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Delhi NCR News: वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने पर दायर जनहित याचिका खारिज
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को शिक्षाविद् और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर आमरण अनशन के 21वें दिन जबरन सफदरजंग अस्पताल ले जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि इस मामले को पहले ही वांगचुक की पत्नी हाईकोर्ट के समक्ष उठा चुकी हैं और याचिका उस समय उनके संतोष पर निस्तारित कर दी गई थी।
पीठ ने कहा, घटना से संबंधित चिंताओं और प्रार्थनाओं को दोबारा उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने याचिकाकर्ता शकील अब्बास को सलाह दी कि अगर वे अब भी पीड़ित महसूस करते हैं तो वह संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराएं। सोनम वांगचुक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे हुए थे। 21वें दिन उन्हें जबरन सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। इस कार्रवाई के खिलाफ शकील अब्बास ने जनहित याचिका दायर की थी।
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को शिक्षाविद् और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर आमरण अनशन के 21वें दिन जबरन सफदरजंग अस्पताल ले जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि इस मामले को पहले ही वांगचुक की पत्नी हाईकोर्ट के समक्ष उठा चुकी हैं और याचिका उस समय उनके संतोष पर निस्तारित कर दी गई थी।
पीठ ने कहा, घटना से संबंधित चिंताओं और प्रार्थनाओं को दोबारा उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने याचिकाकर्ता शकील अब्बास को सलाह दी कि अगर वे अब भी पीड़ित महसूस करते हैं तो वह संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराएं। सोनम वांगचुक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे हुए थे। 21वें दिन उन्हें जबरन सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। इस कार्रवाई के खिलाफ शकील अब्बास ने जनहित याचिका दायर की थी।
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