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Noida News: सोसाइटियों का नया मंत्र, कंक्रीट को मात, हरियाली से शुरुआत
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सोसाइटियों का नया मंत्र, कंक्रीट को मात, हरियाली से शुरुआत
-प्रदूषण और हीटवेव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ग्रीनरी बहुत फायदेेमंद साबित हो रही
-नोएडा प्राधिकरण बेहतर वेस्ट मैनेजमेंट करने वाली सोसाइटियों को ग्रीन सोसाइटी का दे रहा टैग
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। गगनचुंबी इमारतों के लिए मशहूर नोएडा अब अपनी पहचान बदल रहा है। प्रदूषण और हीटवेव से निपटने के लिए शहर की हाईराइज सोसाइटियां और अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) मिलकर इको-फ्रेंडली मुहिम चला रहे हैं। इससे लोगों में पॉजिटिविटी आती है और नई ऊर्जा का संचार होता है।
सोसाइटी निवासियों का कहना है कि हरियाली का सीधा असर उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण पर दिख रहा है। सर्दियों के दिनों में जहां यह ग्रीनरी सोसाइटियों के भीतर एक्यूआई के स्तर को कम रखती है, वहीं गर्मियों में यह सोसाइटी के तापमान को आसपास के इलाकों से बेहतर बनाए रखती हैं। निवासियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए नोएडा प्राधिकरण बेहतर वेस्ट मैनेजमेंट करने वाली सोसाइटियों को 'ग्रीन सोसाइटी' का टैग और विशेष प्रोत्साहन भी दे रहा है। पिछले दिन फ्लोरीकल्चर सोसाइटी की ओर से हुई प्रतियोगिता में हाईराइज सोसाइटियों ने जीत हासिल की थी।
वर्टिकल गार्डनिंग : जगह की कमी को देखते हुए टावरों के पिलर्स, कॉमन एरिया और बालकनियों की दीवारों पर वर्टिकल गार्डन बनाकर हरियाली की खूबसूरत चादर बिछाई जा रही है।
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किचन गार्डन का क्रेज: खाली जगहों पर निवासी मिलकर एलोवेरा, तुलसी, पुदीना और जैविक (ऑर्गेनिक) सब्जियां उगा रहे हैं।
पानी की रीसाइक्लिंग: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के साफ पानी से पौधों की सिंचाई हो रही है, जिससे पीने के पानी की बर्बादी रुकी है।
कचरे से खाद: सोसाइटियों के गीले कचरे को ऑर्गेनिक खाद में बदला जा रहा है, जिसका इस्तेमाल पार्कों और गमलों में होता है।
हरियाली बढ़ने से आती है सकारात्मकता
हमने अपनी सोसाइटी को बहुत हरा-भरा और सुंदर बनाया है। वेंडर के माध्यम से ही ग्रीनरी का कार्य करवाया जा रहा है। हरियाली बढ़ने से पॉजिटिविटी आती है।द फ्लोरीकल्चर सोसाइटी की ओर से हुई प्रतियोगिता में हमारी सोसाइटी ने ग्रीनरी में पहला स्थान पाया था।
अभिनव सैनी, एओए सचिव, ग्रैंड अजनारा हेरिटेज सेक्टर 74
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सोसाइटी में हम पहले भी हॉर्टिकल्चर का कार्य देखते थे और नई एओए बनने के बाद भी यही कार्य देख रहे हैं। हमने हरियाली बढ़ाने के नाम पर एक तितली का डिजाइन बनाया है। इस डिजाइन में तरह तरह के फूलों के पौधे लगाए हैं।
अलका वर्मा, एओए सदस्य, लोटस बुलेवर्ड सेक्टर-100
सोसाइटी में नई एओए बन गई है और हमने सोसाइटी की ग्रीनरी बढ़ाने के लिए काम करना शुरू कर दिया है। इससे पहले भी हम बतौर वॉलंटियर ग्रीनरी के लिए काम करते रहते थे। माधवी लता पटेल, उमेश, रंजीत और अरुण बहादुर, अमित त्यागी मिलकर कार्य करते हैं।
कविता गुप्ता, एओए सदस्य, लोटस पनाश सेक्टर-110
-प्रदूषण और हीटवेव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ग्रीनरी बहुत फायदेेमंद साबित हो रही
-नोएडा प्राधिकरण बेहतर वेस्ट मैनेजमेंट करने वाली सोसाइटियों को ग्रीन सोसाइटी का दे रहा टैग
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। गगनचुंबी इमारतों के लिए मशहूर नोएडा अब अपनी पहचान बदल रहा है। प्रदूषण और हीटवेव से निपटने के लिए शहर की हाईराइज सोसाइटियां और अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) मिलकर इको-फ्रेंडली मुहिम चला रहे हैं। इससे लोगों में पॉजिटिविटी आती है और नई ऊर्जा का संचार होता है।
सोसाइटी निवासियों का कहना है कि हरियाली का सीधा असर उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण पर दिख रहा है। सर्दियों के दिनों में जहां यह ग्रीनरी सोसाइटियों के भीतर एक्यूआई के स्तर को कम रखती है, वहीं गर्मियों में यह सोसाइटी के तापमान को आसपास के इलाकों से बेहतर बनाए रखती हैं। निवासियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए नोएडा प्राधिकरण बेहतर वेस्ट मैनेजमेंट करने वाली सोसाइटियों को 'ग्रीन सोसाइटी' का टैग और विशेष प्रोत्साहन भी दे रहा है। पिछले दिन फ्लोरीकल्चर सोसाइटी की ओर से हुई प्रतियोगिता में हाईराइज सोसाइटियों ने जीत हासिल की थी।
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वर्टिकल गार्डनिंग : जगह की कमी को देखते हुए टावरों के पिलर्स, कॉमन एरिया और बालकनियों की दीवारों पर वर्टिकल गार्डन बनाकर हरियाली की खूबसूरत चादर बिछाई जा रही है।
किचन गार्डन का क्रेज: खाली जगहों पर निवासी मिलकर एलोवेरा, तुलसी, पुदीना और जैविक (ऑर्गेनिक) सब्जियां उगा रहे हैं।
पानी की रीसाइक्लिंग: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के साफ पानी से पौधों की सिंचाई हो रही है, जिससे पीने के पानी की बर्बादी रुकी है।
कचरे से खाद: सोसाइटियों के गीले कचरे को ऑर्गेनिक खाद में बदला जा रहा है, जिसका इस्तेमाल पार्कों और गमलों में होता है।
हरियाली बढ़ने से आती है सकारात्मकता
हमने अपनी सोसाइटी को बहुत हरा-भरा और सुंदर बनाया है। वेंडर के माध्यम से ही ग्रीनरी का कार्य करवाया जा रहा है। हरियाली बढ़ने से पॉजिटिविटी आती है।द फ्लोरीकल्चर सोसाइटी की ओर से हुई प्रतियोगिता में हमारी सोसाइटी ने ग्रीनरी में पहला स्थान पाया था।
अभिनव सैनी, एओए सचिव, ग्रैंड अजनारा हेरिटेज सेक्टर 74
सोसाइटी में हम पहले भी हॉर्टिकल्चर का कार्य देखते थे और नई एओए बनने के बाद भी यही कार्य देख रहे हैं। हमने हरियाली बढ़ाने के नाम पर एक तितली का डिजाइन बनाया है। इस डिजाइन में तरह तरह के फूलों के पौधे लगाए हैं।
अलका वर्मा, एओए सदस्य, लोटस बुलेवर्ड सेक्टर-100
सोसाइटी में नई एओए बन गई है और हमने सोसाइटी की ग्रीनरी बढ़ाने के लिए काम करना शुरू कर दिया है। इससे पहले भी हम बतौर वॉलंटियर ग्रीनरी के लिए काम करते रहते थे। माधवी लता पटेल, उमेश, रंजीत और अरुण बहादुर, अमित त्यागी मिलकर कार्य करते हैं।
कविता गुप्ता, एओए सदस्य, लोटस पनाश सेक्टर-110