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Noida News: तीन दिन की हड़ताल पर सफाई कर्मचारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। नगरपालिका कर्मचारी संघ से जुड़े सफाई कर्मचारी सोमवार से तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के कारण नगर में सफाई व्यवस्था ठप हो गई है और जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं।
सफाई कर्मचारियों ने नगरपालिका कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को लेकर बार-बार वादे करती है, लेकिन उन्हें लागू नहीं करती।
सफाई कर्मचारी संघ के खंड प्रधान माम चंद ने बताया कि हरियाणा सरकार सफाई, सीवर और फायर विभाग के कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को 26 हजार और शहरी सफाई कर्मचारियों को 27 हजार रुपये वेतन देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया। मामचंद के अनुसार फरवरी 2023 में पे-रोल के कर्मचारियों को पक्का करने का पत्र जारी किया गया था। इसके बाद 13 मई के समझौते में राज्य के सफाई, सीवर और फायर के 13 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का आश्वासन भी दिया गया था। लेकिन 12 साल के कार्यकाल में एक भी सफाई, सीवर व फायर कर्मचारी पक्का नहीं किया गया। कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि सभी नगरपालिकाओं, परिषदों और नगर निगमों में ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लिया जाए। साथ ही 2 साल की पॉलिसी बनाकर सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और जब तक पक्के नहीं किए जाते तब तक समान काम समान वेतन लागू किया जाए। खंड प्रधान ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हड़ताल के कारण तावडू नगर में सफाई कार्य पूरी तरह बंद है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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फोटो: तावडू नगर पालिका कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए सफाई कर्मचारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। नगरपालिका कर्मचारी संघ से जुड़े सफाई कर्मचारी सोमवार से तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के कारण नगर में सफाई व्यवस्था ठप हो गई है और जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं।
सफाई कर्मचारियों ने नगरपालिका कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को लेकर बार-बार वादे करती है, लेकिन उन्हें लागू नहीं करती।
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सफाई कर्मचारी संघ के खंड प्रधान माम चंद ने बताया कि हरियाणा सरकार सफाई, सीवर और फायर विभाग के कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को 26 हजार और शहरी सफाई कर्मचारियों को 27 हजार रुपये वेतन देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया। मामचंद के अनुसार फरवरी 2023 में पे-रोल के कर्मचारियों को पक्का करने का पत्र जारी किया गया था। इसके बाद 13 मई के समझौते में राज्य के सफाई, सीवर और फायर के 13 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का आश्वासन भी दिया गया था। लेकिन 12 साल के कार्यकाल में एक भी सफाई, सीवर व फायर कर्मचारी पक्का नहीं किया गया। कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि सभी नगरपालिकाओं, परिषदों और नगर निगमों में ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लिया जाए। साथ ही 2 साल की पॉलिसी बनाकर सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और जब तक पक्के नहीं किए जाते तब तक समान काम समान वेतन लागू किया जाए। खंड प्रधान ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हड़ताल के कारण तावडू नगर में सफाई कार्य पूरी तरह बंद है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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फोटो: तावडू नगर पालिका कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए सफाई कर्मचारी