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Nuh News: मौसम की मार का डर और मजदूरों की घर वापसी ने बढ़ाई किसानों की चिंता
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जिले में समय से पहले शुरू हुई गेहूं की कटाई, रुकने वाले मजदूर मांग रहे सामान्य दिनों से अधिक दिहाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में गेहूं की कटाई ने इस बार तय समय से पहले ही रफ्तार पकड़ ली है। एक ओर मौसम खराब रहने की संभावना और दूसरी ओर गैस किल्लत के कारण प्रवासी मजदूरों की घर वापसी ने किसानों को इसके लिए मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में मौसम खराब रहने की आशंका है। इस कारण किसान अपनी फसल को जल्द से जल्द काटकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं। बारिश, आंधी और तूफान की चेतावनी के कारण खेतों में इन दिनों सुबह से शाम तक कटाई का काम तेज़ी से जारी है।
किसान ताहिर, गुल्लू, भगतराम, हेतराम का कहना है कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद उन्होंने जोखिम उठाने के बजाय फसल को दो-चार दिन पहले ही काटना बेहतर समझा। उनका डर है कि यदि बारिश या तेज़ आंधी आई तो खड़ी फसल बर्बाद हो सकती है, जिससे पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। कटाई के साथ ही किसान गेहूं को खेतों से निकालकर अपने घरों और खलिहानों में सुरक्षित रख रहे हैं। कई जगहों पर थ्रेसिंग का काम भी तेजी से शुरू हो गया है ताकि मौसम खराब होने से पहले अनाज पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके।
पिछले वर्ष के अनुभव हैं ताजा नहीं उठाना चाहते जोखिम
स्थानीय किसान इलियास व महेंद्र का कहना है कि पिछले वर्षों में कई बार बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं, इस बार तो कई प्रवासी मजदूर वापस घरों को लौट रहे हैं। पिछले अनुभव और नई समस्या के कारण इस बार वे कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। एक किसान ने बताया कि अगर फसल खेत में खड़ी रही और बारिश आ गई तो दाना काला पड़ जाता है और उत्पादन भी घट जाता है। इसलिए हमने जल्दी कटाई शुरू कर दी है।
एक अप्रैल से मंडियों में शुरू होगी खरीद
सरकारी स्तर पर गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होनी है। ऐसे में किसान अपनी उपज को तैयार कर मंडियों में ले जाने की तैयारी भी साथ-साथ कर रहे हैं। हालांकि, मौसम की अनिश्चितता के कारण इस बार कटाई और भंडारण का काम जल्दी करना मजबूरी बन गया है।
प्रशासन से सहयोग की उम्मीद
किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि मंडियों में खरीद प्रक्रिया समय पर और सुचारू रूप से शुरू करवाई जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही मौसम खराब होने की स्थिति में फसल को सुरक्षित रखने के लिए भी उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मौसम की अनिश्चितता ने इस बार मेवात के किसानों को समय से पहले निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया है। अब सभी की निगाहें मौसम पर टिकी हैं, ताकि उनकी मेहनत सुरक्षित रह सके।
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मौसम के बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। इसलिए किसानों में डर का माहौल है। किसानों से अनुरोध है कि फसल को सुखाकर ही घर और मंडी में लाए।
- डॉ. अजीत, एसडीओ कृषि विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में गेहूं की कटाई ने इस बार तय समय से पहले ही रफ्तार पकड़ ली है। एक ओर मौसम खराब रहने की संभावना और दूसरी ओर गैस किल्लत के कारण प्रवासी मजदूरों की घर वापसी ने किसानों को इसके लिए मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में मौसम खराब रहने की आशंका है। इस कारण किसान अपनी फसल को जल्द से जल्द काटकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं। बारिश, आंधी और तूफान की चेतावनी के कारण खेतों में इन दिनों सुबह से शाम तक कटाई का काम तेज़ी से जारी है।
किसान ताहिर, गुल्लू, भगतराम, हेतराम का कहना है कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद उन्होंने जोखिम उठाने के बजाय फसल को दो-चार दिन पहले ही काटना बेहतर समझा। उनका डर है कि यदि बारिश या तेज़ आंधी आई तो खड़ी फसल बर्बाद हो सकती है, जिससे पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। कटाई के साथ ही किसान गेहूं को खेतों से निकालकर अपने घरों और खलिहानों में सुरक्षित रख रहे हैं। कई जगहों पर थ्रेसिंग का काम भी तेजी से शुरू हो गया है ताकि मौसम खराब होने से पहले अनाज पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके।
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पिछले वर्ष के अनुभव हैं ताजा नहीं उठाना चाहते जोखिम
स्थानीय किसान इलियास व महेंद्र का कहना है कि पिछले वर्षों में कई बार बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं, इस बार तो कई प्रवासी मजदूर वापस घरों को लौट रहे हैं। पिछले अनुभव और नई समस्या के कारण इस बार वे कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। एक किसान ने बताया कि अगर फसल खेत में खड़ी रही और बारिश आ गई तो दाना काला पड़ जाता है और उत्पादन भी घट जाता है। इसलिए हमने जल्दी कटाई शुरू कर दी है।
एक अप्रैल से मंडियों में शुरू होगी खरीद
सरकारी स्तर पर गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होनी है। ऐसे में किसान अपनी उपज को तैयार कर मंडियों में ले जाने की तैयारी भी साथ-साथ कर रहे हैं। हालांकि, मौसम की अनिश्चितता के कारण इस बार कटाई और भंडारण का काम जल्दी करना मजबूरी बन गया है।
प्रशासन से सहयोग की उम्मीद
किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि मंडियों में खरीद प्रक्रिया समय पर और सुचारू रूप से शुरू करवाई जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही मौसम खराब होने की स्थिति में फसल को सुरक्षित रखने के लिए भी उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मौसम की अनिश्चितता ने इस बार मेवात के किसानों को समय से पहले निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया है। अब सभी की निगाहें मौसम पर टिकी हैं, ताकि उनकी मेहनत सुरक्षित रह सके।
मौसम के बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। इसलिए किसानों में डर का माहौल है। किसानों से अनुरोध है कि फसल को सुखाकर ही घर और मंडी में लाए।
- डॉ. अजीत, एसडीओ कृषि विभाग