंत अलर्ट भी करते हैं। इतना ही नहीं सैकड़ों की भीड़ में भी किसी एक व्यक्ति की सटीक पहचान करने में भी सक्षम हैं।
कैमरों में लगे एआई एल्गोरिदम चेहरे के हाव-भाव और गतिविधियों का विश्लेषण कर संबंधित व्यक्ति का प्रोफाइल तैयार करने में सक्षम हैं। इससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अपराधियों को पकड़ने में काफी मदद मिल सकती है। फेस रिकग्निशन तकनीक से लैस कैमरे पहले से मौजूद डाटाबेस के साथ मिलान कर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करते हैं। यदि कोई व्यक्ति वॉचलिस्ट में शामिल है तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है। असामान्य गतिविधियों जैसे भीड़ में अचानक भगदड़, झगड़ा या संदिग्ध व्यवहार को भी पहचान सकते हैं।
प्रदर्शनी में शामिल निजी कंपनी के संस्थापक ईश्वर कोआवत ने बताया कि इन कैमरों का निर्माण ‘मेड इन इंडिया’ के तहत किया जा रहा है जिससे देश में तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है। इनकी लागत भी विदेशी तकनीक की तुलना में कम रखी गई है ताकि अधिक से अधिक संस्थान और शहर इन्हें अपनाकर अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर सकें।
ट्रैफिक मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण और निगरानी में आएगा काम
उन्होंने बताया कि एआई आधारित इन कैमरों का उपयोग केवल अपराध नियंत्रण तक ही सीमित नहीं है बल्कि ट्रैफिक मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण और सार्वजनिक स्थलों की निगरानी में भी किया जा सकता है। उनका कहना है कि देश में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के मद्देनजर इन कैमरों को तैयार किया जा रहा है। आने वाले समय में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में इस तरह की तकनीकों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
-- -- -- --
सुरक्षा एजेंसियों को मिलेगा फायदा
- अपराधियों की तेजी से पहचान और गिरफ्तारी
- निगरानी में मानव निर्भरता में कमी
- बड़े आयोजनों में बेहतर सुरक्षा प्रबंधन
- डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद
Trending Videos
इंडिया एक्सपो सेंटर में प्रदर्शनी के दौरान ‘मेड इन इंडिया’ स्मार्ट सीसीटीवी कैमरे ने खींचा ध्यान, कंपनी का दावा-अपराध नियंत्रण के लिए अहम
नितेश कुमार
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रही इलेक्ट्रॉनिका एंड प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया प्रदर्शनी में एआई से लैस अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। दावा है कि ये कैमरे न केवल निगरानी करते हैं बल्कि संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर तुरंत अलर्ट भी करते हैं। इतना ही नहीं सैकड़ों की भीड़ में भी किसी एक व्यक्ति की सटीक पहचान करने में भी सक्षम हैं।
कैमरों में लगे एआई एल्गोरिदम चेहरे के हाव-भाव और गतिविधियों का विश्लेषण कर संबंधित व्यक्ति का प्रोफाइल तैयार करने में सक्षम हैं। इससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अपराधियों को पकड़ने में काफी मदद मिल सकती है। फेस रिकग्निशन तकनीक से लैस कैमरे पहले से मौजूद डाटाबेस के साथ मिलान कर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करते हैं। यदि कोई व्यक्ति वॉचलिस्ट में शामिल है तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है। असामान्य गतिविधियों जैसे भीड़ में अचानक भगदड़, झगड़ा या संदिग्ध व्यवहार को भी पहचान सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शनी में शामिल निजी कंपनी के संस्थापक ईश्वर कोआवत ने बताया कि इन कैमरों का निर्माण ‘मेड इन इंडिया’ के तहत किया जा रहा है जिससे देश में तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है। इनकी लागत भी विदेशी तकनीक की तुलना में कम रखी गई है ताकि अधिक से अधिक संस्थान और शहर इन्हें अपनाकर अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर सकें।
ट्रैफिक मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण और निगरानी में आएगा काम
उन्होंने बताया कि एआई आधारित इन कैमरों का उपयोग केवल अपराध नियंत्रण तक ही सीमित नहीं है बल्कि ट्रैफिक मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण और सार्वजनिक स्थलों की निगरानी में भी किया जा सकता है। उनका कहना है कि देश में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के मद्देनजर इन कैमरों को तैयार किया जा रहा है। आने वाले समय में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में इस तरह की तकनीकों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
सुरक्षा एजेंसियों को मिलेगा फायदा
- अपराधियों की तेजी से पहचान और गिरफ्तारी
- निगरानी में मानव निर्भरता में कमी
- बड़े आयोजनों में बेहतर सुरक्षा प्रबंधन
- डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित प्रदर्शनी इलेक्ट्रा