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Noida News: जीएम पर लगाए गए आरोपों का वीडियो प्रमाणिक नहीं
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जीएम पर लगाए गए आरोपों का वीडियो प्रमाणिक नहीं
सरकारी लैब में वीडियो की एफएसएल जांच करवाई गई
एआई एडिटेड, निरंतरता की कमी की रिपोर्ट सामने आई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट देखने के लिए नोएडा प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग का जुलाई 2025 में हुए गोवा दौरे में लगे आरोपों की जांच आगे बढ़ी है। शासन में की गई शिकायत में प्राधिकरण के जीएम पर नोएडा में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित कराने के बदले अनुचित मांग के आरोप लगाए गए थे।
साक्ष्य के तौर पर एक वीडियो भी सौंपा गया था। शासन से सूचना आने के बाद प्राधिकरण ने पहले निजी फिर सरकारी लैब में वीडियो की एफएसएल जांच करवाई। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि जांच में वीडियो प्रमाणिक नहीं पाया गया। लखनऊ स्थित सरकारी लैब की वीडियो जांच में वीडियो कई जगह से टूटा हुआ, एआई एडिटेड, निरंतरता की कमी की रिपोर्ट सामने आई है। अब आगे शासन को जवाब भेजे जाने के लिए प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने समिति गठन के निर्देश दिए हैं।
शासन स्तर पर यह शिकायत अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास को 24 जनवरी को की गई। इस क्रम में अपर मुख्य सचिव ने 28 जनवरी को नोएडा प्राधिकरण को पत्र भेजा था। फिर जांच शुरू हुई और ओएसडी को जांच अधिकारी बनाया गया था। प्राधिकरण स्तर पर जांच में शिकायतकर्ता को बुलाया गया था। फिर शिकायतकर्ता से सभी साक्ष्य लिए गए थे। वहीं जीएम ने जांच अधिकारी को दिए गए जवाब में आरोपों को निराधार बताया था। इसके बाद वीडियो की जांच पहले नोएडा स्थित निजी लैब से करवाई गई। इसके बाद लखनऊ सरकारी लैब से एफएसएल जांच प्राधिकरण ने करवाई है।
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कोट-
जीएम पर लगाए गए आरोपों से जुड़ी वीडियो की सरकारी लैब से एफएसएल जांच करवाई गई। जांच रिपोर्ट में वीडियो कई जगहों से टूटा, एआई-एडिटेड, निरंतरता का अभाव आया है। आगे समिति शासन को रिपोर्ट भेजेगी। -कृष्ण करुणेश, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण
सरकारी लैब में वीडियो की एफएसएल जांच करवाई गई
एआई एडिटेड, निरंतरता की कमी की रिपोर्ट सामने आई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट देखने के लिए नोएडा प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग का जुलाई 2025 में हुए गोवा दौरे में लगे आरोपों की जांच आगे बढ़ी है। शासन में की गई शिकायत में प्राधिकरण के जीएम पर नोएडा में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित कराने के बदले अनुचित मांग के आरोप लगाए गए थे।
साक्ष्य के तौर पर एक वीडियो भी सौंपा गया था। शासन से सूचना आने के बाद प्राधिकरण ने पहले निजी फिर सरकारी लैब में वीडियो की एफएसएल जांच करवाई। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि जांच में वीडियो प्रमाणिक नहीं पाया गया। लखनऊ स्थित सरकारी लैब की वीडियो जांच में वीडियो कई जगह से टूटा हुआ, एआई एडिटेड, निरंतरता की कमी की रिपोर्ट सामने आई है। अब आगे शासन को जवाब भेजे जाने के लिए प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने समिति गठन के निर्देश दिए हैं।
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शासन स्तर पर यह शिकायत अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास को 24 जनवरी को की गई। इस क्रम में अपर मुख्य सचिव ने 28 जनवरी को नोएडा प्राधिकरण को पत्र भेजा था। फिर जांच शुरू हुई और ओएसडी को जांच अधिकारी बनाया गया था। प्राधिकरण स्तर पर जांच में शिकायतकर्ता को बुलाया गया था। फिर शिकायतकर्ता से सभी साक्ष्य लिए गए थे। वहीं जीएम ने जांच अधिकारी को दिए गए जवाब में आरोपों को निराधार बताया था। इसके बाद वीडियो की जांच पहले नोएडा स्थित निजी लैब से करवाई गई। इसके बाद लखनऊ सरकारी लैब से एफएसएल जांच प्राधिकरण ने करवाई है।
कोट-
जीएम पर लगाए गए आरोपों से जुड़ी वीडियो की सरकारी लैब से एफएसएल जांच करवाई गई। जांच रिपोर्ट में वीडियो कई जगहों से टूटा, एआई-एडिटेड, निरंतरता का अभाव आया है। आगे समिति शासन को रिपोर्ट भेजेगी। -कृष्ण करुणेश, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण