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Delhi NCR News: फलेंडी स्कूल तक रास्ते की पैमाइश के आदेश जारी
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- 30 नवंबर को प्रमुखता से प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन हरकत में, पंचायत विभाग ने शुरू की कार्रवाई
अमर उजाला की खबर का असर:
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। खंड के गांव फलेंडी स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल (जीपीएस) और सरकारी मिडिल स्कूल (जीएमएस) तक पहुंचने के लिए वर्षों से बच्चों और शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्कूल तक जाने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं है। ऐसे में बच्चों, शिक्षकों और मिड-डे मील कर्मचारियों को नहर पर रखे पोलों और खेतों की संकरी मेढ़ से होकर गुजरना पड़ता है। 30 नवंबर को अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब ग्रामीणों की शिकायत और अमर उजाला खबर का असर दिखाई देने लगा है। डीसी के निर्देश पर पंचायत विभाग ने स्कूल तक रास्ता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग की ओर से संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर प्रस्तावित रास्ते की पैमाइश करने के आदेश जारी किए गए हैं। पैमाइश पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्कूल तक सुरक्षित रास्ता नहीं होने के कारण रोजाना छोटे-छोटे बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचना पड़ता है।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। भले ही कार्रवाई शुरू होने में कुछ महीने लगे, लेकिन अब रास्ते की पैमाइश के आदेश जारी होने से लोगों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही स्कूल तक पक्का और सुरक्षित रास्ता बन जाएगा।
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अमर उजाला की खबर का असर:
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। खंड के गांव फलेंडी स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल (जीपीएस) और सरकारी मिडिल स्कूल (जीएमएस) तक पहुंचने के लिए वर्षों से बच्चों और शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्कूल तक जाने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं है। ऐसे में बच्चों, शिक्षकों और मिड-डे मील कर्मचारियों को नहर पर रखे पोलों और खेतों की संकरी मेढ़ से होकर गुजरना पड़ता है। 30 नवंबर को अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब ग्रामीणों की शिकायत और अमर उजाला खबर का असर दिखाई देने लगा है। डीसी के निर्देश पर पंचायत विभाग ने स्कूल तक रास्ता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग की ओर से संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर प्रस्तावित रास्ते की पैमाइश करने के आदेश जारी किए गए हैं। पैमाइश पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्कूल तक सुरक्षित रास्ता नहीं होने के कारण रोजाना छोटे-छोटे बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचना पड़ता है।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। भले ही कार्रवाई शुरू होने में कुछ महीने लगे, लेकिन अब रास्ते की पैमाइश के आदेश जारी होने से लोगों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही स्कूल तक पक्का और सुरक्षित रास्ता बन जाएगा।
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