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Noida News: जेपी ग्रीन्स कॉसमॉस सोसाइटी के निवासी लड़ रहे सुविधाओं के लिए जंग
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अरुण कुमार शर्मा।
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संवाद-
- निवासी बोले गिरता प्लास्टर बनी परेशानी कमजोर सुरक्षा से लेकर लिफ्ट और आवारा कुत्तों तक की समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-134 स्थित जेपी ग्रीन्स कॉसमॉस सोसाइटी की बड़ी हाईराइज सोसाइटियों में शामिल है। करीब 4,000 फ्लैट की सोसाइटी में रहने वाले लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। रविवार को आयोजित संवाद में निवासियों ने जलभराव, गिरते प्लास्टर, कमजोर सुरक्षा, खराब पानी, बिजली कटौती, लिफ्ट में फंसने, पेड़ों की छटाई से लेकर, आवारा कुत्तों और फायर सेफ्टी समेत कई समस्याएं सामने रखीं। निवासियों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर घर खरीदने के बावजूद उन्हें सुविधाओं के बजाय हर समय सुरक्षा और भवन की स्थिति को लेकर चिंता बनी रहती है। निवासियों का कहना है कि यह विशटाउन है जो नोएडा की सबसे बड़ी सोसाइटी है।
निवासियों के मुताबिक, सोसाइटी में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। हल्की बारिश के बाद ही सोसाइटी के आसपास और रास्तों पर पानी भर जाता है। बेसमेंट में भी आए दिन पानी जमा होने की समस्या रहती है। बिजली व्यवस्था को लेकर भी निवासियों में नाराजगी है। लगातार गिरते प्लास्टर को सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल किया गया। कई दीवारों में सीलन के कारण सरिया भी दिखने लगा है। निवासियों के अनुसार पहले गंगाजल की आपूर्ति बेहतर थी, लेकिन अब पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें हैं। उनका कहना है कि मेंटेनेंस और बिजली का कनेक्शन एक साथ होने से कई बार बिजली का बिल अधिक आता है। कई लोगों के मीटर भी बदले गए हैं। इसके अलावा अलग-अलग शुल्क लिए जाने के बावजूद सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। मेंटिनेंस से लेकर बिल्डर तक कोई मदद तो छोड़ो शिकायत तक नहीं सुनते हैं। निवासियों का कहना है कि एओए भी कुछ नहीं कर पाता है।
पहले करीब 240 सुरक्षा गार्ड थे, अब लगभग 70 रह गए हैं। सुरक्षा कम होने से चोरी का डर बना रहता है। - चौधरी ओम सिंह
लाखों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदा था। लेकिन आज भी पानी, बिजली, सुरक्षा और मेंटेनेंस की समस्याएं हैं। - राहुल गुप्ता
बिजली अचानक चली जाती है तो जनरेटर शुरू होने में कम से कम आधा घंटा लग जाता है। लोग लिफ्ट में फंस जाते हैं। - संजय सोलंकी
47 टावरों में जगह-जगह प्लास्टर गिर रहा है। बच्चों को बाहर भेजने में डर लगता है। घर के अंदर भी प्लास्टर गिरने लगे हैं। - अरुण कुमार शर्मा
ऊपरी मंजिल के फ्लैटों में सीलन लगातार बढ़ रही है। दीवारें कमजोर हो रही हैं। हमें हर समय किसी बड़े हादसे का डर रहता है। - आस्था
लावारिस कुत्तों के काटने की घटनाएं भी हो रही हैं। घास के बढ़ने से बिच्छू और सांप के आने की घटनाएं बढ़ती हैं। - मदन मोहन गुप्ता
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- निवासी बोले गिरता प्लास्टर बनी परेशानी कमजोर सुरक्षा से लेकर लिफ्ट और आवारा कुत्तों तक की समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-134 स्थित जेपी ग्रीन्स कॉसमॉस सोसाइटी की बड़ी हाईराइज सोसाइटियों में शामिल है। करीब 4,000 फ्लैट की सोसाइटी में रहने वाले लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। रविवार को आयोजित संवाद में निवासियों ने जलभराव, गिरते प्लास्टर, कमजोर सुरक्षा, खराब पानी, बिजली कटौती, लिफ्ट में फंसने, पेड़ों की छटाई से लेकर, आवारा कुत्तों और फायर सेफ्टी समेत कई समस्याएं सामने रखीं। निवासियों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर घर खरीदने के बावजूद उन्हें सुविधाओं के बजाय हर समय सुरक्षा और भवन की स्थिति को लेकर चिंता बनी रहती है। निवासियों का कहना है कि यह विशटाउन है जो नोएडा की सबसे बड़ी सोसाइटी है।
निवासियों के मुताबिक, सोसाइटी में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। हल्की बारिश के बाद ही सोसाइटी के आसपास और रास्तों पर पानी भर जाता है। बेसमेंट में भी आए दिन पानी जमा होने की समस्या रहती है। बिजली व्यवस्था को लेकर भी निवासियों में नाराजगी है। लगातार गिरते प्लास्टर को सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल किया गया। कई दीवारों में सीलन के कारण सरिया भी दिखने लगा है। निवासियों के अनुसार पहले गंगाजल की आपूर्ति बेहतर थी, लेकिन अब पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें हैं। उनका कहना है कि मेंटेनेंस और बिजली का कनेक्शन एक साथ होने से कई बार बिजली का बिल अधिक आता है। कई लोगों के मीटर भी बदले गए हैं। इसके अलावा अलग-अलग शुल्क लिए जाने के बावजूद सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। मेंटिनेंस से लेकर बिल्डर तक कोई मदद तो छोड़ो शिकायत तक नहीं सुनते हैं। निवासियों का कहना है कि एओए भी कुछ नहीं कर पाता है।
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पहले करीब 240 सुरक्षा गार्ड थे, अब लगभग 70 रह गए हैं। सुरक्षा कम होने से चोरी का डर बना रहता है। - चौधरी ओम सिंह
लाखों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदा था। लेकिन आज भी पानी, बिजली, सुरक्षा और मेंटेनेंस की समस्याएं हैं। - राहुल गुप्ता
बिजली अचानक चली जाती है तो जनरेटर शुरू होने में कम से कम आधा घंटा लग जाता है। लोग लिफ्ट में फंस जाते हैं। - संजय सोलंकी
47 टावरों में जगह-जगह प्लास्टर गिर रहा है। बच्चों को बाहर भेजने में डर लगता है। घर के अंदर भी प्लास्टर गिरने लगे हैं। - अरुण कुमार शर्मा
ऊपरी मंजिल के फ्लैटों में सीलन लगातार बढ़ रही है। दीवारें कमजोर हो रही हैं। हमें हर समय किसी बड़े हादसे का डर रहता है। - आस्था
लावारिस कुत्तों के काटने की घटनाएं भी हो रही हैं। घास के बढ़ने से बिच्छू और सांप के आने की घटनाएं बढ़ती हैं। - मदन मोहन गुप्ता

अरुण कुमार शर्मा।

अरुण कुमार शर्मा।

अरुण कुमार शर्मा।

अरुण कुमार शर्मा।

अरुण कुमार शर्मा।

अरुण कुमार शर्मा।
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