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Delhi NCR News: सालों से बनी पुलिस बूथ बंद, बदमाशों के हौसले बुलंद, महिलाओं पर कसते हैं फब्तियां
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संवाद कार्यक्रम
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में निवासियों ने कहा, पार्कों में असामाजिक तत्वों का कब्जा, सहमी रहती है महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। शाहदरा के रामनगर में बना पुलिस बूथ वर्षों से बंद है। इससे कॉलोनी में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। दावा है कि पार्क में असामाजिक तत्वों का कब्जा है। कॉलोनी में लगे ज्यादातर सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। बदमाश महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं। इसके अलावा पीने के लिए गंदे पानी की सप्लाई होती है। निवासियों ने कहा कि समस्याओं को लेकर कई बार शिकायत की जाती है, लेकिन समाधान नहीं होता है। समाधान के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलता है।
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में रविवार को आरडब्ल्यूए रामनगर के पदाधिकारियों और निवासियों ने क्षेत्र की कई समस्याएं बताईं। उस दौरान दीपक शर्मा, अमित पचौरी, देवेंद्र पाल शर्मा, अंकित बत्ता, हरिओम, रामेश्वर, लक्ष्य गंगोत्रा, अंशुमान गंगोत्रा, प्रेम वर्मा और पार्क शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। निवासियों ने दावा किया कि उन्होंने चंदा के जरिये कॉलोनी में पुलिस बूथ बनाया। इसके बावजूद यहां एक भी अधिकारी नहीं बैठते हैं। दरवाजे पर वर्षों से ताला लटका है। पास में ही श्री राम पार्क मौजूद है। पार्क में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा है। वे दिनभर पार्क के अंदर नशा करते हैं, इस वजह से महिलाएं पार्क में आने से डरती हैं। इसके अलावा तारों का मकड़जाल बना है। इंटरनेट के तार लोगों के घरों के सामने लटक रहे हैं। तारों की वजह से हादसे का खतरा है। वहीं, पूरे कॉलोनी में एक भी औषधालय नहीं है। कॉलोनी में एक डिस्पेंसरी बनाने की जरूरत है। कॉलोनी के अंदर बंदरों और कुत्तों के आतंक ने भी लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
लोगों ने गिनाईं समस्याएं
पुलिस बूथ को यहां के निवासियों ने खुद के रुपये से बनाया है। इसके बावजूद एक भी अधिकारी इसमें नहीं बैठते हैं।
- दीपक शर्मा, अध्यक्ष।
पीने के लिए गंदे पानी की सप्लाई होती है। लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है। इससे लोगों के घरों का बजट बिगड़ जाता है।
- देवेंद्र पाल शर्मा, महासचिव।
पार्किंग की सुविधा नहीं है। लोग कहीं भी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, इससे परेशानी होती है। कॉलोनी में पार्किंग बनाने की आवश्यकता है।
- अमित पचौरी, उपाध्यक्ष।
पार्क में बने फुटपाथ टूटे हैं। पार्क के अंदर लगे पेड़ों के नीचे से मिट्टी गायब होती जा रही है। कभी भी तेज हवा में पेड़ और खंभे गिर सकते हैं।
- अंकित बत्ता, संयोजक।
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में निवासियों ने कहा, पार्कों में असामाजिक तत्वों का कब्जा, सहमी रहती है महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। शाहदरा के रामनगर में बना पुलिस बूथ वर्षों से बंद है। इससे कॉलोनी में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। दावा है कि पार्क में असामाजिक तत्वों का कब्जा है। कॉलोनी में लगे ज्यादातर सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। बदमाश महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं। इसके अलावा पीने के लिए गंदे पानी की सप्लाई होती है। निवासियों ने कहा कि समस्याओं को लेकर कई बार शिकायत की जाती है, लेकिन समाधान नहीं होता है। समाधान के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलता है।
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में रविवार को आरडब्ल्यूए रामनगर के पदाधिकारियों और निवासियों ने क्षेत्र की कई समस्याएं बताईं। उस दौरान दीपक शर्मा, अमित पचौरी, देवेंद्र पाल शर्मा, अंकित बत्ता, हरिओम, रामेश्वर, लक्ष्य गंगोत्रा, अंशुमान गंगोत्रा, प्रेम वर्मा और पार्क शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। निवासियों ने दावा किया कि उन्होंने चंदा के जरिये कॉलोनी में पुलिस बूथ बनाया। इसके बावजूद यहां एक भी अधिकारी नहीं बैठते हैं। दरवाजे पर वर्षों से ताला लटका है। पास में ही श्री राम पार्क मौजूद है। पार्क में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा है। वे दिनभर पार्क के अंदर नशा करते हैं, इस वजह से महिलाएं पार्क में आने से डरती हैं। इसके अलावा तारों का मकड़जाल बना है। इंटरनेट के तार लोगों के घरों के सामने लटक रहे हैं। तारों की वजह से हादसे का खतरा है। वहीं, पूरे कॉलोनी में एक भी औषधालय नहीं है। कॉलोनी में एक डिस्पेंसरी बनाने की जरूरत है। कॉलोनी के अंदर बंदरों और कुत्तों के आतंक ने भी लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
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लोगों ने गिनाईं समस्याएं
पुलिस बूथ को यहां के निवासियों ने खुद के रुपये से बनाया है। इसके बावजूद एक भी अधिकारी इसमें नहीं बैठते हैं।
- दीपक शर्मा, अध्यक्ष।
पीने के लिए गंदे पानी की सप्लाई होती है। लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है। इससे लोगों के घरों का बजट बिगड़ जाता है।
- देवेंद्र पाल शर्मा, महासचिव।
पार्किंग की सुविधा नहीं है। लोग कहीं भी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, इससे परेशानी होती है। कॉलोनी में पार्किंग बनाने की आवश्यकता है।
- अमित पचौरी, उपाध्यक्ष।
पार्क में बने फुटपाथ टूटे हैं। पार्क के अंदर लगे पेड़ों के नीचे से मिट्टी गायब होती जा रही है। कभी भी तेज हवा में पेड़ और खंभे गिर सकते हैं।
- अंकित बत्ता, संयोजक।
