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Delhi NCR News: अलख पांडे के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री हटाने का आदेश
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को फिजिक्सवाला के संस्थापक अलख पांडे के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए दायर मुकदमे में अंतरिम आदेश जारी करते हुए उनके खिलाफ अपमानजनक, अश्लील और अवैध व्यावसायिक इस्तेमाल वाली कुछ वेबसाइटों तथा सोशल मीडिया सामग्री हटाने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भांभानी की पीठ ने संबंधित प्रतिवादियों को समन जारी किए और गूगल, एक्स (पूर्व ट्विटर), टेलीग्राम तथा लिंक्डइन को संबंधित वेबसाइटों और खातों के पीछे मौजूद लोगों की बुनियादी सब्सक्राइबर जानकारी (बीएसआई) उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
अदालत ने कहा कि विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता जे. साई दीपक ने अलख पांडे की ओर से दलील दी कि टेलीग्राम पर उनके चेहरे वाले स्टिकर बनाकर व्यावसायिक रूप से बेचे जा रहे हैं, जिससे एक शिक्षक के रूप में उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। हाईकोर्ट ने पहले तीन श्रेणियों की सामग्री-व्यक्तित्व का व्यावसायिक शोषण, अश्लील या यौन स्पष्ट सामग्री (व्यंग्य और पैरोडी को छोड़कर) तथा प्रतिरूपण से जुड़े लिंक मांगे थे। हालांकि, अदालत ने एक पैरोडी वीडियो को हटाने से इन्कार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई नवंबर में होगी।
तब्बू की याचिका पर सुनवाई आज
बॉलीवुड अभिनेत्री तब्बू ने भी व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अपने नाम, छवि, समानता और अन्य पहचान संबंधी विशेषताओं के अवैध इस्तेमाल (जिसमें एआई जनित सामग्री भी शामिल है) के खिलाफ याचिका दायर की है। जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ इस मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को करेंगी।
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को फिजिक्सवाला के संस्थापक अलख पांडे के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए दायर मुकदमे में अंतरिम आदेश जारी करते हुए उनके खिलाफ अपमानजनक, अश्लील और अवैध व्यावसायिक इस्तेमाल वाली कुछ वेबसाइटों तथा सोशल मीडिया सामग्री हटाने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भांभानी की पीठ ने संबंधित प्रतिवादियों को समन जारी किए और गूगल, एक्स (पूर्व ट्विटर), टेलीग्राम तथा लिंक्डइन को संबंधित वेबसाइटों और खातों के पीछे मौजूद लोगों की बुनियादी सब्सक्राइबर जानकारी (बीएसआई) उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
अदालत ने कहा कि विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता जे. साई दीपक ने अलख पांडे की ओर से दलील दी कि टेलीग्राम पर उनके चेहरे वाले स्टिकर बनाकर व्यावसायिक रूप से बेचे जा रहे हैं, जिससे एक शिक्षक के रूप में उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। हाईकोर्ट ने पहले तीन श्रेणियों की सामग्री-व्यक्तित्व का व्यावसायिक शोषण, अश्लील या यौन स्पष्ट सामग्री (व्यंग्य और पैरोडी को छोड़कर) तथा प्रतिरूपण से जुड़े लिंक मांगे थे। हालांकि, अदालत ने एक पैरोडी वीडियो को हटाने से इन्कार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई नवंबर में होगी।
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तब्बू की याचिका पर सुनवाई आज
बॉलीवुड अभिनेत्री तब्बू ने भी व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अपने नाम, छवि, समानता और अन्य पहचान संबंधी विशेषताओं के अवैध इस्तेमाल (जिसमें एआई जनित सामग्री भी शामिल है) के खिलाफ याचिका दायर की है। जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ इस मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को करेंगी।
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