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Noida News: नवजातों को आपात स्थिति में उपचार देने का दिया प्रशिक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। नवजात शिशुओं को जन्म के समय आपात स्थिति में बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नोएडा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (निम्स) अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओर से एडवांस्ड नियोनेटल रिससिटेशन प्रोग्राम (एनआरपी) वर्कशॉप आयोजित की गई। नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम (एनएनएफ) और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) के मार्गदर्शन में हुए एक दिवसीय प्रशिक्षण में 24 रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों और इंटर्न्स ने हिस्सा लिया।
वर्कशॉप में नवजात की हालत बिगड़ने पर तत्काल और सही उपचार शुरू करने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई। प्रतिभागियों को इंटरैक्टिव लेक्चर, स्किल स्टेशन, सिमुलेशन आधारित अभ्यास और हैंड्स-ऑन डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के बाद उनकी जानकारी और व्यावहारिक क्षमता का मूल्यांकन भी किया गया। बाल रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अविनाश कुमार झा ने कहा कि जन्म के समय नवजात को सही समय पर रिससिटेशन मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण से डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ आपात स्थिति में तेजी से सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे। इस दौरान डॉ. रुचिरा माहेश्वरी गुप्ता, डीन डॉ. मनीषा जिंदल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. ब्रिगे. रंजीत गुलियानी और एसोसिएट डीन डॉ. कर्नल अरुण चौधरी समेत चिकित्सक मौजूद रहे।
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यमुना सिटी। नवजात शिशुओं को जन्म के समय आपात स्थिति में बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नोएडा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (निम्स) अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओर से एडवांस्ड नियोनेटल रिससिटेशन प्रोग्राम (एनआरपी) वर्कशॉप आयोजित की गई। नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम (एनएनएफ) और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) के मार्गदर्शन में हुए एक दिवसीय प्रशिक्षण में 24 रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों और इंटर्न्स ने हिस्सा लिया।
वर्कशॉप में नवजात की हालत बिगड़ने पर तत्काल और सही उपचार शुरू करने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई। प्रतिभागियों को इंटरैक्टिव लेक्चर, स्किल स्टेशन, सिमुलेशन आधारित अभ्यास और हैंड्स-ऑन डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के बाद उनकी जानकारी और व्यावहारिक क्षमता का मूल्यांकन भी किया गया। बाल रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अविनाश कुमार झा ने कहा कि जन्म के समय नवजात को सही समय पर रिससिटेशन मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण से डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ आपात स्थिति में तेजी से सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे। इस दौरान डॉ. रुचिरा माहेश्वरी गुप्ता, डीन डॉ. मनीषा जिंदल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. ब्रिगे. रंजीत गुलियानी और एसोसिएट डीन डॉ. कर्नल अरुण चौधरी समेत चिकित्सक मौजूद रहे।
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