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Noida News: खाड़ी देशों के विद्यार्थी बोले- मुश्किल से हो रहा परिवार से संपर्क
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- नॉलेज पार्क के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ते हैं खाड़ी देशों के विद्यार्थी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ईरान-इस्राइल-अमेरिका युद्ध के बाद से भारत में पढ़ रहे खाड़ी देशों के बच्चों को अपने परिजनों की चिंता सताने लगी है। ग्रेनो के नॉलेज पार्क में स्थित विभिन्न कॉलेजों में खाड़ी देशों के कई छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। बीते दो दिनों से उनका बार-बार अपने परिजनों से फोन कर उनके हालचाल पूछने का सिलसिला जारी है। हालांकि ऐसी परिस्थिति में फोन भी बढ़ी मुश्किल से लग रहे हैं।
शारदा विश्वविद्यालय में पढ़ रहे खाड़ी देशों के करीब 50 से अधिक छात्र-छात्राएं हैं। जहां इस समय युद्ध से हालात तनावपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि परिवार से बात करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बात काफी समय बाद हो पा रही है। कुछ छात्र अपने देश गए हुए थे। युद्ध शुरू होने के बाद वे वहीं फंस गए। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. अजीत कुमार ने कहा कि इन बच्चों से प्रबंधन संपर्क में है। मेंटर उनकी समस्या जानकर उसकी जानकारी प्रबंधन को दे रहे हैं। सीरियाई देशों के विद्यार्थियों के परिजन से संपर्क करने में सबसे ज्यादा आ रही है।
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नवीन कुमार
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ईरान-इस्राइल-अमेरिका युद्ध के बाद से भारत में पढ़ रहे खाड़ी देशों के बच्चों को अपने परिजनों की चिंता सताने लगी है। ग्रेनो के नॉलेज पार्क में स्थित विभिन्न कॉलेजों में खाड़ी देशों के कई छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। बीते दो दिनों से उनका बार-बार अपने परिजनों से फोन कर उनके हालचाल पूछने का सिलसिला जारी है। हालांकि ऐसी परिस्थिति में फोन भी बढ़ी मुश्किल से लग रहे हैं।
शारदा विश्वविद्यालय में पढ़ रहे खाड़ी देशों के करीब 50 से अधिक छात्र-छात्राएं हैं। जहां इस समय युद्ध से हालात तनावपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि परिवार से बात करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बात काफी समय बाद हो पा रही है। कुछ छात्र अपने देश गए हुए थे। युद्ध शुरू होने के बाद वे वहीं फंस गए। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. अजीत कुमार ने कहा कि इन बच्चों से प्रबंधन संपर्क में है। मेंटर उनकी समस्या जानकर उसकी जानकारी प्रबंधन को दे रहे हैं। सीरियाई देशों के विद्यार्थियों के परिजन से संपर्क करने में सबसे ज्यादा आ रही है।
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नवीन कुमार